कालागढ़ (पौड़ी गढ़वाल)। उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जनपद के अंतर्गत आने वाले कालागढ़ कस्बे में बीती रात हाथी के हमले की एक हृदयविदारक घटना सामने आई है। इस हमले में एक व्यक्ति की मौके पर ही जान चली गई। घटना के बाद से पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल व्याप्त है। बताया जा रहा है कि मृतक व्यक्ति मानसिक रूप से कुछ कमजोर था और उसकी अभी तक पहचान नहीं हो पाई है। पुलिस और वन विभाग की टीमें शिनाख्त के प्रयासों में जुटी हुई हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह दर्दनाक हादसा देर रात करीब 11 बजे घटित हुआ। कालागढ़ की नई कॉलोनी से शिव मंदिर की ओर जाने वाले मार्ग पर अचानक एक जंगली हाथी जंगल से निकलकर आ गया। इसी मार्ग पर वह व्यक्ति मौजूद था, जिस पर हाथी ने हमला बोल दिया। प्रत्यक्षदर्शियों और मौके पर मिली स्थितियों के अनुसार, हाथी ने व्यक्ति को बुरी तरह पटक कर मार डाला। हाथी के हमले की आवाज और शोर सुनकर आसपास के लोग एकत्र होने लगे और तुरंत प्रशासन को सूचना दी गई।
हादसे की जानकारी मिलते ही स्थानीय पुलिस और कॉर्बेट टाइगर रिजर्व की कालागढ़ रेंज के कर्मी तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे। टीम ने सबसे पहले सुरक्षा घेरा बनाया और काफी मशक्कत के बाद हाथी को आबादी वाले क्षेत्र से दूर जंगल की तरफ खदेड़ा। जब स्थिति नियंत्रण में आई, तब पुलिस ने मृतक के शव को अपने कब्जे में लिया। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि मृतक व्यक्ति की मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी और वह अक्सर क्षेत्र की सड़कों पर घूमता रहता था।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मृतक के पास से ऐसा कोई दस्तावेज या पहचान पत्र बरामद नहीं हुआ है, जिससे उसकी शिनाख्त हो सके। मृतक की फोटो आसपास के सभी थाना क्षेत्रों और सीमावर्ती इलाकों में भेज दी गई है ताकि उसकी पहचान सुनिश्चित की जा सके। पुलिस ने यह भी बताया कि आसपास के ग्रामीणों और दुकानदारों से पूछताछ की जा रही है कि क्या किसी ने उसे पहले कहीं देखा था या वह कहां का रहने वाला था।
कालागढ़ का यह क्षेत्र कॉर्बेट टाइगर रिजर्व की सीमा से सटा हुआ है, जिस कारण यहां जंगली जानवरों, विशेषकर हाथियों की आवाजाही बनी रहती है। रात के समय हाथियों का आबादी वाले क्षेत्रों या मंदिर जाने वाले रास्तों पर आना स्थानीय निवासियों के लिए हमेशा से चिंता का विषय रहा है। इस घटना ने एक बार फिर मानव और वन्यजीवों के बीच बढ़ते संघर्ष की याद दिला दी है।
वन विभाग की टीम ने क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ा दी है और गश्त तेज कर दी है। अधिकारियों ने स्थानीय नागरिकों से अपील की है कि वे रात के समय अकेले बाहर न निकलें और विशेष रूप से जंगल के करीब जाने वाले रास्तों पर जाने से बचें। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और शिनाख्त होने का इंतजार किया जा रहा है। इस घटना के बाद से शिव मंदिर मार्ग और आसपास की कॉलोनियों में सन्नाटा पसरा हुआ है और लोग सुरक्षित स्थानों पर रहने को मजबूर हैं। प्रशासन की प्राथमिकता फिलहाल मृतक के परिजनों का पता लगाना और क्षेत्र में दोबारा ऐसे हमलों को रोकना है।