Himachal: सर्वाइकल कैंसर के खिलाफ हिमाचल में बड़ा अभियान और 65 हजार लड़कियों को लगेगा एचपीवी का मुफ्त टीका

शिमला। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (आईजीएमसी) शिमला से सर्वाइकल कैंसर के विरुद्ध राज्य स्तरीय एचपीवी टीकाकरण अभियान की औपचारिक शुरुआत की। इस महत्वाकांक्षी कार्यक्रम के तहत आगामी 90 दिनों के भीतर प्रदेश भर की 14 वर्ष की आयु वाली लगभग 65,000 लड़कियों को एचपीवी का टीका लगाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर अभिभावकों, पंचायत प्रतिनिधियों और स्वास्थ्य कर्मियों से विशेष अपील की कि वे इस अभियान को सफल बनाने के लिए आगे आएं और समाज में अधिक से अधिक जागरूकता फैलाएं।

प्रदेश में कैंसर के बढ़ते मामलों पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि उनकी सरकार इस घातक बीमारी से निपटने को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने ‘व्यवस्था परिवर्तन’ के अपने संकल्प को दोहराते हुए कहा कि पिछले 40 वर्षों से सरकारें एक ही पुरानी प्रणाली पर काम करती रहीं, लेकिन वर्तमान सरकार ने आधुनिक तकनीक को अपनाकर बड़ा बदलाव लाने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि यदि प्रारंभिक स्तर पर ही कैंसर की पहचान हो जाए, तो इसका प्रभावी इलाज पूरी तरह संभव है।

मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए कई बड़ी घोषणाएं करते हुए बताया कि हमीरपुर में 300 करोड़ रुपये की लागत से एक अत्याधुनिक कैंसर अस्पताल का निर्माण किया जाएगा। इससे प्रदेश के मरीजों को राज्य के भीतर ही सस्ता और सुलभ उपचार मिल सकेगा। इसके अतिरिक्त, अगले आठ महीनों के भीतर आईजीएमसी सहित राज्य के सभी मेडिकल कॉलेजों को विश्व स्तरीय चिकित्सा उपकरणों से लैस कर दिया जाएगा। सरकार का लक्ष्य है कि आने वाले तीन वर्षों में हिमाचल के सभी जोनल अस्पतालों और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में दिल्ली के एम्स की तर्ज पर आधुनिक सुविधाएं प्रदान की जाएं।

सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आगामी पांच वर्षों में हिमाचल प्रदेश को ‘हेल्थ टूरिज्म’ (स्वास्थ्य पर्यटन) के एक प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने का विजन साझा किया। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य ढांचे को मजबूती देने और आधुनिक मशीनों की स्थापना पर लगभग 3,000 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। हाल ही में आईजीएमसी में 19 साल पुरानी एमआरआई मशीन को बदलकर नई 3-टेस्ला तकनीक वाली मशीन स्थापित की गई है।

तकनीकी सुधारों पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश के पांचों मेडिकल कॉलेजों में रोबोटिक सर्जरी की सुविधा शुरू की जाएगी। टांडा और चमियाना अस्पताल के बाद अब 10 मार्च से आईजीएमसी में भी यह सेवा प्रारंभ हो जाएगी। स्वास्थ्य मंत्री धनीराम शांडिल ने कहा कि एचपीवी टीकाकरण अब नियमित टीकाकरण कार्यक्रम का हिस्सा होगा और बालिकाओं को यह मुफ्त दिया जाएगा। इस कार्यक्रम में विधायक हरीश जनार्था, सुरेश कुमार, स्वास्थ्य सचिव सुधा देवी, निदेशक गोपाल बेरी और मिशन निदेशक प्रदीप ठाकुर सहित कई अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

 

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