Punjab: स्कूल ऑफ ऐमीनेंस के 4500 विद्यार्थियों ने लिया एक्सपोजर फेरी में भाग: हरजोत सिंह बैंस

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  • विद्यार्थियों को अलग-अलग व्यवसायों संबंधी जानकारी उपलब्ध करवाने के उदेश्य से करवाई गई फेरियां- शिक्षा मंत्री

चंडीगढ़, 30 दिसंबर:

पंजाब सरकार द्वारा राज्य के स्कूल आफ ऐमीनेंस के 11वीं कक्षा के विद्यार्थियों के लिए एक्सपोजर फेरियों का प्रबंध किया गया जिसमें 4500 से अधिक विद्यार्थियों ने भाग लिया।
यह जानकारी पंजाब के स्कूल शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस द्वारा दी गई। उन्होंने बताया कि यह फेरियां राज्य के 23 जिलों में करवाई गई। फेरियों दौरान इन विद्यार्थियों को सरकारी काम-काज, अलग- अलग व्यवसायों के बारे में जागरूक किया गया।
स्कूल आफ एमिनेंस के 11वीं कक्षा के विद्यार्थियों को एक्सपोजर विजीट दौरान ने अलग-अलग जि़ला प्रशासकीय कंपलैक्सों, जि़ला अदालतों, सरकारी अस्पताल, डिफैंस अकैडमी/ छावनी क्षेत्र, स्पोर्ट अकादमी, स्टेडियम, इंजीनियरिंग कालेज आदि का दौरा करवाया गया।
अपनी दौरे दौरान विद्यार्थियों ने डिप्टी कमिश्नर और पुलिस अधिकारी के साथ बातचीत करते हुए सिविल सेवाओं में उनके सफऱ के बारे में जानने के साथ-साथ पारिवारिक मामलों की देख- रेख और कार्यालय की जि़म्मेदारियों को निभाने के बारे में भी जानकारी हासिल की।
अधिकारियों ने विद्यार्थियों को रेगुलेटरी शक्तियों के साथ, सार्वजनिक कल्याण सेवाओं जैसे कि अमन-कानून की व्यवस्था को बरकरार रखने के साथ ही स्वास्थ्य और शैक्षिक सेवाओं और सडक़ों के बुनियादी ढांचे आदि को यकीनी बनाने के लिए किए जाते अलग-अलग प्रयासों के बारे में भी जानकारी दी।
इसके इलावा डिप्टी कमिश्नर के नेतृत्व में सब-डिविजऩ स्तर पर उप मंडल मैजिस्ट्रेट, जि़ला स्तर पर अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर सहित काम करते प्रशासकीय ढांचे के बारे में बताया।
स. बैंस ने बताया कि विद्यार्थियों को सेवा केन्द्रों का भी दौरा करवाया गया, जहाँ उनको सिटीजन ओरीऐंटिड सर्विसिज डिलीवरी के साथ-साथ 1076 पर डायल करके ‘भगवंत मान सरकार तुहाडे द्वार’ पहलकदमी के अंतर्गत 43 सेवाओं की होम डिलीवरी बारे भी जानकारी दी गई।
पंजाब के शिक्षा मंत्री स. हरजोत सिंह बैंस ने बताया कि मुख्य मंत्री भगवंत सिंह मान के दिशा- निर्देशों अनुसार स्कूल शिक्षा विभाग पंजाब के स्कूलों के विद्यार्थियों को समय का साथी बनाने के लिए कई प्रयास कर रहा है। उन्होंने कहा कि फेरियों का उदेश्य इन विद्यार्थियों को अपने जीवन का लक्ष्य निश्चित करने में सहायता और लक्ष्य को हासिल करने की विधियों संबंधी जानकारी उपलब्ध करवाना था।

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