Himachal: धर्मशाला छात्रा मौत मामले में अस्पतालों का रिकॉर्ड पुलिस के कब्जे में और राष्ट्रीय महिला आयोग ने डीजीपी से मांगी रिपोर्ट

धर्मशाला। हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला कॉलेज की छात्रा की रहस्यमय परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में जांच तेज हो गई है। पुलिस ने जांच का दायरा बढ़ाते हुए उन सभी अस्पतालों का मेडिकल रिकॉर्ड अपने कब्जे में ले लिया है जहां छात्रा का इलाज चला था। चिकित्सा बोर्ड की पड़ताल के बाद अब छात्रा की मौत की असली वजह सामने आने की उम्मीद जगी है। पुलिस ने जोनल अस्पताल धर्मशाला, राजेंद्र प्रसाद मेडिकल कॉलेज टांडा, फोर्टिस कांगड़ा, सिटी अस्पताल कांगड़ा, महाजन मेडिसिन अस्पताल पठानकोट और लुधियाना के वर्मा मल्टी स्पेशिलिटी अस्पताल का रिकॉर्ड जब्त कर लिया है। हालांकि डीएमसी लुधियाना का रिकॉर्ड लेना अभी बाकी है।

इस मामले की तह तक जाने के लिए पुलिस चिकित्सा बोर्ड का गठन किया गया है जिसमें अलग अलग रोगों के विशेषज्ञ चिकित्सक शामिल होंगे। यह बोर्ड रिकॉर्ड की गहराई से जांच कर अपनी अंतिम राय देगा जिसके बाद ही मौत और बीमारी के कारणों का सही पता चल सकेगा। लुधियाना के वर्मा मल्टी स्पेशिलिटी अस्पताल के एमडी अरुण ने बताया कि जब छात्रा उनके पास आई थी तो उसकी हालत बेहद गंभीर थी और उसे सांस लेने में तकलीफ हो रही थी। उन्होंने बताया कि छात्रा कई अस्पतालों में वेंटिलेटर पर रही थी।

जांच को आगे बढ़ाते हुए आज 5 जनवरी को शिक्षा उच्च निदेशालय की पांच सदस्यीय कमेटी धर्मशाला कॉलेज का दौरा करेगी। इसके बाद 7 जनवरी को यूजीसी की एक टीम भी धर्मशाला पहुंचेगी। मामले में कॉलेज के सहायक प्राध्यापक अशोक को निलंबित कर दिया गया है और उनके साथ चार छात्राओं के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज की गई है। आरोपी छात्राओं से आज पूछताछ होने की संभावना है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए राष्ट्रीय महिला आयोग भी सक्रिय हो गया है। आयोग की अध्यक्ष विजया राहटकर ने प्रदेश के पुलिस महानिदेशक यानी डीजीपी से पांच दिन के भीतर विस्तृत कार्रवाई रिपोर्ट तलब की है। आयोग ने कॉलेज परिसर की सुरक्षा खामियों और लापरवाह संकाय सदस्यों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।

मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने भी इस मामले में संवेदनशीलता दिखाई है। उन्होंने मृतक छात्रा के माता पिता से फोन पर बात कर उन्हें सांत्वना दी है और भरोसा दिलाया है कि सरकार मामले की निष्पक्ष जांच कराएगी और परिवार के साथ खड़ी है। शनिवार देर शाम आयुष मंत्री यादविंद्र गोमा ने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर उनकी बात मुख्यमंत्री से करवाई थी।

 

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