Punjab: पेडा द्वारा पंजाब में 10 सी. बी. जी. प्लांट स्थापित करने के लिए गेल (इंडिया) के साथ समझौता

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  • मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान द्वारा गेल (इंडिया) लिमटिड को बधाई; पेडा को सहयोग देने के दिए निर्देश
  • पंजाब सरकार फसलों के अवशेष के उचित प्रयोग के लिए वचनबद्ध : अमन अरोड़ा
  • इन सी. बी. जी. प्लांटों में 1. 25 लाख एकड़ की पराली की खपत होने की उम्मीद : सचिव डा. रवि भगत
  • गेल इंडिया 600 करोड़ रुपए के निवेश के साथ पंजाब में 10 सी. बी. जी. प्लांट स्थापित करेगी : कार्यकारी डायरैक्टर गेल आर. के. सिंघल

चंडीगढ़, 21 नवंबरः

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की वचनबद्धता अनुसार फसलों के अवशेष के सुयोग्य प्रयोग और पराली जलाने से रोकने की दिशा की तरफ कदम उठाते हुये पंजाब ऊर्जा विकास एजेंसी (पेडा) ने नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा स्रोत मंत्री श्री अमन अरोड़ा के नेतृत्व अधीन गेल (इंडिया) लिमटिड के साथ समझौता सहीबद्ध किया, जिससे गेल की तरफ से राज्य में 10 कम्परैसड बायोगैस (सी. बी. जी.) प्रोजैक्ट और नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा के अन्य प्रोजेक्टों की स्थापना का रास्ता साफ हो गया है।
इस समझौते पर पेडा के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सी. ई. ओ.) डा. अमरपाल सिंह और गेल (इंडिया) के कार्यकारी डायरैक्टर (बिज़नस डिवैल्पमैंट और ई एंड पी) श्री आर. के. सिंघल ने नवीन और नवीनकरणीय ऊर्जा स्रोत विभाग के सचिव डा. रवि भगत की मौजूदगी में हस्ताक्षर किये।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने 10 सी. बी. जी. प्रोजैक्टों की स्थापना के लिए समझौता सहीबद्ध करने पर गेल ( इंडिया) लिमटिड और पेडा को बधाई दी। उन्होंने पेडा को गेल (इंडिया) को पूरा सहयोग देने के लिए भी कहा।
श्री अमन अरोड़ा ने कहा कि यह समझौता राज्य को सालाना 5 लाख टन पराली का निपटारा करने और इससे साफ़- स्वच्छ ऊर्जा पैदा करने में मदद करेगा। पंजाब एक कृषि प्रधान राज्य है और यहाँ फसलों के अवशेष पर आधारित सी. बी. जी. प्लांटों की अथाह संभावनाएं हैं। उन्होंने आगे कहा कि पंजाब सरकार की व्यापार अनुकूल नीतियाँ बहु-राष्ट्रीय कंपनियों को राज्य में निवेश के लिए उत्साहित कर रही हैं।
सचिव एन. आर. ई. एस. डा. रवि भगत ने बताया कि इन 10 प्रोजेक्टों की स्थापना से लगभग 1.25 लाख एकड़ क्षेत्रफल में पराली जलाने से बचने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि इन प्लांटों को पराली की सप्लाई के लिए गाँव स्तर पर उद्यमी भी पैदा होंगे, जिससे आगे 500 से अधिक व्यक्तियों के लिए रोज़गार भी पैदा होगा।
सी. ई. ओ डॉ. अमरपाल सिंह ने बताया कि इन प्रोजेक्टों से पैदा होने वाले सी. बी. जी. से 250 से अधिक व्यक्तियों को प्रत्यक्ष तौर पर और 600 के करीब लोगों को अप्रत्यक्ष तौर पर रोज़गार मिलेगा। यह प्रोजैक्ट लगभग 1.25 लाख एकड़ क्षेत्रफल में पराली को जलाने से भी रोकने में मदद करेंगे। उन्होंने आगे बताया कि पेडा द्वारा गेल (इंडिया) को प्रोजेक्टों के लिए ज़मीन और ज़रूरी मंजूरियां हासिल करने में सहयोग करेगा।
गेल इंडिया के कार्यकारी डायरैक्टर श्री आर. के. सिंघल ने कहा कि वह नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों के क्षेत्र में प्रोजैक्ट विकसित करेंगे। गेल (इंडिया) लिमटिड की तरफ से शुरुआती तौर पर लगभग 600 करोड़ रुपए के निवेश के साथ 10 कम्परैस्सड बायोगैस (सीबीजी) प्रोजैक्ट स्थापित करेगी जो सालाना 35000 टन बायोगैस (सी. बी. जी.) और लगभग 8700 टन जैविक खाद का उत्पादन करेगी। यह प्रोजैक्ट इन प्लांटों को पराली की सप्लाई के लिए गाँव स्तर पर लगभग 100 उद्यमी पैदा करेंगे। उन्होंने कहा कि राज्य में नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा के और प्रोजैक्ट स्थापित करने की संभावना तलाशी जायेगी।
इस मौके पर पेडा के डायरैक्टर एम. पी. सिंह, जी. एम. मार्किटिंग गेल श्री आकाश और डिप्टी जी. एम. गेल श्री के. जे. सिंह भी उपस्थित थे।

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