माखू (फिरोजपुर)। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बुधवार को फिरोजपुर फीडर नहर के पुनर्निर्माण और रिलाइनिंग के पहले चरण का उद्घाटन किया। इसे मालवा क्षेत्र के किसानों के लिए एक ऐतिहासिक उपहार बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह परियोजना पंजाब के जल भविष्य को सुरक्षित करने की दिशा में एक निर्णायक कदम है। उन्होंने इस नहर को मालवा की जीवन रेखा करार दिया और कहा कि इससे फिरोजपुर, फरीदकोट, श्री मुक्तसर साहिब और फाजिल्का जिलों के किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध होगा।
180 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना से नहर की क्षमता 11,192 क्यूसेक से बढ़कर 13,873 क्यूसेक हो गई है, जो कि 2,681 क्यूसेक की बड़ी वृद्धि है। भगवंत मान ने पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि पिछले 74 वर्षों में किसी ने भी इस नहर की क्षमता बढ़ाने या कंक्रीट लाइनिंग करने की सुध नहीं ली। उन्होंने बताया कि जब उनकी सरकार ने कार्यभार संभाला था, तब राज्य के केवल 21 प्रतिशत खेतों तक ही नहरी पानी पहुंचता था, जो अब बढ़कर 68 प्रतिशत हो गया है। आगामी धान के सीजन तक इसे 85 प्रतिशत तक ले जाने का लक्ष्य है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस रिलाइनिंग कार्य को ‘वॉर मोड’ पर पूरा किया गया है, जहां इंजीनियरों और 4,000 श्रमिकों ने महज 35 दिनों में 15 किलोमीटर लंबी नहर की लाइनिंग का काम पूरा किया। इस परियोजना से गिदड़बाहा, माखू, जलालाबाद और गुरु हर सहाय समेत 14 ब्लॉकों के 6,45,200 हेक्टेयर क्षेत्र को सीधा लाभ मिलेगा। उन्होंने यह भी बताया कि अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे फाजिल्का और जलालाबाद के सीमावर्ती इलाकों तक अब नहरी पानी की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित होगी।
जल बंटवारे के मुद्दे पर अपना रुख स्पष्ट करते हुए भगवंत मान ने दोहराया कि पंजाब के पास किसी अन्य राज्य को देने के लिए अतिरिक्त पानी नहीं है। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों ने राज्य के हितों के साथ विश्वासघात किया, लेकिन वर्तमान सरकार पंजाब के पानी की एक भी बूंद बाहर नहीं जाने देगी। उन्होंने एसवाईएल (SYL) मुद्दे पर कहा कि इसका समाधान केवल ‘यमुना सतलुज लिंक’ के जरिए ही संभव है।
मुख्यमंत्री ने सीमावर्ती क्षेत्र के किसानों के लिए एक और बड़ी खुशखबरी देते हुए बताया कि केंद्र सरकार ने अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास लगी बाड़ (Border Fence) को सीमा के और करीब ले जाने की सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। इससे बाड़ के पार फंसी हजारों एकड़ उपजाऊ जमीन पर खेती करना आसान हो जाएगा और किसानों को होने वाली रोजमर्रा की परेशानियों से मुक्ति मिलेगी।
सरकार की अन्य उपलब्धियों का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि राज्य के 90 प्रतिशत घरों को मुफ्त बिजली मिल रही है और मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत हर परिवार को 10 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज दिया जा रहा है। उन्होंने नशे के खिलाफ ‘युद्ध’ का आह्वान करते हुए कहा कि ड्रग माफिया की संपत्तियां जब्त की जा रही हैं और जल्द ही पंजाब को पूरी तरह नशा मुक्त बनाया जाएगा। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री वरिंदर गोयल, डॉ. बलजीत कौर और गुरमीत सिंह खुडियां भी उपस्थित थे।
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