Uttarakhand: देवभूमि की जनभावनाओं के अनुरूप ऐतिहासिक निर्णय ले रही राज्य सरकार बोले पुष्कर सिंह धामी – The Hill News

Uttarakhand: देवभूमि की जनभावनाओं के अनुरूप ऐतिहासिक निर्णय ले रही राज्य सरकार बोले पुष्कर सिंह धामी

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को देहरादून के मालसी स्थित एक होटल में आयोजित ‘हिन्दुस्तान शिखर समागम-उत्तराखण्ड 2026’ में शिरकत की। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि राज्य सरकार जनभावनाओं और जनअपेक्षाओं को ध्यान में रखते हुए प्रदेश के विकास के लिए निरंतर समर्पित भाव से कार्य कर रही है। पिछले चार वर्षों के कार्यकाल के दौरान राज्य सरकार ने कई ऐसे साहसिक और ऐतिहासिक निर्णय लिए हैं, जो प्रदेश की दिशा और दशा बदलने में सहायक सिद्ध हुए हैं।

संबोधन के दौरान पुष्कर सिंह धामी ने सरकार की उपलब्धियों को रेखांकित करते हुए कहा कि उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करना, सख्त धर्मांतरण विरोधी कानून बनाना और मदरसा बोर्ड को समाप्त करना जैसे कदम सनातन की इस पुण्यभूमि की सुरक्षा के लिए उठाए गए हैं। उन्होंने कहा कि नकल विरोधी कानून और दंगा रोधी कानून के माध्यम से प्रदेश में सुशासन स्थापित करने का प्रयास किया गया है। इसके साथ ही, धार्मिक स्थलों के नाम पर किए गए अवैध अतिक्रमण के खिलाफ सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है ताकि उत्तराखंड की शांति और पहचान बनी रहे।

यूसीसी का विशेष उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि 2022 के विधानसभा चुनाव से पहले जनता से किया गया यह वादा सरकार बनते ही पहली कैबिनेट बैठक में पूरा करने की दिशा में कदम बढ़ाए गए थे। इसके लिए गठित समिति की रिपोर्ट के आधार पर उत्तराखंड देश का पहला राज्य बना जिसने समान नागरिक संहिता को धरातल पर उतारा। आगामी आयोजनों पर चर्चा करते हुए उन्होंने बताया कि 2027 में हरिद्वार में ‘भव्य एवं दिव्य कुंभ’ का आयोजन किया जाएगा। इसकी तैयारियों के लिए वे स्वयं 10 से अधिक समीक्षा बैठकें कर चुके हैं। इस महाआयोजन के लिए केंद्र सरकार ने 500 करोड़ रुपये की पहली किस्त भी जारी कर दी है, जिसके लिए उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त किया।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि उनकी सरकार ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ के मूल मंत्र पर काम कर रही है और किसी के साथ भेदभाव नहीं किया जाता। हालांकि, उन्होंने चेतावनी दी कि छद्म तरीकों से देवभूमि की जनसांख्यिकी (डेमोग्राफी) बदलने की कोशिश करने वालों के खिलाफ सरकार की सख्ती जारी रहेगी। आर्थिक प्रगति का ब्यौरा देते हुए उन्होंने कहा कि नई खनन नीति के कारण राज्य का राजस्व 400 करोड़ से बढ़कर अब सालाना 1200 करोड़ रुपये से अधिक हो गया है। इस क्षेत्र में हुए सुधारों के लिए केंद्र सरकार ने उत्तराखंड को लगातार दो वर्षों तक 100-100 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की है।

समागम के दौरान पुष्कर सिंह धामी ने विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली विभूतियों को ‘उत्तराखण्ड गौरव सम्मान’ से सम्मानित भी किया। इस कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, विधायक खजानदास, हिन्दुस्तान के प्रधान संपादक शशि शेखर और कई अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि आने वाले समय में उत्तराखंड विकास के नए कीर्तिमान स्थापित करेगा।

 

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