शिमला। तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धरमानी ने आज विभाग और हिमाचल प्रदेश तकनीकी शिक्षा बोर्ड, धर्मशाला के साथ एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। बैठक के दौरान उन्होंने प्रदेश के युवाओं के कौशल विकास और उन्हें रोजगार के आधुनिक अवसरों से जोड़ने के लिए कई बड़ी घोषणाएं कीं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि युवाओं को उच्च गुणवत्ता वाला कौशल प्रशिक्षण मिले और वे उद्योगों की वर्तमान व भविष्य की जरूरतों के अनुसार तैयार हो सकें।
इस विजन को धरातल पर उतारने के लिए सरकार ने दो करोड़ रुपये का एक विशेष ‘इनोवेशन फंड’ स्थापित किया है। यह फंड युवाओं के नए विचारों और नवाचारों को प्रोत्साहित करने के लिए बनाया गया है, जिससे राज्य में स्टार्टअप संस्कृति और इकोसिस्टम को मजबूती मिलेगी। राजेश धरमानी ने कहा कि हिमाचल के युवाओं के पास बेहतरीन आइडियाज हैं और उन्हें सफल उद्यमी बनाने के लिए सरकार हर संभव कदम उठा रही है। उन्होंने एक ऐसी भविष्योन्मुखी तकनीकी शिक्षा प्रणाली विकसित करने पर जोर दिया जो वैश्विक औद्योगिक मांगों के अनुरूप हो।
मंत्री ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने की दिशा में भी सरकार की योजनाओं को साझा किया। उन्होंने बताया कि प्रदेश की भौगोलिक आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) में बागवानी, प्राकृतिक खेती और डेयरी टेक्नोलॉजी जैसे नए पाठ्यक्रम शुरू किए जा रहे हैं। उन्होंने बायोफार्मा क्षेत्र में नवाचार की अपार संभावनाओं का जिक्र करते हुए इस क्षेत्र में उपलब्ध अवसरों का अधिकतम लाभ उठाने की आवश्यकता जताई।
राजेश धरमानी ने तकनीकी शिक्षा बोर्ड को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी पाठ्यक्रम बाजार की मांग और रोजगार की संभावनाओं को ध्यान में रखकर तैयार किए जाएं। उन्होंने कहा कि युवाओं की रोजगार क्षमता बढ़ाने के लिए उद्योगों के साथ सीधे संपर्क और अप्रेंटिसशिप कार्यक्रमों को बढ़ावा दिया जाएगा। इसके अतिरिक्त, उन्होंने विशेष रूप से लड़कियों को तकनीकी शिक्षा के प्रति प्रोत्साहित करने के लिए एक नई छात्रवृत्ति (स्कॉलरशिप) योजना शुरू करने का भी एलान किया।
युवाओं की प्रतिभा को निखारने के लिए प्रदेश भर के सरकारी और निजी तकनीकी संस्थानों में हैकाथॉन और कौशल प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जा रहा है। साथ ही, शिक्षण व्यवस्था की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए आईटीआई और पॉलिटेक्निक संस्थानों की ग्रेडिंग भी की जा रही है। मंत्री ने एक महत्वपूर्ण सुझाव देते हुए कहा कि राज्य के सफल उद्यमियों की जीवन गाथाओं को शैक्षणिक पाठ्यक्रम में शामिल किया जाना चाहिए ताकि छात्र उनसे प्रेरणा ले सकें।
बैठक में जानकारी दी गई कि हिमुडा (HIMUDA) तकनीकी छात्रों के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करेगा, जबकि उद्योग विभाग के विशेषज्ञ युवाओं को अपना उद्यम शुरू करने के लिए मार्गदर्शन देंगे। सूचना प्रौद्योगिकी के बढ़ते महत्व को देखते हुए राजेश धरमानी ने कामकाज में आईटी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के अधिकतम उपयोग पर बल दिया। छात्रों की सुविधा के लिए बोर्ड ने एक विशेष शिकायत निवारण पोर्टल भी लॉन्च किया है। सरकार का यह समग्र प्रयास हिमाचल को तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में एक अग्रणी राज्य बनाने की ओर अग्रसर है।
Pls read:Himachal: हिमाचल सरकार ने दिल्ली और शिमला पुलिस को आमने-सामने खड़ा कर रची अराजकता- राजीव बिंदल