चंडीगढ। पंजाब सरकार उन पुलिस अधिकारियों का पदक भत्ता पुनः बहाल करने के लिए तैयार हो गई है, जिन्हें उनकी वीरता के लिए सम्मानित किया गया था। पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट की सख्त टिप्पणी और हस्तक्षेप के बाद राज्य सरकार ने अदालत में स्वीकार किया कि ये अधिकारी भत्ते के वास्तविक हकदार हैं। मामले की सुनवाई करते हुए जस्टिस जगमोहन बंसल की पीठ ने आदेश दिया है कि अगले दो महीनों के भीतर इन अधिकारियों का बकाया भत्ता दोबारा शुरू किया जाए।
यह पूरा मामला पंजाब पुलिस के सेवानिवृत्त इंस्पेक्टर तलविंदर सिंह की याचिका के बाद चर्चा में आया था। तलविंदर सिंह को साल 1995 में उनकी बहादुरी के लिए प्रतिष्ठित राष्ट्रपति पुलिस वीरता पदक से नवाजा गया था। उन्हें तब से लगातार पदक भत्ता मिल रहा था, लेकिन जून 2021 की एक सरकारी अधिसूचना के बाद सितंबर 2021 से इस विशेष भत्ते को अचानक रोक दिया गया। इस फैसले को तलविंदर सिंह ने हाई कोर्ट में चुनौती दी और इसे अवैध करार देने की मांग की थी।
सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता के अधिवक्ता ने दलीलों के माध्यम से स्पष्ट किया कि वीरता पदक का भत्ता अधिकारियों का कानूनी अधिकार है और इसे किसी प्रशासनिक अधिसूचना के जरिए बंद नहीं किया जा सकता। उन्होंने पुलिस महानिदेशक द्वारा अगस्त 2023 में गृह विभाग के प्रधान सचिव को लिखे गए एक पत्र का भी उल्लेख किया, जिसमें स्वयं पुलिस विभाग ने माना था कि यह भत्ता बंद करना गलत है और इसे जारी रखा जाना चाहिए।
हाई कोर्ट ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए पहले ही राज्य सरकार से जवाब तलब किया था। अदालत ने सरकार से पूछा था कि आखिर किस आधार पर 26 साल से मिल रहे भत्ते को अचानक बंद करने का निर्णय लिया गया। हाई कोर्ट की तल्ख टिप्पणियों के बाद सरकार ने अपना रुख बदलते हुए अदालत को भरोसा दिलाया कि सेवानिवृत्त पुलिस अधिकारी के दावे को स्वीकार कर लिया गया है और अब उन्हें यह लाभ पुनः दिया जाएगा।
जस्टिस जगमोहन बंसल की पीठ ने सरकार के इस आश्वासन को रिकॉर्ड पर लेते हुए याचिका का निपटारा कर दिया। हालांकि, अदालत ने समय सीमा तय करते हुए स्पष्ट किया कि दो माह के भीतर भत्ते की बहाली और भुगतान की प्रक्रिया पूरी हो जानी चाहिए। इस फैसले से पंजाब के उन दर्जनों सेवानिवृत्त और सेवारत पुलिस अधिकारियों को बड़ी राहत मिली है जिन्होंने अपनी जान जोखिम में डालकर देश की सेवा की और वीरता पदक हासिल किए। यह निर्णय पुलिस बल के मनोबल को बढ़ाने वाला और उनके सम्मान की रक्षा करने वाला माना जा रहा है।