शिमला।
हिमाचल प्रदेश में सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व वाली सरकार अपने कार्यकाल का चौथा बजट पेश करने की तैयारियों में जुट गई है। आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए पेश होने वाले इस बजट को अधिक समावेशी, जन-केंद्रित और प्रभावी बनाने के लिए वित्त विभाग ने एक महत्वपूर्ण पहल शुरू की है। राज्य सरकार की परंपरा रही है कि वह बजट निर्माण की प्रक्रिया में समाज के विभिन्न वर्गों के विचारों को प्राथमिकता देती है। इसी क्रम में, वित्त विभाग ने बजट तैयार करने की आधिकारिक प्रक्रिया का आगाज करते हुए आम नागरिकों और विभिन्न हितधारकों से उनके सुझाव आमंत्रित किए हैं।
सरकार का उद्देश्य एक ऐसा बजट तैयार करना है जो न केवल आंकड़ों का लेखा-जोखा हो, बल्कि समाज के हर वर्ग की आकांक्षाओं का प्रतिबिंब भी बने। इसके लिए वित्त विभाग ने आम जनता के साथ-साथ उद्योगों, व्यापारिक संगठनों और किसान संघों से आग्रह किया है कि वे आगामी बजट के लिए अपने बहुमूल्य सुझाव साझा करें। विभाग का मानना है कि विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों और जमीन से जुड़े लोगों के सुझावों से विकास की नई राहें प्रशस्त होंगी।
सुझावों को प्राप्त करने की प्रक्रिया को सरल और सुलभ बनाने के लिए वित्त विभाग ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर एक विशेष वेब पोर्टल शुरू किया है। इस डिजिटल माध्यम के जरिए कोई भी व्यक्ति घर बैठे अपने विचार सरकार तक पहुंचा सकता है। जो लोग पारंपरिक माध्यम पसंद करते हैं, उनके लिए पत्र और ई-मेल की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है। इच्छुक व्यक्ति 10 फरवरी 2026 तक अपने लिखित सुझाव प्रधान सचिव (वित्त), हिमाचल प्रदेश सरकार, कमरा नंबर ए-216, आर्मजडेल भवन, हिमाचल प्रदेश सचिवालय, शिमला के पते पर भेज सकते हैं।
सरकार ने सुझावों के लिए कुछ प्रमुख क्षेत्रों को चिन्हित किया है। नागरिक इस बात पर अपनी राय दे सकते हैं कि राज्य के राजस्व संसाधनों को किस प्रकार बढ़ाया जाए और सरकारी खर्चों पर कैसे प्रभावी नियंत्रण लगाया जाए। इसके अलावा, बजट में शामिल किए जाने वाले अन्य महत्वपूर्ण वित्तीय मुद्दों पर भी विस्तृत राय दी जा सकती है। सरकार विशेष रूप से ऐसी योजनाओं और हस्तक्षेपों के बारे में जानना चाहती है जिनसे आम जनता को प्रदान की जाने वाली सेवाओं में सुधार हो और समाज के गरीब वर्ग को सीधा लाभ मिल सके।
इस बार बजट में स्वरोजगार और रोजगार के अवसरों के सृजन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। सरकार चाहती है कि युवा वर्ग ऐसे सुझाव दे जिनसे नई योजनाओं और कार्यक्रमों के माध्यम से रोजगार की राहें आसान हों। इसके अतिरिक्त, राज्य की जीवन गुणवत्ता में सुधार लाने वाली नवीन गतिविधियों और कल्याणकारी कार्यक्रमों पर भी विचार आमंत्रित हैं। वित्त विभाग के अनुसार, हर साल सैकड़ों लोग लिखित और मौखिक माध्यम से अपने सुझाव देते हैं, जिनमें से कई बेहतरीन विचारों को बजट का हिस्सा बनाया जाता है।
यह लोकतांत्रिक प्रक्रिया न केवल शासन में पारदर्शिता सुनिश्चित करती है, बल्कि विकास के एजेंडे में आम आदमी की भागीदारी को भी मजबूत करती है। सुखविंदर सिंह सुक्खू द्वारा पेश किए जाने वाले इस चौथे बजट से प्रदेशवासियों को काफी उम्मीदें हैं। 10 फरवरी तक प्राप्त होने वाले सभी सुझावों का विश्लेषण करने के बाद उन्हें बजट के अंतिम मसौदे में शामिल करने पर गंभीरता से विचार किया जाएगा। इस पहल से उम्मीद जताई जा रही है कि आगामी बजट हिमाचल प्रदेश की आर्थिक और सामाजिक प्रगति में एक मील का पत्थर साबित होगा।
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