Himachal: चिट्टा मुक्त हिमाचल के लिए पुलिस की बड़ी कार्रवाई और प्रदेश भर में 145 ठिकानों पर छापेमारी

शिमला। हिमाचल प्रदेश पुलिस के प्रवक्ता ने रविवार को जानकारी दी कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू द्वारा शुरू किए गए राज्यव्यापी ‘एंटी-चिट्टा अभियान’ के तहत पुलिस नशा माफिया को जड़ से खत्म करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है। पुलिस का लक्ष्य प्रदेश को पूरी तरह से नशा मुक्त बनाना है और इसी संकल्प को पूरा करने के लिए कड़े कदम उठाए जा रहे हैं। अभियान के दूसरे चरण के अंतर्गत आज राज्य के सभी जिलों में एक साथ और समन्वित रूप से व्यापक तलाशी और छापेमारी की कार्रवाई की गई।

यह विशेष अभियान राज्य खुफिया विभाग (सीआईडी), सशस्त्र बलों और जिला पुलिस की संयुक्त टीम द्वारा खुफिया जानकारियों के आधार पर चलाया गया। प्रवक्ता ने बताया कि छापेमारी के दौरान नशीले पदार्थों की पहचान के लिए आधुनिक ‘ड्रग डिटेक्शन किट’ का प्रभावी ढंग से उपयोग किया गया ताकि मौके पर ही नशीले पदार्थों की पुष्टि की जा सके। पारदर्शिता बनाए रखने के लिए तलाशी, जब्ती और गिरफ्तारी की पूरी प्रक्रिया की विधिवत वीडियोग्राफी भी सुनिश्चित की गई। पुलिस ने स्पष्ट किया कि पूरी कार्रवाई एनडीपीएस एक्ट, बीएनएसएस और आर्म्स एक्ट जैसे कड़े कानूनी प्रावधानों के तहत ही संपन्न की गई है।

इस सघन तलाशी अभियान के दौरान प्रदेश भर में कुल 145 संदिग्ध ठिकानों पर छापेमारी की गई। इस कार्रवाई में पुलिस को नशीले पदार्थों और अवैध शराब की बड़ी खेप बरामद करने में सफलता मिली है। प्राप्त विवरण के अनुसार, पुलिस ने 406 ग्राम चरस, 19.236 ग्राम चिट्टा (हेरोइन), 124 ग्राम चूरा-पोस्त और 4,65,100 मिलीलीटर अवैध शराब जब्त की है। इन अवैध गतिविधियों में संलिप्त लोगों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई करते हुए एनडीपीएस एक्ट के तहत 6 और आबकारी अधिनियम के तहत 4 नए मामले दर्ज किए गए हैं।

राज्य सरकार और हिमाचल प्रदेश पुलिस ने यह स्पष्ट कर दिया है कि भविष्य में इस अभियान का विस्तार और अधिक वैज्ञानिक, आक्रामक और ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के साथ किया जाएगा। नशा मुक्त समाज के बड़े लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए पुलिस ने आम नागरिकों, विशेषकर युवाओं से सक्रिय सहयोग की अपील की है। पुलिस विभाग ने कहा है कि यदि किसी भी नागरिक के पास नशीले पदार्थों की तस्करी या संदिग्ध गतिविधियों से जुड़ी कोई जानकारी हो, तो वह बिना किसी डर के हेल्पलाइन नंबर 112 या नजदीकी पुलिस स्टेशन में इसकी सूचना दे सकता है। पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह से गुप्त रखी जाएगी।

मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में पुलिस प्रशासन इस सामाजिक बुराई को खत्म करने के लिए हर संभव प्रयास कर रहा है। प्रवक्ता के अनुसार, पुलिस की इस सख्ती और जनसहयोग के सकारात्मक परिणाम अब धरातल पर दिखने लगे हैं। नशा माफिया की कमर तोड़ने के लिए इस तरह की औचक और समन्वित कार्रवाइयां आने वाले समय में भी निरंतर जारी रहेंगी ताकि हिमाचल प्रदेश के युवाओं का भविष्य सुरक्षित रहे।

 

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