देहरादून। लोक भवन देहरादून में आयोजित तीन दिवसीय वसंतोत्सव का रविवार को भव्य समापन हो गया। इस उत्सव में फूलों के प्राकृतिक सौंदर्य के साथ-साथ विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों का बड़ी संख्या में नागरिकों ने आनंद लिया। पुष्प प्रदर्शनी प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन करते हुए आईआईटी रुड़की ने सर्वाधिक श्रेणियों में पुरस्कार जीतकर इस वर्ष की ‘रनिंग ट्राफी’ (चल वैजंती) अपने नाम की। आईआईटी रुड़की ने 13 श्रेणियों में प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि ओएनजीसी 04 श्रेणियों में जीत के साथ दूसरे स्थान पर रही।
राज्यपाल लेफ्टिनेट जनरल गुरमीत सिंह (सेवानिवृत्त) और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को सम्मानित किया। इस वर्ष वसंतोत्सव में 15 श्रेणियों की 54 उप-श्रेणियों के अंतर्गत कुल 161 पुरस्कार वितरित किए गए। उत्सव में पहली बार ‘गवर्नर्स अवार्ड’ की शुरुआत की गई, जिसके तहत उत्कृष्ट कार्य करने वाले किसानों को पुरस्कृत किया गया। कृषक श्रेणी में बागेश्वर के दीपक गडिया प्रथम, रुद्रप्रयाग के कपिल शर्मा द्वितीय और पिथौरागढ़ के शुभम सिंह तृतीय रहे। महिला कृषकों में चंपावत की राधा राणा ने पहला, अल्मोड़ा की कविता मेहरा ने दूसरा और पौड़ी की शांति जुयाल ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। स्टार्टअप और नवाचार की श्रेणी में टिहरी के देवेंद्र सिंह चौहान, नैनीताल के पंकज मेहता और हरिद्वार के उज्ज्वल सैनी को क्रमशः प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान मिला।
राज्यपाल गुरमीत सिंह ने कार्यक्रम की सफलता पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि तीन दिनों में लगभग साढ़े तीन लाख लोगों का यहाँ आना ही इस आयोजन की सबसे बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि उद्यान विभाग द्वारा प्रदर्शित पुष्प न केवल सौंदर्य का प्रतीक हैं, बल्कि ये मानव के मानसिक स्वास्थ्य और संतुलन के लिए भी महत्वपूर्ण हैं। राज्यपाल ने महिला स्वयं सहायता समूहों के स्टालों की प्रशंसा करते हुए नारी शक्ति के आत्मनिर्भर प्रयासों को प्रेरणादायी बताया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने संबोधन में कहा कि वसंतोत्सव केवल एक फूलों की प्रदर्शनी नहीं है, बल्कि यह उत्तराखंड की प्राकृतिक संपदा और उभरती हरित अर्थव्यवस्था का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि राज्य में वर्तमान में लगभग 656 हेक्टेयर क्षेत्र में व्यावसायिक फूलों की खेती हो रही है, जिससे किसानों को कम लागत में अधिक लाभ मिल रहा है। मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि बागवानी को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने 1200 करोड़ रुपये की लागत से नई सेब, कीवी, मिलेट और ड्रैगन फ्रूट नीतियां लागू की हैं, जिनमें किसानों को 80 प्रतिशत तक की सब्सिडी दी जा रही है।
समापन समारोह में आईएमए और आईटीबीपी के पाइप बैंड की मधुर धुनों ने समां बांध दिया। इस अवसर पर कृषि मंत्री गणेश जोशी, विधायक खजान दास, सविता कपूर, गीता धामी, सचिव रविनाथ रामन, उद्यान सचिव एस. एन. पाण्डेय सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। यह उत्सव राज्य की समृद्ध जैव-विविधता और आत्मनिर्भरता के संकल्प को प्रदर्शित करने में सफल रहा।