Uttarpradesh: विधानसभा में श्री अयोध्या जी तीर्थ विकास परिषद सहित छह विधेयक पेश

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लखनऊ। विधान सभा में बुधवार को सरकार ने श्री अयोध्या जी तीर्थ विकास परिषद सहित छह विधेयक पेश किए। इनमें से तीन विधेयक सरकार ने पारित भी करा लिए। उत्तर प्रदेश जलमार्ग प्राधिकरण विधेयक 2023, उत्तर प्रदेश शीरा नियंत्रण (द्वितीय संशोधन) विधेयक 2023 व माल और सेवा कर (द्वितीय संशोधन) विधेयक 2023 विधानसभा से पास हो गए हैं। माल और सेवा कर संशोधन विधेयक पारित होने के बाद अब सरकार आनलाइन गेम पर 28 प्रतिशत जीएसटी वसूल सकेगी।

श्री अयोध्या जी तीर्थ विकास परिषद विधेयक 2023

प्रदेश सरकार अयोध्या की सांस्कृतिक और स्थापत्य संबंधी विरासत को संरक्षित करने के लिए श्री अयोध्या जी तीर्थ विकास परिषद का गठन करने जा रही है। श्री अयोध्या जी तीर्थ विकास परिषद एक निगमित निकाय होगा। इस विकास परिषद के अध्यक्ष मुख्यमंत्री होंगे, पर्यटन मंत्री परिषद इसके उपाध्यक्ष होंगे। परिषद के कार्यपालन उपाध्यक्ष की नियुक्ति मुख्यमंत्री करेंगे। परिषद में 15 पदेन सदस्य होंगे। एक करोड़ या इससे अधिक का दान देने वाले दानदाता को भी तीन वर्ष के लिए परिषद का सदस्य बनाया जा सकेगा।

श्री शुक तीर्थ विकास परिषद विधेयक 2023

विधानसभा में श्री शुक तीर्थ विकास परिषद विधेयक भी रखा गया। इसके जरिए क्षेत्र में पर्यटक अवस्थापना सुविधाओं, सांस्कृतिक, पारिस्थितिकी और स्थापत्य विरासत के सौंदर्यीकरण व संरक्षण की योजनाएं चलेंगी। एकीकृत पर्यटन विकास का काम भी इसके जरिए होगा। श्री अयोध्या जी तीर्थ विकास परिषद की तर्ज पर मुख्यमंत्री इसके भी अध्यक्ष होंगे। पर्यटन मंत्री परिषद के उपाध्यक्ष होंगे। परिषद के कार्यपालक उपाध्यक्ष की नियुक्ति मुख्यमंत्री करेंगे। परिषद में 15 पदेन सदस्य होंगे। एक करोड़ रुपये या इससे अधिक का दान देने वाले दानदाता को इसमें भी तीन वर्ष के लिए सदस्य बनाया जाएगा।

श्री देवीपाटन धाम तीर्थ विकास परिषद विधेयक 2023

श्री देवीपाटन धाम तीर्थ विकास परिषद के गठन से मां पाटेश्वरी धाम के पूरे क्षेत्र में पर्यटन विकास को गति मिलेगी। परिषद के अध्यक्ष देवीपाटन मंडल के कमिश्नर होंगे। मुख्य कार्यपालक अधिकारी की नियुक्ति सरकार करेगी। यही पदेन सचिव भी होंगे। साथ ही परिषद में 17 पदेन सदस्य होंगे। परिषद का मुख्यालय बलरामपुर में होगा। परिषद क्षेत्र की ऐतिहासिक, विरासत वाले स्थलों, पुरातात्विक महत्व के स्थलों का संरक्षण करेगा। इन क्षेत्र में आम जनता के लिए मूलभूत सुविधाओं का भी विकास होगा।

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