देहरादून। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हाल ही में अपने दिल्ली
दौरे के उपरांत सड़क मार्ग से देहरादून लौटते हुए एक सुखद अनुभव साझा किया।
उन्होंने दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर के माध्यम से राजधानी दिल्ली से
देहरादून तक का सफर रिकॉर्ड ढाई घंटे में पूरा किया। मुख्यमंत्री ने इस
यात्रा को नए भारत की बदलती तस्वीर और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर की सफलता का
एक बेहतरीन उदाहरण बताया।
सफर पूरा करने के बाद अपनी प्रतिक्रिया देते हुए पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि यह नए
भारत की तेज रफ्तार है। उन्होंने इसके लिए केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र
मोदी का विशेष रूप से आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के
दूरदर्शी नेतृत्व में देश भर में सड़क और परिवहन की सुविधाओं का जिस गति से
विस्तार हो रहा है, यह कॉरिडोर उसी का एक जीवंत परिणाम है। पहले इस दूरी को तय
करने में काफी अधिक समय लगता था, लेकिन अब इस कॉरिडोर ने उत्तराखंड और दिल्ली के
बीच की दूरी को बेहद कम कर दिया है, जिससे पर्वतीय राज्यों को सीधा लाभ मिल रहा
है।
मुख्यमंत्री ने इस विकास परियोजना के दूरगामी लाभों पर चर्चा करते हुए बताया कि
दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर केवल यात्रा के समय को ही कम नहीं कर
रहा, बल्कि यह राज्य के समग्र विकास के लिए नए द्वार खोल रहा है। इस कॉरिडोर
के बनने से उत्तराखंड में पर्यटन के क्षेत्र में भारी उछाल आने की उम्मीद है।
इसके साथ ही, राज्य में निवेश के लिए भी एक अनुकूल वातावरण तैयार हो रहा
है, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अनगिनत अवसर पैदा होंगे।
उन्होंने आगे कहा कि इस सुगम परिवहन सुविधा का सबसे अधिक लाभ चारधाम यात्रा पर आने
वाले श्रद्धालुओं को मिलेगा। इसके अतिरिक्त राज्य के अन्य प्रमुख धार्मिक और
पर्यटन स्थलों तक पहुँच भी अब पहले से कहीं अधिक आसान और सुरक्षित हो गई
है। मुख्यमंत्री ने इस कॉरिडोर को उत्तराखंड के लिए मील का पत्थर करार देते हुए
कहा कि ऐसी बड़ी परियोजनाएं राज्य की आर्थिक स्थिति को मजबूती प्रदान करने में
सहायक सिद्ध हो रही हैं। यह विकास कार्य न केवल सुशासन का प्रतीक हैं, बल्कि
विकसित उत्तराखंड के संकल्प को पूरा करने की दिशा में एक बड़ा कदम भी
हैं।
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