चम्पावत। उत्तराखंड के सीमांत जिले चम्पावत के अंतर्गत टनकपुर में सैनिकों और पूर्व सैनिकों की सुविधा के लिए एक बड़ी परियोजना आकार ले चुकी है। सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने गुरुवार को टनकपुर पहुंचकर लगभग 3.41 करोड़ रुपये की लागत से नवनिर्मित आधुनिक सैनिक विश्राम गृह का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने भवन की संरचना, उपलब्ध सुविधाओं और निर्माण कार्यों की बारीकी से जांच की। मंत्री ने निर्माण की गुणवत्ता पर संतोष व्यक्त करते हुए इसे सैनिकों के कल्याण की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।
निरीक्षण के दौरान गणेश जोशी ने कहा कि टनकपुर एक महत्वपूर्ण सीमावर्ती क्षेत्र है और यहाँ आधुनिक सुविधाओं से युक्त सैनिक विश्राम गृह का निर्माण होना गौरव की बात है। उन्होंने कहा कि इस भवन के बन जाने से न केवल पूर्व सैनिकों, बल्कि वर्तमान में सेना में सेवारत जवानों को भी अस्थायी प्रवास के दौरान बड़ी सुविधा मिलेगी। अक्सर ड्यूटी पर आने-जाने वाले सैनिकों को रुकने के लिए उचित स्थान की आवश्यकता होती है और यह आधुनिक विश्राम गृह उन्हें सुरक्षित, स्वच्छ और आरामदायक वातावरण प्रदान करेगा।
सैनिक कल्याण मंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार सैनिकों और उनके परिवारों के हितों की रक्षा के लिए संकल्पबद्ध है। उन्होंने निरीक्षण के समय अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि नवनिर्मित भवन की व्यवस्थाओं और इसके नियमित रखरखाव पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने कहा कि सैनिकों को दी जाने वाली सुविधाओं में किसी भी स्तर पर कोई कमी नहीं आनी चाहिए और यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि विश्राम गृह का लाभ जरूरतमंद सैनिकों तक सुगमता से पहुंचे। उनके अनुसार, यह परियोजना सरकार की उन प्राथमिकताओं का हिस्सा है जिसमें सैनिकों के सम्मान और उनकी बुनियादी जरूरतों को सर्वोच्च स्थान दिया गया है।
गणेश जोशी ने भवन के विभिन्न कक्षों और परिसर का भ्रमण किया और वहां उपलब्ध कराई गई सुविधाओं का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि सामरिक और भौगोलिक दृष्टि से टनकपुर का विशेष महत्व है और यहाँ ठहरने की बेहतर व्यवस्था होने से जवानों का मनोबल बढ़ेगा। निरीक्षण के समय उनके साथ कई वरिष्ठ अधिकारी और गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित रहे।
इस अवसर पर जिलाध्यक्ष गोविंद सामंत, गौरव सैनानी समिति के अध्यक्ष कैप्टन भानी चन्द, मुख्य विकास अधिकारी डॉ. जी.एस. खाती और जिला सैनिक कल्याण अधिकारी कर्नल उमेद सिंह सहित प्रशासन के अन्य अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने मंत्री को भवन की तकनीकी विशिष्टताओं और भविष्य में इसके संचालन की योजना के बारे में विस्तार से जानकारी दी। स्थानीय पूर्व सैनिकों ने भी इस सुविधा के शुरू होने पर प्रसन्नता व्यक्त की है।
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