उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले में यमुना एक्सप्रेसवे पर मंगलवार की सुबह एक दिल दहला देने वाला हादसा हो गया। आगरा से नोएडा जा रही लेन पर घने कोहरे के बीच तेज रफ्तार में दौड़ रहे कई वाहन आपस में एक के बाद एक टकराते चले गए। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि देखते ही देखते सात बसों और दो कारों में भीषण आग लग गई। इस खौफनाक मंजर में कई लोग वाहनों के अंदर ही फंस गए जबकि कुछ यात्रियों ने बसों की खिड़कियों से कूदकर जैसे-तैसे अपनी जान बचाई। इस दर्दनाक हादसे में अब तक तेरह लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है जबकि दो दर्जन से अधिक घायल लोगों को इलाज के लिए अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।
जिलाधिकारी सीपी सिंह ने बताया कि यह हादसा बलदेव थाना क्षेत्र के गांव खड़ेहरा के पास माइल स्टोन संख्या 125 पर हुआ। उस समय घना कोहरा छाया हुआ था और विजिबिलिटी लगभग शून्य थी। इस कारण आगे पीछे चल रहे वाहनों के चालक एक दूसरे को देख नहीं पाए और वाहन आपस में भिड़ते चले गए। टक्कर लगते ही वाहनों में आग लग गई और चारों तरफ चीख पुकार मच गई। सूचना मिलते ही पुलिस और दमकल की करीब एक दर्जन गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। हादसे के बाद आगरा से नोएडा जाने वाली लेन पर यातायात पूरी तरह ठप हो गया जिसे क्रेन की मदद से वाहनों को हटाकर सुचारू किया गया।
इस भीषण हादसे में मारे गए तेरह लोगों में से तीन की पहचान कर ली गई है। मृतकों में प्रयागराज के मुद्दीनपुर निवासी अखिलेंद्र प्रताप यादव, आजमगढ़ निवासी रामपाल और गोंडा निवासी सुल्तान शामिल हैं। जानकारी के मुताबिक अखिलेंद्र प्रताप यादव वित्त मंत्री सुरेश खन्ना के निजी सचिव के रूप में कार्यरत थे। बाकी मृतकों की पहचान की कोशिश की जा रही है। जिलाधिकारी सीपी सिंह ने बताया कि हादसे की जांच की जिम्मेदारी एडीएम प्रशासन को सौंपी गई है।
एसएसपी श्लोक कुमार ने बताया कि हादसे में तेरह यात्रियों की जलकर मौत हुई है और बड़ी संख्या में लोग घायल हुए हैं। घायलों को 20 से अधिक एंबुलेंस की मदद से अस्पतालों में भेजा गया है। घायलों की सूची में कानपुर, ग्रेटर नोएडा, औरैया, फतेहपुर, बाराबंकी, अंबेडकरनगर, गोंडा, लखनऊ, गोरखपुर और बहराइच के निवासी शामिल हैं। घायलों में महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं जिनका इलाज जारी है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस हृदय विदारक घटना का तत्काल संज्ञान लिया है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि मृतकों के परिजनों को पांच पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाए। साथ ही उन्होंने घायलों का समुचित और बेहतर इलाज सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए हैं। प्रशासन पूरी मुस्तैदी के साथ राहत और बचाव कार्य में जुटा हुआ है और घायलों को हर संभव मदद मुहैया कराई जा रही है।