नई दिल्ली।
पाकिस्तान के अशांत प्रांत बलूचिस्तान में बलूच विद्रोहियों और सुरक्षा बलों के बीच संघर्ष एक भीषण मोड़ ले चुका है। बलूच अलगाववादी समूह ‘बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी’ (बीएलए) ने दावा किया है कि उसका ‘ऑपरेशन हेरोफ फेज-2’ प्रांत के कई जिलों में पूरी तीव्रता के साथ जारी है। इस ऑपरेशन को शुरू हुए 40 घंटे से अधिक का समय बीत चुका है और विद्रोही समूह ने पाकिस्तानी सुरक्षा बलों को भारी जानी और माली नुकसान पहुंचाने के साथ-साथ कई महत्वपूर्ण इलाकों पर अपना नियंत्रण होने का भी दावा किया है।
बीएलए के प्रवक्ता जीयांद बलूच ने इस संबंध में दो विस्तृत बयान जारी किए हैं। अलगाववादी समूह का कहना है कि उसके लड़ाकों ने खारान, मस्तुंग, टुम्प और पसनी जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में अपने लक्ष्यों को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। इसके अलावा, बीएलए ने यह भी दावा किया है कि उसके लड़ाके प्रांतीय राजधानी क्वेटा और नोशकी के कुछ महत्वपूर्ण हिस्सों में अभी भी डटे हुए हैं। समूह के मुताबिक, इन इलाकों से पाकिस्तान की सैन्य मौजूदगी को पीछे धकेल दिया गया है और कई रणनीतिक ठिकानों पर अब विद्रोहियों का कब्जा है।
बीएलए के दावों के अनुसार, पिछले 40 घंटों की गोलाबारी और हमलों में पाकिस्तानी सेना, पुलिस और फ्रंटियर कॉर्प्स (एफसी) के 200 से अधिक जवान मारे जा चुके हैं। विद्रोही समूह ने कम से कम 17 सुरक्षाकर्मियों को बंधक बनाने का भी दावा किया है। हालांकि, बीएलए ने इन आंकड़ों को अपना शुरुआती और न्यूनतम अनुमान बताया है, जिससे संकेत मिलता है कि वास्तविक नुकसान इससे कहीं अधिक हो सकता है। यद्यपि स्वतंत्र रूप से इन आंकड़ों की पुष्टि नहीं हो पाई है, लेकिन बलूचिस्तान के मुख्यमंत्री सरफराज बुगती ने स्वीकार किया है कि हालिया हमलों में 17 कानून प्रवर्तन कर्मी और 31 नागरिक मारे गए हैं।
संघर्ष के दौरान बीएलए को भी भारी नुकसान उठाना पड़ा है। पाकिस्तानी सेना ने दावा किया है कि शनिवार को जवाबी कार्रवाई में 92 अलगाववादी मारे गए, जबकि शुक्रवार को 41 लड़ाके ढेर किए गए थे। बीएलए ने अपने बयान में खुद को हुए नुकसान को स्वीकार करते हुए बताया कि ऑपरेशन के दौरान उसके 18 लड़ाके मारे गए हैं। इनमें मजीद ब्रिगेड के 11 आत्मघाती हमलावर (फिदायीन), फतेह स्क्वाड के चार और एसटीओएस यूनिट के तीन लड़ाके शामिल थे।
बीएलए ने एक चौंकाने वाला खुलासा करते हुए बताया कि उनके आत्मघाती दस्तों में महिलाएं भी शामिल हैं। समूह ने ‘आसिफा मेंगल’ नामक एक महिला हमलावर का उल्लेख किया, जो अक्टूबर 2023 में मजीद ब्रिगेड में शामिल हुई थी और बाद में फिदायीन बनने का निर्णय लिया था। विद्रोहियों ने स्थानीय अधिकारियों और पुलिसकर्मियों को चेतावनी दी है कि जो भी पाकिस्तानी सेना की मदद करेगा, उसे दुश्मन मानकर निशाना बनाया जाएगा। बलूचिस्तान में जारी इस भीषण हिंसा ने पाकिस्तान की आंतरिक सुरक्षा और क्षेत्रीय स्थिरता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।