देहरादून। केंद्र सरकार ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के विशेष अनुरोध को स्वीकार करते हुए राज्य में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के तहत चल रहे कार्यों की समय-सीमा को विस्तार देने की मंजूरी दे दी है। इस फैसले के बाद प्रदेश के ग्रामीण और दुर्गम इलाकों में लंबित पड़े सड़क निर्माण कार्यों को पूरा करने का रास्ता साफ हो गया है। केंद्रीय वित्त मंत्रालय ने इस संबंध में सकारात्मक निर्णय लेते हुए नई समय-सीमा 31 मार्च 2027 निर्धारित की है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य के पहाड़ी और दूरदराज के क्षेत्रों में सड़क कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के उद्देश्य से केंद्र सरकार से यह गुजारिश की थी। उन्होंने लंबित कार्यों और वित्तीय देनदारियों के निस्तारण के लिए समय बढ़ाने की मांग की थी, जिस पर केंद्र ने अपनी मुहर लगा दी है। इस फैसले के तहत पीएमजीएसवाई के प्रथम चरण यानी पीएमजीएसवाई-I के अंतर्गत जो देनदारियां शेष रह गई थीं, उनका भुगतान अब आसानी से किया जा सकेगा। इसके साथ ही योजना के दूसरे और तीसरे चरण (पीएमजीएसवाई-II और पीएमजीएसवाई-III) के तहत जो निर्माण कार्य किन्हीं कारणों से अधूरे रह गए थे, उन्हें अब निर्धारित गुणवत्ता के साथ 31 मार्च 2027 तक पूरा करने का मौका मिलेगा।
इस महत्वपूर्ण सहयोग के लिए पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का हार्दिक आभार व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार के इस कदम से उत्तराखंड के ग्रामीण क्षेत्रों के विकास को एक नई गति और नई ऊर्जा मिलेगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि सड़कों का मजबूत जाल किसी भी क्षेत्र की प्रगति की आधारशिला होता है। सड़क संपर्क सुदृढ़ होने से न केवल ग्रामीणों की आवाजाही सुगम होगी, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य और आपातकालीन सेवाओं तक उनकी पहुंच भी बेहतर होगी।
गौरतलब है कि उत्तराखंड जैसे भौगोलिक रूप से चुनौतीपूर्ण राज्य में सड़क निर्माण के कार्यों में अक्सर कई प्राकृतिक और तकनीकी बाधाएं आती हैं, जिससे परियोजनाओं के पूरा होने में समय लग जाता है। समय-सीमा में इस विस्तार से अब संबंधित विभागों पर से दबाव कम होगा और वे रुके हुए प्रोजेक्ट्स को तेजी से धरातल पर उतार सकेंगे।
पुष्कर सिंह धामी ने विश्वास जताया कि केंद्र और राज्य की ‘डबल इंजन’ सरकार के साझा प्रयासों से आने वाले समय में उत्तराखंड के अंतिम छोर पर स्थित गांव को भी मुख्य सड़क मार्ग से जोड़ दिया जाएगा। इससे पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलने के साथ-साथ स्थानीय किसानों को अपने उत्पादों को बड़े बाजारों तक पहुँचाने में भी बड़ी मदद मिलेगी। राज्य सरकार का लक्ष्य है कि वर्ष 2027 तक सड़क कनेक्टिविटी के मोर्चे पर उत्तराखंड को देश के अग्रणी राज्यों की श्रेणी में खड़ा किया जाए।
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