Punjab: विश्वासमत प्रस्ताव के साथ पंजाब विधानसभा सत्र का आगाज विपक्ष ने सरकार के खिलाफ खोला मोर्चा – The Hill News

Punjab: विश्वासमत प्रस्ताव के साथ पंजाब विधानसभा सत्र का आगाज विपक्ष ने सरकार के खिलाफ खोला मोर्चा

चंडीगढ़। पंजाब विधानसभा के विशेष सत्र की शुरुआत शुक्रवार को भारी राजनीतिक
गहमागहमी और हंगामे के बीच हुई। सदन की कार्यवाही शुरू होते ही सबसे
पहले देश और राज्य की महान विभूतियों को याद किया गया। स्वतंत्रता सेनानी चमन
लाल, विख्यात फोटोग्राफर रघु राय और दिग्गज हॉकी खिलाड़ी गुरबख्श सिंह
ग्रेवाल सहित अन्य दिवंगत हस्तियों को श्रद्धांजलि दी गई। सदन में
शोक प्रस्ताव पारित होने के बाद कार्यवाही को कुछ समय के लिए स्थगित कर दिया
गया।

सत्र की शुरुआत के साथ ही पंजाब की सियासत में जबरदस्त हलचल देखी जा रही है। आम
आदमी पार्टी की सरकार आज सदन में विश्वासमत प्रस्ताव लाने की तैयारी में
है। माना जा रहा है कि कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा इस प्रस्ताव को पटल पर रख
सकते हैं। पार्टी ने अपनी शक्ति और एकजुटता दिखाने के लिए अपने सभी विधायकों को
व्हिप जारी किया है और उन्हें सत्र के दौरान अनिवार्य रूप से उपस्थित रहने के
निर्देश दिए गए हैं।

दूसरी तरफ, विपक्षी दलों ने सरकार को घेरने के लिए विधानसभा परिसर के भीतर और बाहर
कड़ा रुख अपनाया है। मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस के विधायकों ने विधानसभा के बाहर
जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। कांग्रेस विधायक परगट सिंह ने सरकार पर निशाना साधते
हुए कहा कि यह सत्र केवल एक राजनीतिक नाटक है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार
मजदूरों के कल्याण और न्यूनतम मजदूरी बढ़ाने जैसे विषयों का सहारा
लेकर असल में जनता का ध्यान मूल समस्याओं से भटकाने का प्रयास कर रही है।

भारतीय जनता पार्टी ने भी सरकार की स्थिरता पर सवाल खड़े किए हैं। भाजपा नेताओं का
कहना है कि पंजाब में राजनीतिक अनिश्चितता का माहौल है और वर्तमान सरकार अपना
विश्वास खो चुकी है। भाजपा का दावा है कि राज्य में जल्द ही एक बड़ा उलटफेर
देखने को मिल सकता है। इसी बीच, आम आदमी पार्टी के छह राज्यसभा सांसदों के पाला
बदलकर भाजपा में शामिल होने की चर्चाओं ने सियासी पारे को और अधिक बढ़ा
दिया है।

हालांकि, आम आदमी पार्टी ने इन सभी अटकलों को निराधार बताया है। विधायक कुलदीप सिंह
धालीवाल ने स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी पूरी तरह एकजुट है और भाजपा के मंसूबे
कामयाब नहीं होंगे। उन्होंने कहा कि सरकार के पास बहुमत का पर्याप्त
आंकड़ा मौजूद है और उसे कोई खतरा नहीं है। गौरतलब है कि 117 सीटों वाली पंजाब
विधानसभा में बहुमत सिद्ध करने के लिए 59 विधायकों के समर्थन की आवश्यकता होती है।
फिलहाल सभी की नजरें सदन की अगली कार्यवाही और विश्वासमत पर टिकी हैं, जिससे यह
साफ हो जाएगा कि राज्य की सत्ता का ऊंट किस करवट बैठता है।

 

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