शिमला। हिमाचल प्रदेश कांग्रेस पिछले 420 दिनों से बिना किसी औपचारिक कार्यकारिणी के ही काम चला रही है। यह स्थिति तब पैदा हुई थी जब 6 नवंबर 2024 को कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने प्रदेश, जिला और ब्लॉक कमेटियों को भंग करने का बड़ा फैसला लिया था। यह कार्रवाई तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष प्रतिभा सिंह के उस पत्र के आधार पर की गई थी जिसमें उन्होंने पुरानी कार्यकारिणी को भंग कर नए सिरे से कमेटी के गठन की सिफारिश की थी। प्रतिभा का तर्क था कि पुरानी टीम के कई पदाधिकारी निष्क्रिय हो चुके हैं और संगठन को नई ऊर्जा की जरूरत है।
हैरानी की बात यह है कि इस फैसले के बाद एक साल तक प्रतिभा सिंह बिना किसी कार्यकारिणी के ही संगठन का कामकाज संभालती रहीं। इस दौरान प्रदेश कार्यकारिणी के गठन को लेकर दिल्ली से लेकर शिमला तक बैठकों का दौर चलता रहा लेकिन नतीजा ढाक के तीन पात ही रहा। इसी बीच प्रतिभा सिंह का एक साल का कार्यकाल भी पूरा हो गया और उन्हें पदमुक्त कर दिया गया। उनकी जगह अब विनय कुमार को प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
जिस समय कार्यकारिणी भंग की गई थी उस वक्त राज्य प्रभारी राजीव शुक्ल थे लेकिन अब उन्हें बदलकर रजनी पाटिल को नया प्रभारी बनाया गया है। इसके साथ ही सह प्रभारी भी नए लगाए गए हैं ताकि संगठन को पटरी पर लाया जा सके। पीसीसी यानी प्रदेश कांग्रेस कमेटी के गठन की प्रक्रिया अभी भी जारी है और हर बैठक में कभी कार्यकारी अध्यक्ष बनाने तो कभी संगठनात्मक ब्लॉक और जिला बनाने के मुद्दे ही चर्चा में रहते हैं। लंबे समय से लटके इस फैसले ने पार्टी कार्यकर्ताओं में भी असमंजस की स्थिति पैदा कर दी है और वे बेसब्री से नए ढांचे का इंतजार कर रहे हैं।
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