देहरादून। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को प्रदेश के वरिष्ठ नेता, पूर्व मुख्यमंत्री और महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी के निवास स्थान पर पहुंचकर उन्हें प्रतिष्ठित “पद्म भूषण” सम्मान मिलने पर हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दीं। भारत सरकार द्वारा देश के इस गौरवशाली नागरिक सम्मान के लिए उनके चयन को मुख्यमंत्री ने पूरे प्रदेश के लिए एक ऐतिहासिक क्षण बताया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस अवसर पर कहा कि भगत सिंह कोश्यारी को पद्म भूषण से सम्मानित किया जाना केवल उनके व्यक्तित्व का सम्मान नहीं है, बल्कि यह पूरे उत्तराखंड के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि यह सम्मान उनके दशकों लंबे सार्वजनिक जीवन, निस्वार्थ राष्ट्रसेवा और जनकल्याण के प्रति उनकी अटूट प्रतिबद्धता का राष्ट्रीय स्तर पर एक बड़ा सम्मान है। मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि कोश्यारी ने अपने जीवन के हर कालखंड में समाज के उत्थान के लिए कार्य किया है।
भगत सिंह कोश्यारी के योगदान की चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने अपने राजनीतिक और सार्वजनिक जीवन में हमेशा जनसेवा, सादगी और राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखा। उत्तराखंड राज्य आंदोलन में उनकी सक्रिय भूमिका से लेकर प्रदेश के मुख्यमंत्री, सांसद और फिर महाराष्ट्र के राज्यपाल जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों के निर्वहन तक, उनका सफर प्रेरणादायक रहा है। धामी ने कहा कि कोश्यारी ने एक जनप्रतिनिधि और सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में जो उच्च आदर्श स्थापित किए हैं, वे आज की युवा पीढ़ी और उभरते हुए राजनेताओं के लिए एक प्रकाश स्तंभ की तरह हैं।
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि भगत सिंह कोश्यारी का जीवन संघर्ष और समर्पण की एक उत्कृष्ट मिसाल है। उन्होंने उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान को अक्षुण्ण बनाए रखने और राज्य के विकास को नई गति प्रदान करने में अपनी दूरदर्शी सोच से महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि उनका समृद्ध अनुभव और कुशल मार्गदर्शन आने वाले लंबे समय तक समाज और प्रदेश को नई दिशा प्रदान करता रहेगा।
मुलाकात के दौरान दोनों नेताओं के बीच राज्य के विकास और अन्य समसामयिक विषयों पर भी चर्चा हुई। भगत सिंह कोश्यारी ने इस सम्मान के लिए केंद्र सरकार का आभार जताया और मुख्यमंत्री धामी की शुभकामनाओं के लिए उन्हें धन्यवाद दिया। इस अवसर पर कई अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित रहे, जिन्होंने कोश्यारी को देश के इस तीसरे सर्वोच्च नागरिक सम्मान मिलने पर अपनी खुशी जाहिर की। भगत सिंह कोश्यारी को मिला यह सम्मान उनके जीवनभर की तपस्या और सार्वजनिक क्षेत्र में किए गए उत्कृष्ट कार्यों का प्रतिफल माना जा रहा है।