चंडीगढ़। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान आम आदमी पार्टी के सात राज्यसभा
सांसदों के हालिया दलबदल और उनके भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने के
मामले को लेकर राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मु से मुलाकात करेंगे। मुख्यमंत्री ने
जानकारी दी है कि राष्ट्रपति की ओर से उन्हें 5 मई को दोपहर 12 बजे का समय
दिया गया है। इस मुलाकात के दौरान वह सांसदों के पाला बदलने और जनता के
जनादेश के अपमान का मुद्दा संवैधानिक स्तर पर उठाएंगे। हालांकि, अभी यह
स्पष्ट नहीं हो पाया है कि राष्ट्रपति से मिलने वाले इस प्रतिनिधिमंडल में पार्टी
के सभी विधायक शामिल होंगे या केवल शीर्ष नेतृत्व ही दिल्ली जाएगा।
चंडीगढ़ स्थित अपनी सरकारी रिहायश पर आयोजित एक पत्रकार वार्ता में भगवंत सिंह मान
ने कहा कि जिन सदस्यों को पार्टी और राज्य की जनता ने बड़े भरोसे के साथ उच्च सदन
में भेजा था, उनका इस तरह दल बदलना एक गंभीर विषय है। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक
मूल्यों के खिलाफ बताते हुए कहा कि सरकार इस पूरे मामले में सभी कानूनी और
संवैधानिक विकल्पों पर विचार कर रही है ताकि जनता के भरोसे को सुरक्षित रखा जा
सके। मान ने जोर देकर कहा कि वह पंजाब के हितों और जनता के फैसलों के साथ
किसी भी प्रकार का समझौता नहीं होने देंगे।
मुलाकात की रणनीति पर बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस संवैधानिक संकट को
राष्ट्रपति के समक्ष मजबूती से रखा जाएगा। साथ ही, उन्होंने विपक्षी खेमे
में जाने वाले सांसदों की सदस्यता रद्द करने संबंधी प्रावधानों पर भी चर्चा
करने का संकेत दिया। इसी दौरान राज्य में विधायकों के पाला बदलने की
चर्चाओं पर विराम लगाते हुए उन्होंने कहा कि यदि आवश्यकता पड़ी, तो
वह विधानसभा में अपना बहुमत साबित करने के लिए भी पूरी तरह तैयार हैं।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मुख्यमंत्री ने ऑस्ट्रेलिया से वापस भेजे जा रहे
भारतीयों के मुद्दे पर भी महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। उन्होंने
बताया कि आज 15 भारतीयों को डिपोर्ट किया जा रहा है, जिनमें से 11 लोग पंजाब
के रहने वाले हैं। इन लोगों में एक महिला भी शामिल है। अन्य लोग हरियाणा,
तेलंगाना और उत्तराखंड से हैं। मान ने कहा कि इन सभी को रिसीव करने
के लिए पंजाब सरकार के अधिकारी तैनात रहेंगे और राज्य वापस आने पर इस बात की जांच
की जाएगी कि कहीं इन लोगों को भेजने में ट्रैवल एजेंटों ने धोखाधड़ी तो नहीं की
है। यदि एजेंटों की गलती पाई गई, तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
अंत में, पटियाला रेलवे लाइन पर हुए धमाके के मामले में मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया
कि पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए संलिप्त लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। मामले
की जांच केंद्रीय एजेंसियों के साथ मिलकर की जा रही है। उन्होंने कहा कि जांच में
अमृतपाल सिंह का नाम आने की चर्चा जरूर है, लेकिन फिलहाल किसी ठोस नतीजे पर
पहुंचना जल्दबाजी होगी। मान ने कहा कि किसी का केवल अनुयायी होना उसे
अपराधी साबित नहीं करता, लेकिन कानून-व्यवस्था को चुनौती देने वालों को
किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।
Pls read:Punjab: कुश्ती के अखाड़े से अब राजनीति के मैदान में उतरेंगे रुस्तम-ए-हिंद जस्सा पट्टी