देहरादून। उत्तराखंड के बहुचर्चित अंकिता भंडारी प्रकरण में न्याय की उम्मीदों के बीच एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को अपने सरकारी आवास पर अंकिता भंडारी के माता-पिता से मुलाकात की। इस भेंट के दौरान अंकिता के पिता वीरेंद्र सिंह भंडारी और माता सोनी देवी ने मुख्यमंत्री के समक्ष अपनी व्यथा साझा की और मामले से जुड़ी अपनी भावनाओं व मंतव्य को विस्तार से रखा। मुख्यमंत्री ने परिवार की बातों को अत्यंत संवेदनशीलता के साथ सुना और उन्हें आश्वस्त किया कि राज्य सरकार इस लड़ाई में उनके साथ खड़ी है।
मुलाकात के दौरान अंकिता के माता-पिता भावुक नजर आए। उन्होंने प्रकरण की अब तक की स्थिति और परिवार की अपेक्षाओं को लेकर मुख्यमंत्री से चर्चा की। पुष्कर सिंह धामी ने परिजनों को ढांढस बंधाते हुए कहा कि दुख की इस घड़ी में पूरा प्रदेश और सरकार उनके साथ है। उन्होंने स्पष्ट किया कि परिवार को किसी भी स्तर पर अकेला नहीं महसूस करने दिया जाएगा और सरकार उनकी सुरक्षा व सहयोग के लिए पूरी तरह संकल्पित है। मुख्यमंत्री ने परिजनों को भरोसा दिलाया कि इस पूरे मामले को लेकर सरकार की मंशा साफ है और वे न्याय की प्रक्रिया को बाधित नहीं होने देंगे।
पुष्कर सिंह धामी ने अंकिता के माता-पिता से बातचीत करते हुए जोर देकर कहा कि इस पूरे मामले में न्याय सुनिश्चित करना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि कानून अपना काम कर रहा है और सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है कि दोषियों को उनके किए की सख्त से सख्त सजा मिले। मुख्यमंत्री ने कहा कि अंकिता को न्याय दिलाना केवल परिवार की मांग नहीं, बल्कि राज्य सरकार का नैतिक और संवैधानिक दायित्व भी है। उन्होंने आश्वासन दिया कि मामले की जांच और कानूनी कार्रवाई में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
परिजनों ने मुख्यमंत्री के सामने अपनी कुछ विशिष्ट मांगें भी रखीं, जिन पर मुख्यमंत्री ने बेहद सकारात्मक रुख अपनाया। पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि परिवार ने जो भी विषय और मांगें उनके संज्ञान में लाई हैं, उन पर सरकार गंभीरता से विचार कर रही है। उन्होंने वादा किया कि इन मांगों पर त्वरित और सकारात्मक कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को भी निर्देश दिए कि परिवार के साथ निरंतर संपर्क बनाए रखा जाए और उन्हें दी जाने वाली सहायता व न्याय की प्रक्रिया में किसी भी प्रकार का विलंब न हो।
मुख्यमंत्री ने मुलाकात के बाद यह संदेश देने का प्रयास किया कि सरकार अंकिता भंडारी हत्याकांड के पीड़ित परिवार के प्रति पूरी तरह संवेदनशील है। उन्होंने कहा कि न्याय की इस लड़ाई में राज्य सरकार का रुख बेहद स्पष्ट है और वह दोषियों को सजा दिलाने के लिए हर कानूनी विकल्प का मजबूती से उपयोग कर रही है। परिवार के साथ खड़ा होना और उन्हें मानसिक व कानूनी संबल प्रदान करना सरकार की जिम्मेदारी है।
इस मुलाकात ने एक बार फिर यह स्पष्ट कर दिया है कि अंकिता भंडारी प्रकरण उत्तराखंड सरकार के लिए एक संवेदनशील और महत्वपूर्ण मुद्दा बना हुआ है। पुष्कर सिंह धामी द्वारा खुद परिजनों से मिलकर उन्हें न्याय का भरोसा दिलाना इस दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। परिवार ने भी मुख्यमंत्री द्वारा दिए गए आश्वासन और उनके संवेदनशील व्यवहार पर संतोष व्यक्त किया है। अब सभी की निगाहें सरकार द्वारा परिवार की मांगों पर की जाने वाली आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं।