Himachal: हिमाचल में जल्द आएगी नई औद्योगिक नीति और दस हजार करोड़ के निवेश पर हुए सैंतीस समझौते

शिमला। हिमाचल प्रदेश में उद्योगों को बढ़ावा देने और राज्य को एक आकर्षक निवेश गंतव्य बनाने के लिए मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कई बड़े और महत्वपूर्ण एलान किए हैं। उद्योग विभाग द्वारा आयोजित तीन दिवसीय हिम एमएसएमई फेस्ट 2026 के दूसरे दिन शिमला के पीटरहॉफ में मुख्यमंत्री ने देश विदेश के प्रमुख उद्योगपतियों और सीईओ के साथ संवाद किया। इस दौरान उद्यमियों ने प्रदेश सरकार के साथ 10 हजार करोड़ रुपये के उद्यम स्थापित करने के लिए 37 सहमति पत्रों यानी एमओयू पर हस्ताक्षर किए। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में जल्द ही एक नई और आधुनिक औद्योगिक नीति लाई जाएगी जो निवेश के अनुकूल माहौल तैयार करेगी।

मुख्यमंत्री ने चंडीगढ़ के पास हिम चंडीगढ़ नाम से एक विश्वस्तरीय शहर विकसित करने की महत्वाकांक्षी योजना का भी खुलासा किया। उन्होंने उद्यमियों को भरोसा दिलाया कि प्रदेश में उद्योगों को 24 घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी और वह भी सबसे कम दरों पर। हालांकि उन्होंने उद्योगपतियों से यह भी आग्रह किया कि वे केवल एमओयू साइन करने तक सीमित न रहें बल्कि जल्द से जल्द इंप्लीमेंट एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर करें ताकि परियोजनाएं धरातल पर उतर सकें। सुक्खू ने कहा कि वे एमओयू साइन करते करते थक चुके हैं और अब असली काम जमीन पर देखना चाहते हैं।

उद्योगों की समस्याओं को सुलझाने के लिए मुख्यमंत्री ने धारा 118 से संबंधित दिक्कतों का समाधान करने का वादा किया। उन्होंने कहा कि औद्योगिक क्षेत्रों में लॉजिस्टिक कॉस्ट को कम किया जाएगा और आधारभूत ढांचे को सुदृढ़ किया जाएगा। सरकार ने बद्दी से चंडीगढ़ रेलवे लाइन के लिए केंद्र को अपने हिस्से का पूरा अग्रिम भुगतान कर दिया है जो कनेक्टिविटी के लिए बड़ा कदम है। पर्यटन को विशेष प्राथमिकता देते हुए उन्होंने कहा कि हॉस्पिटेलिटी सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए पांच सितारा होटल खोलने की अनुमति दी जाएगी।

पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि प्रदेश में पेट्रोल और डीजल से चलने वाली सभी 22 हजार टैक्सियों को चरणबद्ध तरीके से ई वाहनों में बदला जाएगा। इसके लिए सरकार एक नई योजना ला रही है जिसके तहत 40 प्रतिशत सब्सिडी दी जाएगी। ऊना में बनने वाले बल्क ड्रग पार्क को भी 568.75 हेक्टेयर क्षेत्र के लिए अंतिम पर्यावरणीय स्वीकृति मिल चुकी है। 2071 करोड़ रुपये की लागत वाला यह पार्क 10 हजार करोड़ रुपये तक का निवेश आकर्षित करेगा और हजारों लोगों को रोजगार देगा।

संवाद कार्यक्रम के दौरान 112 उद्योगों के सीईओ मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने उनसे कहा कि मार्च तक का इंतजार करें क्योंकि सरकार उद्योगों को सस्ती बिजली देने जा रही है जबकि पड़ोसी राज्य दाम बढ़ाने की तैयारी में हैं। सरकार का लक्ष्य हिमाचल को निवेशकों के लिए सबसे भरोसेमंद राज्य बनाना है।

 

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