नई दिल्ली। यूनाइटेड किंगडम में भारत के उच्चायुक्त विक्रम दोरईस्वामी ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (होर्मुज जलडमरूमध्य) में व्यापारिक जहाजों पर हो रहे हमलों की कड़े शब्दों में निंदा की है। लंदन में आयोजित अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन (आईएमओ) परिषद के 36वें असाधारण सत्र को संबोधित करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि समुद्री सुरक्षा और नौवहन की स्वतंत्रता भारत के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने सभी नाविकों की सुरक्षा, वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखलाओं को सुरक्षित रखने के प्रति भारत की अटूट प्रतिबद्धता को दोहराया।
विक्रम दोरईस्वामी ने क्षेत्र में बदलती और तनावपूर्ण स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि भारत हमेशा से बातचीत और कूटनीति के माध्यम से समस्याओं के समाधान का पक्षधर रहा है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अत्यधिक संयम बरतने और नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का आह्वान किया। भारतीय उच्चायुक्त ने जोर देकर कहा कि वाणिज्यिक जहाजों और नागरिक समुद्री बुनियादी ढांचे को निशाना बनाना पूरी तरह से अस्वीकार्य है। उन्होंने दुख जताते हुए कहा कि इन हमलों के कारण न केवल आर्थिक जोखिम बढ़े हैं, बल्कि कई निर्दोष लोगों को अपनी जान भी गंवानी पड़ी है और कई लोग घायल हुए हैं।
नाविकों की सुरक्षा के मुद्दे पर भारत का पक्ष रखते हुए विक्रम दोरईस्वामी ने बताया कि भारत दुनिया के उन शीर्ष तीन देशों में शामिल है जो वैश्विक समुद्री कार्यबल को नाविक उपलब्ध कराते हैं। वैश्विक नाविकों की कुल संख्या में भारत का योगदान लगभग 13 प्रतिशत है, इसलिए नाविकों का कल्याण और उनकी सुरक्षा भारत के लिए एक भावनात्मक और रणनीतिक मुद्दा है। भारत सभी नाविकों की सुरक्षा को लेकर अपनी गंभीर चिंता व्यक्त करता है।
आईएमओ परिषद ने भी इस बैठक में व्यापारी जहाजों के खिलाफ मिल रही धमकियों और हमलों की निंदा की। परिषद ने खाड़ी क्षेत्र में नागरिक जहाजों की सुरक्षा के लिए अंतरराष्ट्रीय समन्वय की आवश्यकता पर बल दिया। बैठक में एक ‘समुद्री सुरक्षा गलियारा’ (मैरीटाइम सेफ्टी कॉरिडोर) बनाने के विचार को भी बढ़ावा दिया गया है। इस ढांचे का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना होगा कि अत्यधिक जोखिम वाले और प्रभावित इलाकों से व्यापारिक जहाजों को सुरक्षित मार्ग प्रदान किया जा सके।
इसी बीच, एक और महत्वपूर्ण कूटनीतिक घटनाक्रम में विक्रम दोरईस्वामी को चीन में भारत का नया राजदूत नियुक्त किया गया है। वर्तमान में वे ब्रिटेन में भारत के उच्चायुक्त के रूप में सेवाएं दे रहे हैं। उनकी यह नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब पूर्वी लद्दाख में पिछले चार वर्षों से जारी सैन्य गतिरोध के बाद भारत और चीन अपने द्विपक्षीय संबंधों को सामान्य बनाने की कोशिश कर रहे हैं। विदेश मंत्रालय के अनुसार, विक्रम दोरईस्वामी जल्द ही बीजिंग में अपना नया कार्यभार संभालेंगे। उनके पास चीन में भारतीय दूतावास में काम करने का पिछला अनुभव भी है, जो मौजूदा स्थितियों में संबंधों को सुधारने के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।