देहरादून। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य के विकास और जन सुरक्षा से जुड़ी कई अहम परियोजनाओं को गति देने के लिए एक बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री ने विभिन्न जनपदों की सिंचाई परियोजनाओं, सड़कों के चौड़ीकरण और मानव वन्यजीव संघर्ष को कम करने के प्रयासों में तेजी लाने के लिए कुल 160.54 करोड़ रुपये की धनराशि का अनुमोदन कर दिया है। इसके साथ ही आपदा की दृष्टि से संवेदनशील जिलों में संचार सुविधाओं को मजबूत करने पर भी विशेष ध्यान दिया गया है।
मुख्यमंत्री ने नाबार्ड वित्त पोषण के तहत विभिन्न जिलों में सिंचाई विभाग की 16 महत्वपूर्ण योजनाओं के लिए 53.68 करोड़ रुपये की राशि मंजूर की है। इससे कृषि और सिंचाई के क्षेत्र में सुधार होगा और किसानों को सीधा लाभ मिलेगा। इसके अलावा उधमसिंह नगर जिले की किच्छा विधानसभा क्षेत्र के लिए भी एक बड़ी सौगात दी गई है। यहां नगला किच्छा मोटर मार्ग के लगभग 8 किलोमीटर लंबे हिस्से को दो लेन से चार लेन में बदलने की महत्वाकांक्षी योजना के लिए 80.63 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इससे क्षेत्र में यातायात सुगम होगा और जाम की समस्या से निजात मिलेगी।
पहाड़ी राज्य में लगातार बढ़ रहे मानव वन्यजीव संघर्ष को रोकने के लिए भी सरकार ने खजाना खोला है। मुख्यमंत्री ने वन प्रभागों को आवश्यक उपकरण उपलब्ध कराने और अन्य संबंधित गतिविधियों के लिए राज्य आपदा मोचन निधि से तात्कालिक रूप से 11 करोड़ रुपये की राशि मंजूर की है। इससे वन विभाग को हिंसक जानवरों से निपटने और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।
इसके अलावा आपदा प्रबंधन को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। आपदा की दृष्टि से संवेदनशील माने जाने वाले पांच जिलों पिथौरागढ़, चमोली, रुद्रप्रयाग, उत्तरकाशी और बागेश्वर में पुलिस संचार नेटवर्क को उच्चीकृत किया जाएगा। इसके लिए मुख्यमंत्री ने राज्य आपदा मोचन निधि से 15.23 करोड़ रुपये की योजना को मंजूरी दी है। इस कदम से कठिन भौगोलिक परिस्थितियों वाले इन जिलों में संचार व्यवस्था बेहतर होगी और आपदा के समय त्वरित कार्रवाई की जा सकेगी।