बाराबंकी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बाराबंकी में कड़े लहजे में स्पष्ट किया है कि जो लोग कयामत का सपना देख रहे हैं, उन्हें समझ लेना चाहिए कि अब न तो कोई कयामत आएगी और न ही कभी बाबरी ढांचे का दोबारा निर्माण होगा। उन्होंने दो टूक कहा कि देश में रहना है तो कायदे से रहना सीखना होगा। कानून का पालन करने वाले लोग फायदे में रहेंगे, जबकि कानून तोड़ने वालों के लिए प्रदेश में कोई स्थान नहीं है।
मंगलवार को टिकैतनगर के दुल्हदेपुर कुटी में आयोजित दशम श्री हनुमत विराट महायज्ञ एवं श्रीरामार्चा पूजन में शामिल हुए योगी आदित्यनाथ ने कहा कि बाबरी मस्जिद का पुनर्निर्माण कयामत तक संभव नहीं है। अयोध्या में रामलला के लिए भव्य मंदिर का निर्माण हो चुका है और वही स्थायी रहेगा। उन्होंने उन लोगों पर निशाना साधा जो अभी भी पुनर्निर्माण का भ्रम पाले हुए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जो लोग ऐसी कामना करते हैं, उनका सपना कभी पूरा नहीं होगा।
पूर्ववर्ती सरकारों पर हमला बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 से पहले उत्तर प्रदेश की स्थिति यह थी कि हर चौथे दिन शहरों में कर्फ्यू लग जाता था। अराजकता का आलम यह था कि लोग अपने पर्व और त्योहार शांतिपूर्वक नहीं मना सकते थे। आज प्रदेश में अराजकता पूरी तरह समाप्त हो चुकी है और विकास की एक नई लहर दिखाई दे रही है। उन्होंने कहा कि भारत और सनातन संस्कृति एक-दूसरे के पूरक हैं। वर्तमान में सनातन पर दुनिया भर से प्रहार हो रहे हैं, इसलिए सभी को सजग और संगठित रहने की जरूरत है। उन्होंने उन लोगों को सचेत किया जो देश और प्रदेश के विकास में बाधा डालने के लिए साजिशें रच रहे हैं।
विकास योजनाओं का विवरण देते हुए योगी आदित्यनाथ ने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार वर्तमान में एक करोड़ 16 लाख परिवारों को सालाना पेंशन दे रही है। इसके साथ ही लगभग 16 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन और पांच करोड़ 46 लाख लोगों को आयुष्मान भारत योजना के तहत स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान की जा रही है। उन्होंने बाराबंकी के निवासियों के लिए एक बड़ी घोषणा करते हुए जिले में विकास प्राधिकरण स्थापित करने का निर्देश दिया।
इस कार्यक्रम में 79 जोड़ों का सामूहिक विवाह भी संपन्न हुआ, जिन्हें मुख्यमंत्री ने स्वयं आशीर्वाद दिया। इस अवसर पर बाराबंकी और अयोध्या के कई प्रमुख संत-महंत, भाजपा पदाधिकारी और बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। कार्यक्रम में गोंडा, बहराइच, सुल्तानपुर और श्रावस्ती जैसे पड़ोसी जिलों से भी बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। संत बलराम दास ने मुख्यमंत्री का स्वागत मखाने और लावा की माला पहनाकर किया। उन्होंने अंत में दोहराया कि प्रदेश की कानून व्यवस्था अब अत्यंत सुदृढ़ है और सरकार विकास के विरोधियों की किसी भी साजिश को सफल नहीं होने देगी।