पटियाला। पंजाब के पटियाला जिले में तीन मासूम बच्चों की नहर में डूबने से हुई मौत के मामले में पुलिस ने एक बड़ा और कड़ा कानूनी कदम उठाया है। थाना खेड़ी गंडियां के अंतर्गत आने वाले मंडौली क्षेत्र में हुई इस हृदयविदारक घटना में पुलिस ने अब मृत बच्चों के माता-पिता के खिलाफ ही हत्या का मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ने इस कार्रवाई के तहत बच्चों के पिता हरप्रभजोत और मां जसविंदर कौर को गिरफ्तार कर लिया है। यह मामला अब एक ऐसे मोड़ पर पहुंच गया है, जहां बच्चों की सुरक्षा करने वाले उनके जन्मदाता ही उनकी जान लेने के आरोपी बन गए हैं।
थाना प्रभारी जरनैल सिंह भुल्लर ने इस गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए बताया कि पुलिस ने प्राथमिक जांच और साक्ष्यों के आधार पर यह कार्रवाई की है। हालांकि, इस मामले में केवल माता-पिता ही आरोपी नहीं हैं। पुलिस ने मृत बच्चों के मामा बलकार सिंह के बयानों के आधार पर परिवार के कई अन्य सदस्यों को भी नामजद किया है। इनमें बच्चों के दादा स्वर्ण सिंह, दादी गुरमेल कौर, बुआ अमनदीप कौर, एकमदीप कौर और किरनजोत कौर के नाम शामिल हैं। बलकार सिंह ने इन सभी पर उसकी बहन को प्रताड़ित करने और बच्चों को मौत के मुंह में धकेलने के लिए मजबूर करने का आरोप लगाया है। पुलिस के अनुसार, इन अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है।
घटना की पृष्ठभूमि में गहरा पारिवारिक विवाद और घरेलू हिंसा की एक दुखद कहानी छिपी है। बच्चों के मामा बलकार सिंह, जो गांव मिराजपुर के निवासी हैं, ने पुलिस को दिए बयानों में बताया कि उनकी बहन जसविंदर कौर की शादी हरप्रभजोत सिंह के साथ हुई थी। आरोप है कि शादी के बाद से ही जसविंदर के ससुर स्वर्ण सिंह और सास गुरमेल कौर उसे मानसिक और शारीरिक रूप से परेशान करते थे। बलकार सिंह के अनुसार, ससुराल पक्ष के लोग अपनी बेटियों के बहकावे में आकर जसविंदर के साथ अक्सर मारपीट करते थे। विवाद इस कदर बढ़ गया था कि करीब चार महीने पहले भी जसविंदर के साथ गंभीर मारपीट की गई थी, जिसके बाद सामाजिक हस्तक्षेप से दोनों पक्षों में राजीनामा कराया गया था।
तमाम समझौतों के बावजूद उत्पीड़न का सिलसिला नहीं थमा। मानसिक तनाव और प्रताड़ना से तंग आकर 24 मई की सुबह लगभग नौ बजे हरप्रभजोत और जसविंदर कौर ने एक खौफनाक योजना बनाई। वे अपने तीनों बच्चों—14 साल के बेटे एकमजोत, 12 साल की बेटी मुस्कान और 8 साल की राजबीर कौर को मोटरसाइकिल पर बिठाकर गांव मंडौली के पास नहर पर ले गए। नहर किनारे पहुंचकर उन्होंने एक सुसाइड वीडियो रिकॉर्ड किया, जिसमें उन्होंने ससुराल पक्ष के सदस्यों पर गंभीर आरोप लगाए और उन्हें इस कदम के लिए जिम्मेदार ठहराया।
वीडियो बनाने के बाद, माता-पिता ने अपने तीनों मासूम बच्चों के साथ नहर की तेज लहरों में छलांग लगा दी। वहां मौजूद लोगों ने जब उन्हें डूबते देखा, तो तुरंत बचाने के प्रयास शुरू किए। स्थानीय लोगों ने कड़ी मशक्कत के बाद जसविंदर कौर और उसके पति हरप्रभजोत को तो पानी से सुरक्षित बाहर निकाल लिया, लेकिन तीनों बच्चे पानी के तेज बहाव में बह गए और उनकी मौत हो गई।
इस घटना ने पूरे समाज को झकझोर कर रख दिया है। पुलिस का मानना है कि भले ही दंपति प्रताड़ना का शिकार था, लेकिन बच्चों की जान लेना कानूनन हत्या की श्रेणी में आता है। फिलहाल गिरफ्तार माता-पिता से पूछताछ की जा रही है और पुलिस यह जानने का प्रयास कर रही है कि क्या बच्चों को जबरन फेंका गया था। वहीं, फरार चल रहे दादा, दादी और बुआ की तलाश में पुलिस की टीमें अलग-अलग ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि दोषियों को कड़ी सजा दिलाई जाएगी
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