Bangladesh: बांग्लादेश में जनमत संग्रह में सुधारों को मिला समर्थन – The Hill News

Bangladesh: बांग्लादेश में जनमत संग्रह में सुधारों को मिला समर्थन

ढाका। बांग्लादेश में 12 फरवरी को हुए ऐतिहासिक आम चुनाव के परिणाम सामने आ गए हैं। बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) के नेतृत्व वाले गठबंधन ने 210 सीटों पर शानदार जीत दर्ज कर स्पष्ट बहुमत हासिल कर लिया है। पार्टी अध्यक्ष तारिक रहमान अब देश की कमान संभालने के लिए तैयार हैं और वे लगभग 35 वर्षों के अंतराल के बाद बांग्लादेश के पहले पुरुष प्रधानमंत्री बनेंगे। इस चुनाव के साथ ही बांग्लादेश ने अपनी राजनीतिक दिशा बदलने का बड़ा फैसला सुनाया है।

चुनाव के साथ-साथ देश में ‘रिफॉर्म पैकेज’ यानी ‘जुलाई नेशनल चार्टर 2025’ को लागू करने के लिए एक राष्ट्रीय जनमत संग्रह भी कराया गया। चुनाव आयोग के वरिष्ठ सचिव अख्तर अहमद के अनुसार, जनमत संग्रह में 60.26 प्रतिशत मतदान हुआ, जिसमें ‘हां’ के पक्ष में भारी बहुमत मिला। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, सुधारों के समर्थन में 4,80,74,429 वोट पड़े, जबकि विरोध में केवल 2,25,65,627 मतदाताओं ने अपनी राय दी। यह जनमत संग्रह देश की शासन प्रणाली को पूरी तरह से पुनर्गठित करने के लिए जनता की सहमति का प्रमाण है।

‘जुलाई चार्टर’ का निर्माण जुलाई 2024 में हुए छात्र विद्रोह के बाद किया गया था, जिसके कारण तत्कालीन प्रधानमंत्री शेख हसीना को सत्ता छोड़नी पड़ी थी। इस चार्टर में राज्य के पुनर्गठन से संबंधित कुल 84 सुधार बिंदु शामिल हैं। इसका मुख्य उद्देश्य कार्यकारी शक्तियों के एक ही स्थान पर केंद्रित होने को रोकना है, ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार के तानाशाही और फासीवादी शासन की पुनरावृत्ति न हो सके। संवैधानिक सुधार परिषद से यह उम्मीद की जा रही है कि वह अगले 270 कार्य दिवसों के भीतर इन सभी सुधारों को अमली जामा पहनाएगी।

चार्टर में प्रस्तावित प्रमुख बदलावों में प्रधानमंत्री के कार्यकाल की सख्त सीमा तय करना शामिल है ताकि कोई लंबे समय तक सत्ता पर काबिज न रह सके। इसके साथ ही, बांग्लादेश में पहली बार दो सदनों वाली संसद की व्यवस्था का प्रस्ताव है, जिसमें 100 सीटों वाला एक नया ऊपरी सदन बनाया जाएगा। इसमें सीटें पार्टियों के राष्ट्रीय वोट शेयर के आधार पर आवंटित की जाएंगी। साथ ही, प्रधानमंत्री की शक्तियों को संतुलित करने के लिए राष्ट्रपति की भूमिका को और अधिक मजबूत किया जाएगा। इन 84 सुधार प्रस्तावों में से 47 के लिए संविधान में संशोधन करना होगा, जबकि अन्य को कार्यकारी आदेशों के माध्यम से लागू किया जा सकेगा। यह सुधारों का तीसरा बड़ा प्रयास है जो बांग्लादेश को एक नई और संतुलित लोकतांत्रिक व्यवस्था की ओर ले जाएगा।

 

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