लुधियाना। पंजाब के औद्योगिक शहर लुधियाना में सोमवार की सुबह एक अत्यंत दुखद और भयावह घटना सामने आई है। शहर की एक प्रसिद्ध पाना-चाबी (हैंड टूल्स) बनाने वाली फैक्ट्री में जहरीली गैस का रिसाव होने से बड़ा औद्योगिक हादसा हो गया। इस जहरीली गैस की चपेट में आने से वहां कार्यरत तीन मजदूरों की दम घुटने के कारण दर्दनाक मौत हो गई। मृतकों में एक बदनसीब पिता और उनका जवान बेटा भी शामिल है। इसके अतिरिक्त कई अन्य मजदूरों की हालत भी बिगड़ गई, जिन्हें आनन-फानन में उपचार के लिए नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।
घटना सोमवार तड़के की है जब फैक्ट्री के भीतर कामकाज अपने सामान्य ढर्रे पर चल रहा था। तभी अचानक फैक्ट्री परिसर के एक हिस्से में जहरीली गैस लीक होने लगी। प्रत्यक्षदर्शियों और वहां मौजूद कर्मचारियों के अनुसार, शुरुआत में किसी को कुछ समझ नहीं आया, लेकिन देखते ही देखते पूरी फैक्ट्री में गैस फैल गई। वहां काम कर रहे मजदूरों को अचानक आंखों में तेज जलन, सांस लेने में अत्यधिक कठिनाई और घुटन महसूस होने लगी। गैस का प्रभाव इतना तीव्र था कि फैक्ट्री के भीतर अफरा-तफरी का माहौल बन गया और लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे।
इस हृदयविदारक हादसे में मान सिंह और उनके पुत्र अमित ने अपनी जान गंवा दी। इन दोनों के साथ ही श्रीराम नामक एक अन्य मजदूर की भी जहरीली गैस की वजह से मौत हो गई। ये तीनों अन्य दिनों की तरह सोमवार सुबह भी समय पर अपनी ड्यूटी पर पहुंचे थे और अपने काम में व्यस्त थे, लेकिन उन्हें क्या पता था कि आज का दिन उनके जीवन का आखिरी दिन साबित होगा। गैस का असर इतना गहरा था कि कुछ ही पलों में ये मजदूर मौके पर ही बेहोश होकर गिर पड़े और अस्पताल पहुंचने से पहले ही उन्होंने दम तोड़ दिया।
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन, पुलिस बल और राहत एवं बचाव दल तुरंत मौके पर पहुंचे। बचाव दल ने विशेष सुरक्षा उपकरणों और मास्क का प्रयोग करते हुए फैक्ट्री के भीतर फंसे अन्य कर्मचारियों को बाहर निकाला। गंभीर अवस्था में मान सिंह और अमित को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। तीसरे मृतक श्रीराम की भी अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। अन्य प्रभावित मजदूरों की स्थिति अभी भी नाजुक बनी हुई है और वे विभिन्न अस्पतालों में चिकित्सकों की निगरानी में हैं।
हादसे की जानकारी मिलते ही मृतकों के परिवारों में कोहराम मच गया। अस्पताल परिसर में परिजनों की चीख-पुकार सुनकर वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम हो गईं। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीनों मृतकों के शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए कैंसर अस्पताल की मोर्चरी में भिजवा दिया है। प्रशासन और संबंधित विभागों की तकनीकी टीमें गैस रिसाव के वास्तविक कारणों की जांच में जुट गई हैं। अभी यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि रिसाव किसी पाइपलाइन के फटने से हुआ या फिर किसी गैस सिलेंडर में तकनीकी खराबी इसका कारण थी।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वे इस मामले में फैक्ट्री के सुरक्षा मानकों की भी जांच कर रहे हैं। यदि जांच में सुरक्षा नियमों की अनदेखी या प्रबंधन की लापरवाही पाई जाती है, तो दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस हादसे के बाद पूरे औद्योगिक क्षेत्र में शोक और सुरक्षा को लेकर चिंता का माहौल है। स्थानीय नागरिक और श्रमिक संगठन अब औद्योगिक इकाइयों में बेहतर सुरक्षा प्रबंधों और नियमित जांच की मांग उठा रहे हैं ताकि भविष्य में इस तरह की जानलेवा घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। फिलहाल, पूरा इलाका पुलिस छावनी में तब्दील है और जांच प्रक्रिया जारी है।
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