नई दिल्ली। अमेरिका और इजरायल के सैन्य हमले में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला खामेनेई की मौत की खबर के बाद भारत के कई राज्यों में भारी विरोध प्रदर्शन देखने को मिल रहे हैं। उत्तर प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, दिल्ली, बिहार, पंजाब और झारखंड में लोग सड़कों पर उतर आए हैं और इस घटना के प्रति अपना कड़ा रोष व्यक्त कर रहे हैं। ऑल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड ने इस दुखद घटना के विरोध में तीन दिनों के आधिकारिक शोक की घोषणा की है।
राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर रविवार को एक बड़ी शोक सभा का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में महिलाएं और बच्चे भी शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों के हाथों में अयातुल्ला खामेनेई की तस्वीरें थीं और उन्होंने विरोध के प्रतीक के रूप में अपनी बांहों और माथे पर काली पट्टियां बांध रखी थीं। दिल्ली के ओखला इलाके में भी कई स्थानों पर प्रदर्शन हुए, जबकि जोरबाग स्थित कर्बला में देर शाम विशाल कैंडल मार्च निकाला गया। ईरान सांस्कृतिक केंद्र में आयोजित शोक सभा में विभिन्न समुदायों के लोगों ने हिस्सा लिया। जमात-ए-इस्लामी हिंद के अध्यक्ष सैयद सआहतुल्लाह हुसैनी ने इस घटना की तीखी निंदा करते हुए इसे वैश्विक शांति के लिए बड़ा खतरा बताया।
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में इस घटना का व्यापक असर देखने को मिला। पुराने लखनऊ के अधिकांश इलाकों में मुसलमान समुदाय ने अपनी दुकानें और व्यापारिक प्रतिष्ठान पूरी तरह बंद रखे। सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल पेश करते हुए कई हिंदू व्यापारियों ने भी समर्थन में अपनी दुकानें नहीं खोलीं। चौक स्थित छोटे इमामबाड़े में हजारों की भीड़ जमा हुई। इस दौरान शिया धर्मगुरु मौलाना यासूब अब्बास ने समुदाय से अपील की कि अगले तीन दिनों तक सभी लोग काले कपड़े पहनें, अपने घरों पर काले झंडे लगाएं और खामेनेई की आत्मा की शांति के लिए फातिहा पढ़ें।
जम्मू-कश्मीर में स्थिति काफी संवेदनशील बनी हुई है। रविवार को पूरी कश्मीर घाटी में विरोध प्रदर्शन हुए। विभिन्न धार्मिक संगठनों के साझा मंच मुताहिदा मजलिस-ए-उलेमा ने सोमवार को ‘कश्मीर बंद’ का आह्वान किया है। तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने एहतियात के तौर पर 2 और 3 मार्च को कश्मीर के सभी स्कूल, कॉलेज और विश्वविद्यालयों को बंद रखने का आदेश जारी किया है। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी गहरी चिंता व्यक्त की है और पुलिस व प्रशासन को स्थिति संभालने के दौरान अधिकतम संयम बरतने के निर्देश दिए हैं।
देश के अन्य हिस्सों में भी विरोध की लहर देखी गई। पंजाब के मालेरकोटला में मुस्लिम समुदाय ने विशाल रोष मार्च निकाला, वहीं लुधियाना की जामा मस्जिद के बाहर भी प्रदर्शन हुआ। बिहार के शेखपुरा में शिया और सुन्नी समुदाय के लोगों ने मिलकर कैंडल मार्च निकाला और इस हमले की निंदा की। झारखंड की राजधानी रांची में भी कर्बला चौक पर बड़ी संख्या में लोग एकत्रित हुए और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर इस सैन्य कार्रवाई के खिलाफ आवाज उठाने की मांग की। फिलहाल, सुरक्षा एजेंसियां इन सभी राज्यों में अलर्ट पर हैं ताकि शांति व्यवस्था बनी रहे।
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