लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भारत रत्न और लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल की पुण्यतिथि पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। सोमवार को लखनऊ में आयोजित एक विशेष श्रद्धांजलि सभा में मुख्यमंत्री ने सरदार पटेल की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित करते हुए उनके महान कार्यों को याद किया। इस अवसर पर योगी आदित्यनाथ ने सरदार पटेल के योगदान की सराहना करते हुए देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू की नीतियों पर तीखा प्रहार भी किया। उन्होंने कहा कि देश के प्रति सरदार पटेल की सेवाएं और योगदान भारतीय इतिहास का एक ऐसा अध्याय है जिसे कभी भुलाया नहीं जा सकता।
कश्मीर मुद्दे पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जवाहरलाल नेहरू द्वारा अपनाई गई नीतियों के कारण ही जम्मू कश्मीर विवादित हुआ और इसका दंश देश को एक लंबे समय तक झेलना पड़ा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लौह पुरुष सरदार पटेल और श्यामा प्रसाद मुखर्जी के सपनों को साकार करते हुए धारा 370 को समाप्त किया। इस साहसिक कदम ने देश में एक देश एक विधान और एक निशान के संकल्प को मजबूती प्रदान की है।
योगी आदित्यनाथ ने सरदार पटेल के नेतृत्व, दूरदर्शिता और राष्ट्रनिष्ठा को आधुनिक भारत की आधारशिला बताया। उन्होंने याद किया कि 31 अक्टूबर 1875 को गुजरात के करमसद में एक सामान्य किसान परिवार में जन्मे सरदार पटेल ने अपने परिश्रम और संकल्प के बल पर राष्ट्र सेवा को ही अपने जीवन का लक्ष्य बना लिया था। स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान उन्होंने कठोर संघर्ष झेले और कई बार जेल भी गए लेकिन वे अपने पथ से कभी विचलित नहीं हुए। आजादी के समय उन्होंने देश के विभाजन का पुरजोर विरोध किया था।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सरदार पटेल की ही सूझबूझ थी कि उन्होंने 567 रियासतों का भारत गणराज्य में विलय कर राष्ट्रीय एकता को सुदृढ़ किया। वर्तमान भारत के शिल्पी के रूप में देश उन्हें सदैव याद रखेगा। योगी ने जूनागढ़ और हैदराबाद जैसी रियासतों का जिक्र करते हुए कहा कि सरदार पटेल के निर्णायक नेतृत्व के कारण ही ये रियासतें बिना किसी बड़े खूनखराबे के रक्तहीन क्रांति के माध्यम से भारत का अभिन्न अंग बनीं। अंग्रेजों की टू नेशन थ्योरी के दौर में जब रियासतों को अलग-अलग विकल्प दिए गए थे तब भी सरदार पटेल ने राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हुए ऐतिहासिक निर्णय लिए।
गृहमंत्री के रूप में उनके कार्यों की प्रशंसा करते हुए योगी ने कहा कि सोमनाथ मंदिर के पुनरुद्धार से लेकर प्रशासनिक सेवाओं के वर्तमान स्वरूप की नींव रखने तक सरदार पटेल ने अनेक उल्लेखनीय कार्य किए। दुर्भाग्यवश 15 दिसंबर 1950 को उनका निधन हो गया लेकिन उनकी यादें और राष्ट्र सेवा की भावना हर भारतवासी को प्रेरणा देती रहेगी। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह और महापौर सुषमा खर्कवाल सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित थे।