नई दिल्ली।
इंग्लैंड दौरे पर पाकिस्तानी क्रिकेट टीम के शर्मनाक प्रदर्शन के बाद पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) ने एक ऐसा कदम उठाया है जिसने पूरी दुनिया के क्रिकेट विशेषज्ञों को चौंका दिया है। इंग्लैंड के खिलाफ जारी तीन मैचों की टेस्ट सीरीज के बीच में ही पाकिस्तान ने अपने सात प्रमुख खिलाड़ियों को घर वापस भेज दिया है। इतना ही नहीं, टीम के हेड कोच सरफराज अहमद और गेंदबाजी कोच उमर गुल को भी उनके पदों से तत्काल प्रभाव से हटा दिया गया है। बोर्ड के इस अप्रत्याशित और कठोर निर्णय के बाद पाकिस्तानी क्रिकेट में हड़कंप मच गया है।
पीसीबी के इस फैसले पर पूर्व चेयरमैन और दिग्गज क्रिकेटर रमीज राजा ने कड़ी नाराजगी जताई है। एक अंतरराष्ट्रीय पोडकास्ट में चर्चा के दौरान रमीज राजा ने कहा कि वह इस तरह के निर्णय से पूरी तरह हैरान हैं और इसे क्रिकेट के खेल के लिए एक बुरा संकेत मानते हैं। राजा ने तंज कसते हुए कहा कि सीरीज के बीच में इतने बड़े पैमाने पर बदलाव करके पाकिस्तान ने एक तरह का ‘विश्व रिकॉर्ड’ बना दिया है, जो किसी भी स्थिति में गर्व की बात नहीं है। उन्होंने कहा कि ऐसा व्यवहार किसी पेशेवर क्रिकेट टीम की गरिमा के अनुरूप नहीं है।
रमीज राजा के अनुसार, पीसीबी का यह कदम बोर्ड के भीतर फैली घबराहट और दबाव को दर्शाता है। उन्होंने चेतावनी दी कि सीरीज के दौरान इस तरह के बदलाव करने से टीम की एकजुटता खत्म हो जाएगी और खिलाड़ी केवल अपने व्यक्तिगत प्रदर्शन के बारे में सोचने लगेंगे, जिससे टीम स्वार्थी बन जाएगी। राजा ने सवाल उठाया कि इस बात की क्या गारंटी है कि इतने सारे बदलावों के बाद तीसरे टेस्ट में नतीजे पाकिस्तान के पक्ष में आएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि जिन सात खिलाड़ियों को बीच दौरे से वापस भेजा गया है, उनका मनोबल पूरी तरह टूट चुका होगा और नए आने वाले खिलाड़ियों के लिए भी खुद को ढालना आसान नहीं होगा।
गौरतलब है कि पाकिस्तान की टीम मौजूदा इंग्लैंड दौरे पर बेहद खराब दौर से गुजर रही है। लीड्स में खेले गए पहले टेस्ट मैच में पाकिस्तान को एक पारी और 103 रनों की बड़ी हार का सामना करना पड़ा था। इसके बाद लॉर्ड्स में हुए दूसरे टेस्ट में भी टीम की किस्मत नहीं बदली और उसे 194 रनों से करारी शिकस्त झेलनी पड़ी। इस तरह पाकिस्तान तीन मैचों की श्रृंखला में 0-2 से पिछड़ चुका है। सीरीज का तीसरा और अंतिम मुकाबला 9 सितंबर से बर्मिंघम में खेला जाना है, जिसके लिए टीम पूरी तरह बदली हुई नजर आएगी।
रमीज राजा ने कोचों को हटाए जाने पर भी अपनी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि जिस तरह से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ख्याति प्राप्त कोचों को बीच में ही बर्खास्त किया गया है, उससे भविष्य में कोई भी बड़ा नाम पाकिस्तानी टीम को अपनी सेवाएं देने से पहले कई बार सोचेगा। उन्होंने कहा कि पेशेवरों का सम्मान करना जरूरी है और इस तरह के फैसलों से चीजें हाथ से बाहर निकलती जा रही हैं। पूर्व चेयरमैन ने स्वीकार किया कि वह खुद भी असमंजस में हैं कि पाकिस्तान क्रिकेट की इस बिगड़ती स्थिति को कैसे सुधारा जाए। फिलहाल, पाकिस्तानी टीम में मचे इस बवाल ने आगामी बर्मिंघम टेस्ट से पहले टीम की तैयारियों और साख पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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