Uttarakhand: जमरानी बांध परियोजना का मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने किया निरीक्षण और जून 2029 तक पूरा होगा काम – The Hill News

Uttarakhand: जमरानी बांध परियोजना का मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने किया निरीक्षण और जून 2029 तक पूरा होगा काम

नैनीताल। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नैनीताल जनपद के अपने प्रवास के दौरान गोला नदी पर निर्माणाधीन जमरानी बहुउद्देशीय बांध परियोजना का स्थलीय निरीक्षण किया। सिंचाई और पेयजल आपूर्ति की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही इस परियोजना के कार्यों की प्रगति का जायजा लेते हुए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों और तकनीकी विशेषज्ञों के साथ विस्तार से चर्चा की। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट संदेश दिया कि यह परियोजना क्षेत्रवासियों के लिए केवल एक निर्माण कार्य नहीं है, बल्कि दशकों पुरानी जनभावनाओं और विकास की आकांक्षाओं का प्रतीक है। उन्होंने निर्देश दिए कि निर्माण कार्यों में उच्च गुणवत्ता मानकों का कड़ाई से पालन किया जाए और पूरी परियोजना को निर्धारित समय सीमा के भीतर संपन्न किया जाए।

जमरानी बांध के महत्व पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह परियोजना प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा उत्तराखंड के लोगों को दी गई एक ऐतिहासिक सौगात है। उन्होंने प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि केंद्र सरकार के सकारात्मक सहयोग और निरंतर संवाद के कारण ही उन पर्यावरणीय और तकनीकी बाधाओं को दूर किया जा सका, जो सालों से इस प्रोजेक्ट की राह में रोड़ा बनी हुई थीं। मुख्यमंत्री ने उन स्थानीय निवासियों और जनप्रतिनिधियों को भी धन्यवाद दिया जिन्होंने इस महत्वाकांक्षी योजना को आगे बढ़ाने में अपना निरंतर सहयोग दिया।

पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उनकी सरकार की कार्यशैली ‘शब्दों में नहीं, बल्कि कार्यों में’ विश्वास करने की है। उन्होंने आश्वस्त किया कि राज्य की किसी भी जनकल्याणकारी योजना को कागजों तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि उन्हें धरातल पर उतारना ही उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री ने दृढ़ता के साथ कहा कि जनहित के विकास कार्यों में न तो कोई प्रशासनिक अड़चन आने दी जाएगी और न ही धनराशि की कमी को बाधा बनने दिया जाएगा। जमरानी बांध को उन्होंने उत्तराखंड को देश का श्रेष्ठ राज्य बनाने की दिशा में एक ‘मील का पत्थर’ करार दिया।

परियोजना के लाभों के बारे में बात करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि बांध के निर्माण से कुमाऊं के तराई क्षेत्रों में सिंचाई की सुविधा सुदृढ़ होगी और क्षेत्र में पेयजल की समस्या का स्थायी समाधान निकलेगा। इसके अतिरिक्त, इस बांध से स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर खुलेंगे और क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों को जबरदस्त बढ़ावा मिलेगा। बिजली उत्पादन की संभावनाओं पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि स्थानीय लोगों की मांग को ध्यान में रखते हुए वे केंद्र सरकार से इस बारे में वार्ता करेंगे ताकि इस बहुउद्देशीय परियोजना से विद्युत लाभ भी प्राप्त किया जा सके। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि इस बांध का लाभ केवल उत्तराखंड को ही नहीं, बल्कि पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश के किसानों को भी मिलेगा।

निरीक्षण के दौरान जमरानी बांध परियोजना के महाप्रबंधक महेश खरे ने तकनीकी प्रगति के बारे में मुख्यमंत्री को विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि परियोजना के तहत बनाई जा रही दो टनलों (सुरंगों) का काम लगभग 88 प्रतिशत पूरा हो चुका है। नदी के जल प्रवाह को मोड़ने के लिए ‘कॉफर डैम’ का निर्माण भी तेजी से चल रहा है। महाप्रबंधक के अनुसार, जून 2026 तक टनल निर्माण और कृत्रिम डैम का कार्य पूरा कर लिया जाएगा, जिससे आगामी मानसून के दौरान नदी के पानी को टनलों के माध्यम से मोड़ा जा सके। इसके बाद मुख्य और स्थायी बांध के निर्माण का कार्य युद्ध स्तर पर शुरू होगा। पूरी परियोजना को जून 2029 तक मुकम्मल करने का लक्ष्य रखा गया है।

मुख्यमंत्री के इस दौरे के समय कई वरिष्ठ नेता और प्रशासनिक अधिकारी भी उनके साथ मौजूद थे। इनमें कालाढुंगी विधायक बंशीधर भगत, जिला पंचायत अध्यक्ष दीपा दर्मवाल, कुमाऊं मण्डलायुक्त दीपक रावत, जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. मंजूनाथ टी.सी. शामिल थे। स्थानीय जनप्रतिनिधियों और नागरिकों ने भी मुख्यमंत्री का स्वागत किया और जमरानी बांध के निर्माण में आ रही तेजी पर अपनी खुशी जाहिर की। मुख्यमंत्री ने अंत में दोहराया कि जमरानी बांध सिंचाई और पेयजल के क्षेत्र में राज्य के लिए एक नई समृद्धि लेकर आएगा और पूरे क्षेत्र की आर्थिक व सामाजिक तस्वीर को बदल देगा।

 

Pls reaD:Uttarakhand: मुख्यमंत्री धामी के कार्यकाल में साढ़े अट्ठाइस हजार से अधिक युवाओं को मिली सरकारी नौकरी

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *