Punjab: पंजाब कैबिनेट का बड़ा फैसला अब 40 लाख परिवारों को गेहूं के साथ मिलेगा तेल और राशन – The Hill News

Punjab: पंजाब कैबिनेट का बड़ा फैसला अब 40 लाख परिवारों को गेहूं के साथ मिलेगा तेल और राशन

चंडीगढ़। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की अध्यक्षता में सोमवार को हुई पंजाब कैबिनेट की बैठक में राज्य के गरीब और मध्यम वर्ग के लिए कई बड़े ऐतिहासिक फैसलों पर मुहर लगाई गई। कैबिनेट ने ‘पंजाब सरकार खाद्य कार्यक्रम’ को मंजूरी दी है, जिसके तहत राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (एनएफएसए) के दायरे में आने वाले राज्य के 40 लाख परिवारों को अब केवल गेहूं ही नहीं, बल्कि चीनी, सरसों का तेल और नमक भी उपलब्ध कराया जाएगा। यह योजना अप्रैल महीने से प्रभावी होगी, जिससे जरूरतमंद परिवारों को बेहतर पोषण सुनिश्चित हो सकेगा और उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार होगा।

राज्य की वित्तीय स्थिति को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से कैबिनेट ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए नई आबकारी नीति को भी मंजूरी दी है। सरकार ने इस वर्ष 12,800 करोड़ रुपये के राजस्व संग्रह का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है, जो पिछले वर्ष के संशोधित लक्ष्य से लगभग 1,600 करोड़ रुपये अधिक है। वर्तमान सरकार के कार्यकाल की शुरुआत में यह राजस्व करीब 6,200 करोड़ रुपये था, जिसे अगले पांच वर्षों में दोगुना करने का लक्ष्य रखा गया है ताकि जनकल्याणकारी योजनाओं के लिए पर्याप्त धन उपलब्ध रहे।

किसानों के हित में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए कैबिनेट ने 2025 के मानसून के दौरान आई बाढ़ से प्रभावित उन किसानों को मुआवजा देने का निर्णय लिया है, जो सरकारी जमीनों पर खेती कर रहे हैं। मानवीय आधार पर यह राहत केवल एक बार के लिए दी जाएगी। इसके लिए सरपंच, नंबरदार और पटवारी की एक कमेटी जमीन पर काबिज किसान की पात्रता की जांच करेगी।

स्वास्थ्य क्षेत्र को मजबूती देने के लिए स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग में स्टाफ नर्सों के 361 रिक्त पदों को पुनर्जीवित कर भरने की मंजूरी दी गई है। इसमें विशेष रियायत देते हुए फैसला लिया गया कि कोविड महामारी के दौरान अपनी सेवाएं देने वाले वॉलंटियर्स और अनुबंध पर काम करने वाले कर्मचारियों को सीधी भर्ती में आयु सीमा में छूट और अतिरिक्त अंक दिए जाएंगे। यह लाभ 31 दिसंबर 2026 तक होने वाली भर्तियों में लागू रहेगा।

अपराध पर अंकुश लगाने के लिए कैबिनेट ने वांछित अपराधियों को पकड़ने हेतु एक पारदर्शी ‘इनाम नीति’ को भी हरी झंडी दी है, जिससे सूचना देने वालों और पुलिस बल को प्रोत्साहन मिलेगा। इसके अलावा, विभिन्न सरकारी विभागों और सार्वजनिक उपक्रमों के लिए ओटीएस योजना की समय सीमा 30 जून 2026 तक बढ़ा दी गई है। पंजाब विधानसभा का बजट सत्र 6 मार्च से 16 मार्च तक चलेगा, जिसमें 8 मार्च को राज्य का बजट पेश किया जाएगा। साथ ही, बेहतर निगरानी और त्वरित निर्णय लेने के लिए आर्थिक नीति और योजना बोर्ड में उपाध्यक्षों की संख्या तीन से बढ़ाकर पांच कर दी गई है।

 

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