नई दिल्ली, 02 फरवरी।
कुख्यात अमेरिकी यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन से जुड़े गोपनीय दस्तावेजों के नए सेट ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय राजनीति और व्यापारिक जगत में भूचाल ला दिया है। अमेरिकी न्याय विभाग ने शुक्रवार, 30 जनवरी को इन फाइलों को सार्वजनिक किया है। इन दस्तावेजों के सामने आने के बाद कई ऐसी वैश्विक हस्तियों के नाम उजागर हुए हैं, जिनके एपस्टीन के साथ संबंधों के बारे में दुनिया को पहले जानकारी नहीं थी। हालांकि, न्याय विभाग और कानूनी विशेषज्ञों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि इन फाइलों में नाम आने का अर्थ यह कतई नहीं है कि उन व्यक्तियों पर एपस्टीन के अपराधों में शामिल होने या किसी गलत काम का औपचारिक रूप से आरोप लगाया गया है।
क्या हैं एपस्टीन फाइल्स और क्यों है इनका महत्व?
एपस्टीन फाइल्स उन सरकारी दस्तावेजों का संग्रह है, जो जेफ्री एपस्टीन द्वारा संचालित यौन तस्करी और शोषण के विस्तृत नेटवर्क की जांच के दौरान तैयार किए गए थे। इन दस्तावेजों को पारदर्शिता कानून के तहत सार्वजनिक किया गया है ताकि दुनिया के सामने उस भयावह सच की परतें खुल सकें, जो लंबे समय तक बंद कमरों और निजी द्वीपों तक सीमित था। इस नए खुलासे की व्यापकता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसमें कुल मिलाकर 30 लाख से ज्यादा पन्ने शामिल हैं। इन पन्नों के साथ-साथ जांच एजेंसियों ने लगभग 2 हजार से अधिक वीडियो और करीब 1 लाख 80 हजार तस्वीरें भी साझा की हैं। हालांकि, प्रशासन ने इस बात का विशेष ध्यान रखा है कि इस प्रक्रिया में पीड़ितों की पहचान उजागर न हो, इसलिए कई संवेदनशील हिस्सों को अभी भी सार्वजनिक नहीं किया गया है।
जेफ्री एपस्टीन का उदय और पतन
जेफ्री एपस्टीन केवल एक साधारण अमेरिकी फाइनेंसर नहीं था, बल्कि वह एक ऐसा व्यक्ति था जिसने अपनी दौलत और रसूख के दम पर दुनिया के सबसे अमीर, ताकतवर और मशहूर लोगों के साथ गहरे संबंध स्थापित किए थे। उसकी जीवनशैली जितनी चकाचौंध भरी थी, उसका पीछे का सच उतना ही काला था। एपस्टीन पर नाबालिग लड़कियों के यौन शोषण और उनके साथ मानव तस्करी करने के गंभीर आरोप लगे थे। जांच में यह तथ्य सामने आया कि वह आर्थिक रूप से कमजोर या महत्वाकांक्षी लड़कियों को बेहतर शिक्षा, नौकरी और पैसों का लालच देकर अपने जाल में फंसाता था। एक बार जब वे लड़कियां उसके नियंत्रण में आ जाती थीं, तो उनका शारीरिक और मानसिक शोषण किया जाता था।
एपस्टीन को पहली बार 2008 में दोषी ठहराया गया था, लेकिन अपने ऊंचे संपर्कों के कारण वह जल्द ही जेल से बाहर आ गया। हालांकि, न्याय के पहिए धीरे ही सही लेकिन चलते रहे और 2019 में उसे दोबारा गिरफ्तार किया गया। इसी साल न्यूयॉर्क की एक जेल में मुकदमे की सुनवाई के दौरान उसे मृत पाया गया, जिसे आधिकारिक तौर पर आत्महत्या करार दिया गया। उसकी मौत के बाद भी उससे जुड़े रहस्यों का उजागर होना जारी है।
एपस्टीन आइलैंड और अपराधों का गढ़
दस्तावेजों में जिस स्थान का सबसे अधिक जिक्र मिलता है, वह है ‘लिटिल सेंट जेम्स आइलैंड’। यह यूएस वर्जिन आइलैंड्स में स्थित एक निजी द्वीप था, जिसे अब पूरी दुनिया ‘एपस्टीन आइलैंड’ के नाम से जानती है। यह द्वीप एपस्टीन के काले कारनामों का मुख्य केंद्र था। पीड़ितों के बयानों के अनुसार, इसी एकांत द्वीप पर वीआईपी मेहमानों की मौजूदगी में यौन अपराधों को अंजाम दिया जाता था। इस द्वीप की भौगोलिक स्थिति ऐसी थी कि वहां होने वाली गतिविधियों की खबर बाहरी दुनिया को नहीं लग पाती थी।
ब्लैकमेलिंग का खतरनाक खेल
एपस्टीन फाइल्स की जांच में एक और सनसनीखेज पहलू सामने आया है और वह है ‘ब्लैकमेलिंग’। आरोप है कि एपस्टीन ने अपने निजी द्वीप और अन्य ठिकानों पर आने वाली मशहूर हस्तियों की आपत्तिजनक तस्वीरें और वीडियो चुपके से बनवाए थे। इन डिजिटल सबूतों का इस्तेमाल वह उन शक्तिशाली लोगों को अपने नियंत्रण में रखने और उनसे अपने व्यापारिक या व्यक्तिगत काम निकलवाने के लिए करता था। जांच एजेंसियों को बड़ी मात्रा में ऐसे डिजिटल साक्ष्य मिले हैं, जो यह साबित करते हैं कि एपस्टीन के पास दुनिया के कई बड़े दिग्गजों की कमजोरियां मौजूद थीं।
किन बड़ी हस्तियों के नाम आए सामने?
जैसे-जैसे फाइलों के पन्ने पलट रहे हैं, वैसे-वैसे दुनिया की प्रमुख हस्तियों की धड़कनें बढ़ रही हैं। इस नई सूची में शामिल नामों ने सबको चौंका दिया है। दस्तावेजों में पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति बिल क्लिंटन, वर्तमान राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप, ब्रिटिश राजघराने से जुड़े एंड्रयू माउंटबेटन के साथ-साथ तकनीकी जगत के दिग्गज एलन मस्क और माइक्रोसॉफ्ट के सह-संस्थापक बिल गेट्स का भी उल्लेख मिला है। इन नामों के सामने आने के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नैतिकता और जवाबदेही को लेकर एक नई बहस शुरू हो गई है। हालांकि इनमें से कई हस्तियों ने एपस्टीन के साथ अपने संबंधों को केवल औपचारिक बताया है, लेकिन फाइलों में मौजूद विवरण कुछ और ही कहानी बयां कर रहे हैं। इन दस्तावेजों का सार्वजनिक होना भविष्य में कई बड़े कानूनी और राजनीतिक बदलावों का आधार बन सकता है।
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