देहरादून। उत्तराखंड में अप्रैल का महीना अपनी विदाई के करीब है, लेकिन जाते-जाते
गर्मी ने अपने तेवर बेहद कड़े कर लिए हैं। तपती धूप और लगातार बढ़ते तापमान ने आम
जनजीवन को बेहाल कर दिया है। गर्मी की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता
है कि राजधानी देहरादून में हाल ही में भीषण लू के प्रकोप के चलते स्कूलों और
सरकारी दफ्तरों को बंद करने तक के आदेश जारी करने पड़े थे। हालांकि, झुलसा
देने वाली इस तपिश के बीच मौसम विभाग ने राहत भरी खबर दी है। वैज्ञानिकों ने
आगामी 28 और 29 अप्रैल के लिए प्रदेश के कई हिस्सों में तेज बारिश और
ओलावृष्टि की चेतावनी साझा की है।
मौसम विभाग द्वारा जारी ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, 28 अप्रैल को पर्वतीय
क्षेत्रों में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदलने वाला है। राज्य के
छह प्रमुख जिलों रुद्रप्रयाग, चमोली, उत्तरकाशी, नैनीताल, बागेश्वर और पिथौरागढ़
में कहीं-कहीं तेज बौछारों के साथ बादलों की गर्जना होने की प्रबल संभावना है। इसके
साथ ही इन इलाकों में आकाशीय बिजली चमकने और करीब 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार
से झोंकेदार हवाएं चलने की भी चेतावनी दी गई है। कुछ दुर्गम स्थानों पर ओलावृष्टि
की भी आशंका जताई गई है, जिससे बढ़ते तापमान में गिरावट आने की उम्मीद है।
मैदानी और मध्यम ऊंचाई वाले क्षेत्रों की बात करें तो देहरादून, टिहरी, पौड़ी,
अल्मोड़ा और चंपावत जिलों में भी मौसम करवट ले सकता है। यहाँ के कुछ
हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश होने के आसार बन रहे हैं। दूसरी ओर,
हरिद्वार और उधम सिंह नगर जिलों के निवासियों को फिलहाल बारिश के लिए
थोड़ा और इंतजार करना पड़ सकता है। इन दो मैदानी जिलों में मौसम मुख्य रूप से
शुष्क ही बना रहेगा। हालांकि, वैज्ञानिकों का कहना है कि यहाँ भी बादल गरजने, बिजली
चमकने और तेज हवाएं चलने जैसी गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं, लेकिन बारिश की
संभावना काफी कम है।
मौसम विज्ञान केंद्र ने 29 अप्रैल के लिए मौसम की स्थिति और अधिक गंभीर होने का
संकेत दिया है। इस दिन के लिए प्रदेश के 10 जिलों में भारी बारिश और
ओलावृष्टि का ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया गया है। इन जिलों की सूची में
देहरादून, चमोली, रुद्रप्रयाग, टिहरी, पौड़ी, उत्तरकाशी, नैनीताल, पिथौरागढ़,
बागेश्वर और अल्मोड़ा शामिल हैं। इन क्षेत्रों में रहने वाले लोगों और
तीर्थयात्रियों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। वहीं, हरिद्वार और
उधम सिंह नगर जिलों में इस दिन भी मौसम के शुष्क रहने का ही अनुमान लगाया गया
है। अप्रैल के अंतिम दिनों में होने वाली यह मौसमी हलचल बढ़ते तापमान से काफी हद तक
राहत दिला सकती है।