Himachal: पॉलिटेक्निक और आईटीआई के छात्रों को स्टार्टअप शुरू करने के लिए सरकार देगी फंड और तकनीकी मदद

शिमला। हिमाचल प्रदेश सरकार ने तकनीकी संस्थानों में पढ़ने वाले युवाओं को स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ाने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल की है। सरकार ने पॉलिटेक्निक कॉलेजों और आईटीआई के छात्रों को स्टार्टअप शुरू करने के लिए प्रोत्साहित करने का बीड़ा उठाया है। इसके लिए प्रदेश सरकार ने 2 करोड़ रुपये की धनराशि का एक विशेष नवाचार फंड गठित किया है। सरकार का उद्देश्य है कि युवा रोजगार मांगने वाले नहीं बल्कि दूसरों को रोजगार देने वाले बनें।

तकनीकी शिक्षा विभाग ने छात्रों के लिए स्टार्टअप शुरू करने का एक खाका तैयार किया है जो उद्योग विभाग की योजना से अलग है। हालांकि शुरुआत में छात्रों की तरफ से उत्साहजनक प्रतिक्रिया नहीं मिली थी और कहीं से भी स्टार्टअप चलाने के लिए आवेदन नहीं आए थे। इसे देखते हुए अब विभाग ने अपनी रणनीति में बदलाव किया है। छात्रों को सफल व्यवसायी बनाने के लिए अब उन्हें स्थापित कंपनियों का सहयोग दिलाया जाएगा। इसके तहत स्टार्टअप चलाने के इच्छुक युवाओं को किसी कंपनी के साथ जोड़ा जाएगा ताकि उन्हें व्यावहारिक अनुभव मिल सके।

तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी खुद छात्रों का हौसला बढ़ाने के लिए आगे आए हैं। वे 4 जनवरी को आयोजित होने वाले हिम एमएसएमई फेस्ट 2026 में अपने विभाग के अधीन संचालित संस्थानों के छात्रों को लेकर पहुंचेंगे। वहां वे छात्रों की मुलाकात सफल स्टार्टअप संचालकों से कराएंगे ताकि उन्हें प्रेरणा मिल सके और वे अपना काम शुरू करने के लिए प्रोत्साहित हों।

राजेश धर्माणी का मानना है कि पॉलिटेक्निक और आईटीआई के छात्रों में कुछ कर गुजरने की इच्छा शक्ति तो है लेकिन घर की कमजोर आर्थिक स्थिति के चलते वे जोखिम उठाने से डरते हैं। उन्होंने बताया कि पिछले कुछ वर्षों में छात्रों को प्रदेश के बाहर सफल व्यवसायियों के पास भेजने की प्रक्रिया शुरू की गई है जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। छात्रों ने नवाचार के कई बेहतरीन आइडिया दिए हैं जिनका मूल्यांकन किया जा रहा है। जल्द ही ये छात्र अपने स्टार्टअप्स के साथ काम करते नजर आएंगे।

 

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