Uttarakhand: अंकिता भंडारी हत्याकांड पर विपक्ष को घेरते हुए सुबोध उनियाल ने सबूत लाने की चुनौती दी और कहा सरकार हर जांच को तैयार

देहरादून। उत्तराखंड में अंकिता भंडारी हत्याकांड का जिन्न एक बार फिर बोतल से बाहर आ गया है और सियासी गलियारों में हड़कंप मच गया है। लगातार विपक्ष के हमलों से घिरी सरकार की ओर से मंत्री सुबोध उनियाल ने मोर्चा संभालते हुए विपक्ष को करारा जवाब दिया है। एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने दो टूक कहा कि विपक्ष केवल आरोप लगाने के बजाय सबूत लाए, सरकार हर तरह की जांच के लिए तैयार है। उनियाल ने याद दिलाया कि एसआईटी की जांच को सत्र न्यायालय से लेकर हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट तक सही ठहरा चुके हैं और खुद कोर्ट ने माना था कि इस मामले में सीबीआई जांच की कोई जरूरत नहीं है।

यह मामला तब तूल पकड़ा जब भाजपा से निष्कासित पूर्व विधायक सुरेश राठौर की कथित पत्नी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। इस वीडियो में महिला ने हत्याकांड में एक वीआईपी गट्टू का जिक्र किया और उसे भाजपा का बड़ा नेता बताया। साथ ही एक ऑडियो क्लिप का हवाला देते हुए दावा किया कि पूर्व जिला पंचायत सदस्य के पास पूरी जानकारी है। इस वीडियो के सामने आते ही देहरादून से दिल्ली तक राजनीति गरमा गई।

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर वायरल वीडियो दिखाया और सरकार पर मामला दबाने का आरोप लगाया। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के जज की निगरानी में सीबीआई जांच की मांग की और सरकार को दस दिन का अल्टीमेटम दिया। गोदियाल ने चेतावनी दी कि अगर सीबीआई जांच की सिफारिश नहीं की गई तो कांग्रेस प्रदेश भर में आंदोलन करेगी।

दूसरी तरफ भाजपा अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेस अपनी नाकामियों से ध्यान हटाने के लिए वीआईपी का राग अलाप रही है। उन्होंने चुनौती दी कि कांग्रेस ही बताए कि आखिर वीआईपी कौन है। भट्ट ने कहा कि जनता ने भाजपा को आशीर्वाद दिया है और कांग्रेस दुष्प्रचार की राजनीति कर रही है। उन्होंने कहा कि उस समय डीजीपी ने भी अपील की थी कि अगर किसी के पास जानकारी है तो बताए लेकिन तब कोई सामने नहीं आया।

भट्ट ने वायरल वीडियो को छेड़छाड़ वाला बताते हुए कहा कि इसके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई है। उन्होंने कांग्रेस पर अंकिता की आत्मा को अपमानित करने का आरोप लगाया और माफी की मांग की। गौरतलब है कि 18 सितंबर 2022 को वनंत्रा रिजॉर्ट में अंकिता की हत्या कर दी गई थी और मुख्य आरोपी पुलकित आर्य समेत तीन दोषियों को उम्रकैद की सजा हो चुकी है। लेकिन वीआईपी कौन था यह सवाल आज भी एक रहस्य बना हुआ है।

 

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