लखनऊ।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने केंद्र सरकार द्वारा पेश किए गए वार्षिक बजट 2026-27 का जोरदार स्वागत किया है। सोमवार को अपने सरकारी आवास पर प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना की उपस्थिति में मीडिया को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन वाला बजट करार दिया। उन्होंने कहा कि यह बजट न केवल देश को ‘विकसित भारत’ की ओर ले जाएगा, बल्कि उत्तर प्रदेश के आम नागरिकों के जीवन को सरल और सुगम बनाने में भी मील का पत्थर साबित होगा। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य का आगामी बजट भी इसी तर्ज पर तैयार किया जाएगा, जिसमें विकसित उत्तर प्रदेश की स्पष्ट झलक दिखाई देगी।
मुख्यमंत्री ने बजट के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा करते हुए बताया कि इसमें समाज के हर वर्ग, विशेष रूप से युवा, महिला, किसान और गरीब वर्ग का विशेष ध्यान रखा गया है। उन्होंने सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) सेक्टर के लिए 10 हजार करोड़ रुपये के आवंटन की सराहना करते हुए कहा कि इससे उत्तर प्रदेश के कारीगरों और उनके उत्पादों को वैश्विक स्तर पर पहचान मिलेगी। उन्होंने बताया कि राज्य की ‘एक जनपद-एक उत्पाद’ (ओडीओपी) योजना के तहत उत्पादों का निर्यात पहले ही शुरू हो चुका है और इस बजट से पैकेजिंग व इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में नए अवसर पैदा होंगे। बजट में सात नए रेल कॉरिडोर का प्रावधान उत्तर प्रदेश को लॉजिस्टिक का एक बड़ा केंद्र बनाने में सहायक सिद्ध होगा, विशेषकर अयोध्या से हल्दिया के बीच जलमार्ग के उपयोग को इससे नई गति मिलेगी।
स्वास्थ्य और तकनीकी क्षेत्र में उत्तर प्रदेश की बढ़ती भूमिका का जिक्र करते हुए योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश 10 हजार करोड़ रुपये के ‘बायोफार्मा’ का ग्लोबल हब बनने की ओर अग्रसर है। इसके लिए जल्द ही एक अंतरराष्ट्रीय स्तर के फार्मा कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने डेटा सेंटर और महिला कार्यबल की सुरक्षा के लिए बजट में किए गए प्रावधानों, जैसे छात्राओं के लिए सुरक्षित हॉस्टल और शिक्षा को बढ़ावा देने वाली योजनाओं का स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि बजट में 15 पुरातत्व स्थलों (आर्कलॉजिकल साइट्स) के विकास के लिए अलग से धन की व्यवस्था होने से उत्तर प्रदेश में धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन की रफ्तार और तेज होगी।
औद्योगिक विकास पर बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रेटर नोएडा और अन्य अथॉरिटी क्षेत्रों में सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट उद्योग को इस बजट से बड़ा प्रोत्साहन मिलेगा। अर्बन इंफ्रास्ट्रक्चर और 98 जिला स्तरीय अस्पतालों के सुधार के लिए भी यह बजट अत्यंत सहयोगी सिद्ध होगा। उन्होंने बजट में शुरू की गई ‘समर्थ’ योजना की विशेष रूप से सराहना की, जिससे खेल और खेल से जुड़े उद्योगों को लाभ होगा। उन्होंने घोषणा की कि मेरठ को स्पोर्ट्स प्रोडक्ट के बड़े क्लस्टर के रूप में विकसित किया जाएगा और हर मंडल स्तर पर एक स्पोर्ट्स कॉलेज बनाया जाएगा ताकि युवाओं को खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ने का मौका मिले।
मुख्यमंत्री ने कर्तव्य भवन में प्रस्तुत इस पहले बजट के लिए प्रधानमंत्री मोदी और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि 12 लाख करोड़ रुपये से अधिक का विकास खर्च और आयकर सुधारों की दिशा में उठाए गए कदम, जैसे फार्मों का सरलीकरण, आम नागरिकों के लिए बड़ी राहत लेकर आएंगे। योगी आदित्यनाथ ने अंत में जोर देकर कहा कि यह बजट नए और विकसित भारत की संकल्पना को स्पष्ट करता है और युवाओं के सपनों को नई उड़ान देने वाला है। उनके अनुसार, यह बजट भारतीय अर्थव्यवस्था को दुनिया की सबसे तेज गति से बढ़ने वाली शक्ति के रूप में स्थापित करने वाला एक दूरदर्शी दस्तावेज है।