गोरखपुर। उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में एक किशोरी को होटल और स्पा सेंटर में बंधक बनाकर उसके साथ दुष्कर्म करने के सनसनीखेज मामले में एक नया और चौंकाने वाला घटनाक्रम सामने आया है। इस मामले में अब इंटरनेट मीडिया पर पीड़िता का एक वीडियो तेजी से प्रसारित हो रहा है, जिसने पुलिस प्रशासन और स्थानीय लोगों के बीच खलबली मचा दी है। इस वीडियो में पीड़ित किशोरी अपने हाथ की नस काटती हुई दिखाई दे रही है। वीडियो के सार्वजनिक होने के बाद पुलिस महकमे में हलचल तेज हो गई है और मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए जांच का दायरा बढ़ा दिया गया है। हालांकि, पुलिस का इस पूरे प्रकरण पर कहना है कि यह वीडियो उस मुख्य घटना से पहले का है जिसके लिए मुकदमा दर्ज किया गया है।
वीडियो के साथ ही किशोरी का इंस्टाग्राम अकाउंट भी इंटरनेट मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। जांच में सामने आया है कि इस अकाउंट पर कुल 57 पोस्ट किए गए हैं, जबकि इसके केवल 5 फालोअर हैं और यह अकाउंट 86 लोगों को फालो कर रहा है। पुलिस ने इस इंस्टाग्राम अकाउंट को एक महत्वपूर्ण डिजिटल साक्ष्य मानते हुए अपने कब्जे में ले लिया है और इसे सुरक्षित कर दिया है। अब पुलिस की टेक्निकल टीम इस अकाउंट पर मौजूद पोस्ट, रील और अन्य गतिविधियों की बारीकी से समीक्षा कर रही है। इसके साथ ही किशोरी के वाट्सएप चैट, काल डिटेल और लोकेशन हिस्ट्री की भी गहन फोरेंसिक जांच कराई जा रही है। इस जांच का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि किशोरी किन लोगों के निरंतर संपर्क में थी, उसकी मानसिक स्थिति क्या थी और हाथ की नस काटने वाला यह वीडियो किन परिस्थितियों में बनाया गया था।
मामले की गहराई से छानबीन कर रही पुलिस को जांच के दौरान एक और महिला आरोपित के बारे में सुराग मिला है। बताया जा रहा है कि यह महिला उस स्पा सेंटर में काम करती थी, जहाँ सिमरन नामक महिला आरोपित पहले से कार्यरत थी। सिमरन को इस मामले में पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। पुलिस को पुख्ता संदेह है कि पीड़िता को एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाने और उसे अवैध रूप से रोके रखने में इस नई महिला आरोपित की भी सक्रिय भूमिका रही है। पुलिस टीम अब इस महिला के खिलाफ साक्ष्य जुटाने में लगी है और जैसे ही इसके विरुद्ध पर्याप्त सबूत मिल जाएंगे, इसकी भी गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाएगी।
गोरखपुर के इस चर्चित और जघन्य प्रकरण में अब तक कुल आठ आरोपितों को पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है, जिनमें एक महिला भी शामिल है। जेल भेजे गए इन आरोपितों में होटल का मालिक, होटल मैनेजर, स्पा सेंटर का संचालक और वे लोग शामिल हैं जो इंटरनेट मीडिया के जरिए किशोरी के संपर्क में आए थे। पुलिस ने इन सभी के खिलाफ गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया है और इनके पिछले आपराधिक रिकॉर्ड की भी तलाश की जा रही है। पुलिस की सक्रियता और अब तक की गई कार्रवाइयों से यह स्पष्ट है कि प्रशासन इस मामले में किसी भी अपराधी को बख्शने के मूड में नहीं है।
सीओ गोरखनाथ रवि कुमार सिंह ने इस पूरे मामले की जानकारी देते हुए बताया कि इंटरनेट मीडिया पर जो वीडियो प्रसारित हो रहा है, उसकी तकनीकी जांच कराई जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वीडियो की सत्यता और उसके समय की जांच के बाद ही किसी अंतिम नतीजे पर पहुंचा जा सकेगा। रवि कुमार सिंह के अनुसार, डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर जो भी नए तथ्य प्रकाश में आएंगे, उनके अनुसार दोषियों के विरुद्ध सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या किशोरी पर किसी प्रकार का दबाव बनाया गया था या उसे किसी बड़े गिरोह ने अपने जाल में फंसाया था।
गोरखपुर की इस घटना ने एक बार फिर स्पा सेंटरों और होटलों में होने वाली संदिग्ध गतिविधियों पर सवालिया निशान लगा दिए हैं। पुलिस अब जिले के अन्य स्पा सेंटरों और होटलों की भी निगरानी कर रही है ताकि इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके। पीड़िता के इंस्टाग्राम और अन्य सोशल मीडिया खातों की जांच से कई अन्य महत्वपूर्ण राज खुलने की उम्मीद है, जिससे इस मामले की गुत्थी सुलझाने में मदद मिलेगी। फिलहाल, पुलिस की टीमें फरार चल रही महिला आरोपित की तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं और जल्द ही उसे भी हिरासत में लिए जाने की संभावना है। स्थानीय लोगों में इस घटना को लेकर गहरा आक्रोश है और वे सभी आरोपितों के लिए कड़ी से कड़ी सजा की मांग कर रहे हैं। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि जांच पूरी तरह निष्पक्ष होगी और पीड़िता को हर हाल में न्याय दिलाया जाएगा।