अल्मोड़ा। उत्तराखंड पुलिस के एक जांबाज अधिकारी ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी विशिष्ट पहचान बनाते हुए प्रदेश का मान बढ़ाया है। अल्मोड़ा पुलिस में रिजर्व इंस्पेक्टर (आरआई) के पद पर तैनात रमेश चंद्र गैरोला को उनकी शानदार सेवाओं के लिए ‘राष्ट्रपति उत्कृष्ट सेवा पदक’ से नवाजा गया है। नई दिल्ली स्थित एसपीजी कॉम्प्लेक्स में आयोजित एक विशेष और भव्य समारोह के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वयं अपने हाथों से उन्हें यह प्रतिष्ठित सम्मान प्रदान किया। यह सम्मान रमेश चंद्र गैरोला को विशेष सुरक्षा समूह (एसपीजी) में उनके नौ वर्षों के सफल और सराहनीय कार्यकाल के लिए दिया गया है।
रमेश चंद्र गैरोला की इस उपलब्धि ने न केवल अल्मोड़ा पुलिस बल्कि पूरे उत्तराखंड पुलिस विभाग को गौरवान्वित किया है। उनकी नौ वर्षों की कर्तव्यपरायणता, कार्य के प्रति अटूट निष्ठा और अनुशासन को देखते हुए इस पदक के लिए उनका चयन किया गया। एसपीजी जैसे संवेदनशील और महत्वपूर्ण सुरक्षा संगठन में सेवाएं देना अपने आप में चुनौतीपूर्ण कार्य है, और वहां उत्कृष्ट प्रदर्शन कर देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मानों में से एक प्राप्त करना उनकी कार्यकुशलता का जीता-जागता प्रमाण है।
इस गौरवपूर्ण अवसर की सबसे बड़ी विशेषता यह रही कि रमेश चंद्र गैरोला को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों दूसरी बार सम्मानित होने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है। इससे पहले वर्ष 2023 में भी उनकी तकनीकी दक्षता को पहचान मिली थी। उस समय एसपीजी में अपनी उत्कृष्ट सेवाएं प्रदान करने के लिए उन्हें ‘बेस्ट टेक्निकल ऑफिसर’ के पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। मात्र एक वर्ष के भीतर ही राष्ट्रीय स्तर पर लगातार दूसरी बार सम्मानित होना उनके करियर में एक बड़ा मील का पत्थर साबित हुआ है और उन्होंने पुलिस सेवा में एक गौरवशाली इतिहास रच दिया है।
समारोह के बाद रमेश चंद्र गैरोला की इस बड़ी सफलता पर स्थानीय स्तर पर भी खुशी का माहौल है। अल्मोड़ा के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक चंद्रशेखर घोड़के ने इस उपलब्धि पर हर्ष व्यक्त करते हुए उन्हें विशेष रूप से बधाई दी। चंद्रशेखर घोड़के ने उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि रमेश चंद्र गैरोला ने अपनी मेहनत से विभाग का सिर ऊंचा किया है। इसके साथ ही अल्मोड़ा जनपद के समस्त पुलिस परिवार ने भी अपने साथी अधिकारी की इस ऐतिहासिक सफलता पर प्रसन्नता जाहिर की है और उन्हें अपनी शुभकामनाएं प्रेषित की हैं।
रमेश चंद्र गैरोला की यह सफलता उत्तराखंड के युवा पुलिसकर्मियों और अधिकारियों के लिए प्रेरणा का एक बड़ा स्रोत बनकर उभरी है। यह सम्मान यह संदेश देता है कि यदि कोई अधिकारी अपनी ड्यूटी के प्रति पूरी तरह समर्पित और निष्ठावान रहे, तो उसे राष्ट्रीय स्तर पर सर्वोच्च पहचान अवश्य मिलती है। यह उपलब्धि उत्तराखंड पुलिस की कार्यक्षमता, प्रशिक्षण और समर्पण को भी वैश्विक पटल पर मजबूती से स्थापित करती है। भविष्य में रमेश चंद्र गैरोला की यह कार्यशैली पुलिस विभाग के अन्य कर्मियों को भी अपने कर्तव्यों का निर्वहन पूरी ईमानदारी और जोश के साथ करने के लिए प्रेरित करती रहेगी। फिलहाल, उनकी इस उपलब्धि की चर्चा पूरे प्रदेश के पुलिस महकमे में हो रही है।