Punjab: पेंशनर्स सेवा पोर्टल पर लंबित मामलों को लेकर वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा सख्त और बैंकों को 31 मार्च तक का अल्टीमेटम

चंडीगढ़। पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने पेंशनर्स की समस्याओं के समाधान में हो रही देरी को लेकर सख्त रुख अपनाया है। वीरवार को पंजाब भवन में विभिन्न बैंकों के साथ एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान उन्होंने ‘पेंशनर्स सेवा पोर्टल’ (पीएसपी) पर लंबित मामलों के भारी बैकलाग पर गहरी नाराजगी जताई। वित्त मंत्री ने बैंकों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए सभी लंबित मुद्दों को सुलझाने के लिए 31 मार्च 2026 की अंतिम समय सीमा (डेडलाइन) तय कर दी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस तिथि के बाद किसी भी तरह की ढिलाई या बहानेबाजी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

बैठक के दौरान हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि बैंक पहले भी कई बार अपनी प्रतिबद्धताओं को पूरा करने में विफल रहे हैं, जिसके बाद पंजाब सरकार ने उनके अनुरोध पर समय सीमा बढ़ाई थी। उन्होंने कहा, “इतनी रियायतें देने के बावजूद कई बड़े वित्तीय संस्थानों में अभी भी भारी बैकलाग बना हुआ है। यह स्थिति अस्वीकार्य है। पेंशनर्स को प्रशासनिक अक्षमता का शिकार नहीं बनाया जा सकता।” मंत्री ने घोषणा की कि वे 15 मार्च को दोबारा समीक्षा बैठक करेंगे और जो भी बैंक 31 मार्च की समय सीमा तक सभी लंबित मामलों का निपटारा नहीं करेगा, उसके खिलाफ राज्य सरकार कड़ी कार्रवाई करेगी।

वित्त मंत्री ने डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट (जीवन प्रमाण पत्र) की अनिवार्य व्यवस्था पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि 31 अक्टूबर 2025 के निर्देशों के बावजूद कुछ बैंकों ने ‘जीवन प्रमाण पत्र’ (जेपीपी) के माध्यम से डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट स्वीकार करने के आदेशों को पूरी तरह लागू नहीं किया है। सरकार ने बैंकों को एक संदेश और पत्र का प्रारूप दिया है, जिसे उन्हें अपने डेटाबेस के माध्यम से पेंशनर्स को भेजना होगा ताकि वे जेपीपी और ई-केवाईसी (eKYC) की अनिवार्य आवश्यकताओं के प्रति जागरूक हो सकें।

पेंशनर्स की सुविधा के लिए पंजाब सरकार की ‘डोर स्टेप डिलीवरी’ (डीएसओ) पहल का जिक्र करते हुए चीमा ने बैंकों से सहयोग की अपील की। उन्होंने कहा कि आज के दौर में साइबर धोखाधड़ी और ‘डिजिटल अरेस्ट’ जैसे खतरों को देखते हुए कई बुजुर्ग पेंशनर्स घर पर सेवा लेने के बजाय बैंक शाखा में जाना अधिक सुरक्षित समझते हैं। इसलिए शाखा स्तर पर बैंकों को पूरी तरह तैयार रहना चाहिए। बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव (वित्त) आलोक शेखर ने भी बैंकों को सख्त निर्देश दिए कि वे जिला ट्रेजरी अधिकारियों द्वारा बताई गई कमियों को तुरंत दूर करें और सटीक ई-स्क्रॉल अपलोड करें।

बैठक में बैंकों को लंबित पीपीओ पीडीएफ उपलब्ध कराने, अनंतिम पेंशनरों को मंजूरी देने और 31 अक्टूबर 2025 से पहले स्वीकार किए गए मैनुअल लाइफ सर्टिफिकेट अपलोड करने के लिए समयबद्ध निर्देश दिए गए। साथ ही एनआरआई पेंशनर्स की पहचान करने और उनके नोटरीकृत जीवन प्रमाण पत्र पोर्टल पर अपलोड करने जैसे प्रशासनिक कार्यों पर भी चर्चा हुई। हरपाल सिंह चीमा ने अंत में दोहराया कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली सरकार पेंशनर्स के कल्याण और उनके वित्तीय सम्मान की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

 

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