UN: UNGA में नेतन्याहू के भाषण से पहले कई देशों ने किया वॉकआउट

वाशिंगटन, 25 सितंबर। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में अपने संबोधन के दौरान इजरायल की सैन्य कार्रवाइयों और सुरक्षा नीति का बचाव किया। उनके भाषण के दौरान कई देशों के प्रतिनिधि विरोध जताते हुए सभागार से बाहर चले गए। इससे संयुक्त राष्ट्र महासभा का हॉल काफी हद तक खाली नजर आया। नेतन्याहू ने इसके बावजूद अपना संबोधन जारी रखा और ईरान, हिजबुल्लाह, तुर्की, ब्रिटेन और फ्रांस समेत कई देशों और नेताओं पर तीखी टिप्पणियां कीं।

भाषण के दौरान नेतन्याहू ने एक पेजर दिखाया और हिजबुल्लाह के खिलाफ इजरायल के कथित खुफिया अभियान का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि पिछले तीन वर्षों में इजरायली सैनिकों ने सात अलग-अलग मोर्चों पर युद्ध लड़ा है। उन्होंने सवाल किया कि क्या न्यू जर्सी के आकार का कोई अन्य देश इतने लंबे समय तक सात मोर्चों पर संघर्ष कर सकता है।

नेतन्याहू ने ईरान के नेतृत्व पर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि इजरायल और उसके अमेरिकी सहयोगियों ने ईरानी सैन्य ढांचे तथा परमाणु प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया और इससे ईरान को परमाणु हथियार विकसित करने से रोका गया। उन्होंने कहा कि उन्होंने ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकने का संकल्प लिया था।

पेजर दिखाकर हिजबुल्लाह का किया जिक्र

नेतन्याहू ने अपने संबोधन में सितंबर 2024 में लेबनान में हुए पेजर विस्फोटों का संदर्भ दिया। उन्होंने मंच से पेजर दिखाते हुए हिजबुल्लाह को लेकर कहा कि उसे इन उपकरणों की घटना याद होगी। प्रस्तुत सामग्री के अनुसार, इन विस्फोटों में हिजबुल्लाह के सदस्यों के साथ आम नागरिक भी प्रभावित हुए थे।

इजरायली प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में तुर्की पर हमास का समर्थन करने का आरोप लगाया और राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन पर भी टिप्पणी की। उन्होंने न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी को भी निशाना बनाया। इसके अलावा ब्रिटेन और फ्रांस के औपनिवेशिक इतिहास का उल्लेख करते हुए उन्होंने इजरायल पर लगाए जाने वाले उपनिवेशवाद के आरोपों पर सवाल उठाया।

प्रतिनिधियों के वॉकआउट पर नेतन्याहू की टिप्पणी

नेतन्याहू के संबोधन के दौरान कई देशों के राजनयिक सभागार से बाहर चले गए। प्रस्तुत विवरण के मुताबिक, उनके दल के सदस्यों ने खड़े होकर तालियां बजाईं। खाली होती सीटों को देखते हुए नेतन्याहू ने उन प्रतिनिधियों पर भी टिप्पणी की जो अभी सभागार में मौजूद थे और उनसे बाहर चले जाने को कहा।

इजरायली प्रधानमंत्री की यात्रा को संक्षिप्त बताया गया है। प्रस्तुत जानकारी के अनुसार, वह न्यूयॉर्क से जल्द इजरायल लौटने वाले थे। इस यात्रा के दौरान अमेरिका के किसी शीर्ष नेता के साथ उनकी मुलाकात का कार्यक्रम भी नहीं था।

ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर जोर

नेतन्याहू ने अपने भाषण का एक बड़ा हिस्सा ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर लगाए गए इजरायली आरोपों पर केंद्रित किया। उन्होंने ईरानी नेतृत्व के खिलाफ कड़ी भाषा का इस्तेमाल करते हुए कहा कि ईरान के परमाणु हथियार हासिल करने की संभावना इजरायल और अन्य देशों के लिए खतरा हो सकती है।

उन्होंने यह दावा भी किया कि कई देशों के नेताओं ने निजी तौर पर ईरान की परमाणु क्षमताओं को रोकने के लिए इजरायल की कार्रवाई के प्रति आभार जताया है। हालांकि, ये दावे नेतन्याहू के अपने संबोधन में किए गए दावों के रूप में प्रस्तुत किए गए हैं।

 

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