Himachal: शिमला में नशे के विरुद्ध पुलिस की सबसे बड़ी स्ट्राइक छह करोड़ मूल्य का चिट्टा बरामद

शिमला। हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में पुलिस ने नशे के काले कारोबार के विरुद्ध अब तक की सबसे बड़ी सफलता हासिल की है। शिमला पुलिस की विशेष जांच इकाई (एसआइयू) ने एक गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए करोड़ों रुपये मूल्य के चिट्टे के साथ एक नशा तस्कर को दबोचा है। यह कार्रवाई शिमला के तारा देवी इलाके में आइटीबीपी कैंप के समीप की गई। पुलिस द्वारा पकड़ी गई नशे की इस खेप को इस साल की अब तक की सबसे बड़ी बरामदगी माना जा रहा है, जिसने प्रदेश में सक्रिय नशा माफिया की जड़ों को हिलाकर रख दिया है।


गिरफ्तारी और बरामदगी का विवरण
शिमला पुलिस की विशेष जांच इकाई (एसआइयू) को क्षेत्र में मादक पदार्थों की बड़ी खेप आने की पुख्ता जानकारी मिली थी। इसी सूचना पर कार्रवाई करते हुए टीम ने तारा देवी के पास विशेष नाकाबंदी की। तलाशी के दौरान वहां मौजूद एक संदिग्ध युवक के पास से 1.120 किलोग्राम चिट्टा बरामद किया गया। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इस खेप की अनुमानित कीमत करीब 6 करोड़ रुपये बताई जा रही है। पकड़े गए आरोपित की पहचान 22 वर्षीय विजय कुमार के रूप में हुई है, जो हरियाणा के अंबाला जिले के नारायणगढ़ का निवासी है।

कानूनी कार्रवाई और पुलिस रिमांड
नशीले पदार्थों की इतनी बड़ी मात्रा मिलने के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए विजय कुमार को हिरासत में ले लिया। इस मामले में शिमला के बालूगंज थाना में संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस आरोपित को न्यायालय में पेश करने की तैयारी कर रही है, ताकि उसे रिमांड पर लिया जा सके। रिमांड के दौरान पुलिस आरोपित से इस अवैध धंधे में शामिल अन्य कड़ियों के बारे में पूछताछ करेगी।

संगठित नशा नेटवर्क की जांच
पुलिस की प्रारंभिक जांच में यह संकेत मिले हैं कि यह केवल एक व्यक्ति का काम नहीं है, बल्कि इसके पीछे एक बहुत बड़ा और संगठित तस्करी नेटवर्क काम कर रहा है। जांच एजेंसियां अब इस बात की तहकीकात कर रही हैं कि चिट्टे की इतनी बड़ी खेप कहां से तैयार होकर आई थी और इसे शिमला या राज्य के किन हिस्सों में किन लोगों को सप्लाई किया जाना था। पुलिस की टीमें आरोपित विजय कुमार के मोबाइल फोन रिकॉर्ड, उसके पिछले कुछ समय के संपर्कों और वित्तीय लेन-देन के विवरण को खंगाल रही हैं ताकि मुख्य सरगना तक पहुंचा जा सके।

पुलिस प्रशासन का कड़ा रुख
इस बड़ी सफलता पर पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि नशे के खिलाफ उनका अभियान रुकने वाला नहीं है। पुलिस का लक्ष्य राज्य से नशे के कारोबार को पूरी तरह जड़ से खत्म करना है। अधिकारियों के अनुसार, साल 2026 की यह सबसे बड़ी बरामदगी पुलिस के बढ़ते मनोबल का परिणाम है। विभाग ने चेतावनी दी है कि इस अवैध व्यापार में संलिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे उसके तार कितने भी प्रभावशाली लोगों से जुड़े हों। आने वाले दिनों में इस मामले में कुछ और बड़ी गिरफ्तारियां होने की संभावना जताई जा रही है।

 

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