Cricket: टी20 विश्व कप में भारत और पाकिस्तान महामुकाबले पर संकट, बहिष्कार की घोषणा से क्रिकेट जगत में हड़कंप – The Hill News

Cricket: टी20 विश्व कप में भारत और पाकिस्तान महामुकाबले पर संकट, बहिष्कार की घोषणा से क्रिकेट जगत में हड़कंप

नई दिल्ली, 2 फरवरी।

टी20 विश्व कप 2026 के आगाज से पहले क्रिकेट जगत में एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। पाकिस्तान सरकार ने एक चौंकाने वाला फैसला लेते हुए घोषणा की है कि उनकी टीम टूर्नामेंट में तो हिस्सा लेगी, लेकिन 15 फरवरी को कोलंबो में भारत के खिलाफ होने वाले मैच का पूरी तरह बहिष्कार करेगी। इस निर्णय के बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) और भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के बीच हलचल तेज हो गई है। यह पूरा विवाद आईसीसी द्वारा बांग्लादेश को टूर्नामेंट से बाहर किए जाने के बाद उपजा है।

दरअसल, बांग्लादेश ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए भारत में होने वाले अपने मैचों को किसी अन्य स्थान पर स्थानांतरित करने की मांग की थी, जिसे आईसीसी ने खारिज कर दिया। इसके विरोध में अब पाकिस्तान ने भारत के खिलाफ मैच न खेलने का फैसला किया है। पाकिस्तान सरकार के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल से स्पष्ट किया गया कि उनकी टीम मैदान पर नहीं उतरेगी। इस घटनाक्रम पर आईसीसी ने सख्त रुख अपनाते हुए पाकिस्तान को चेतावनी दी है। आईसीसी का कहना है कि किसी भी वैश्विक आयोजन में ‘चुनिंदा भागीदारी’ की अवधारणा खेल भावना और समानता के सिद्धांतों के खिलाफ है। इस मुद्दे पर चर्चा के लिए आईसीसी ने अगले 48 घंटों के भीतर एक उच्च स्तरीय बैठक बुलाई है।

इस बहिष्कार का सबसे बड़ा असर आर्थिक मोर्चे पर देखने को मिल सकता है। भारत और पाकिस्तान के बीच होने वाला मुकाबला केवल एक खेल नहीं, बल्कि करीब 4500 करोड़ रुपये (500 मिलियन अमेरिकी डॉलर) का एक विशाल बिजनेस है। इस एक मैच से विज्ञापन, टिकटों की बिक्री और ब्रॉडकास्टिंग राइट्स के जरिए भारी कमाई होती है। टीवी पर महज 10 सेकंड का विज्ञापन दिखाने के लिए कंपनियां 25 से 40 लाख रुपये तक खर्च करती हैं। यदि यह मैच रद्द होता है, तो ब्रॉडकास्टर्स और आईसीसी को भारी आर्थिक चोट पहुंचेगी। हालांकि बीसीसीआई दुनिया का सबसे अमीर बोर्ड होने के नाते इस झटके को सह सकता है, लेकिन पाकिस्तान के लिए यह नुकसान आत्मघाती साबित हो सकता है।

आईसीसी की संभावित कार्रवाई पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) की कमर तोड़ सकती है। सूत्रों के अनुसार, पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से पूरी तरह निलंबित किया जा सकता है, जैसा 1970 के दशक में दक्षिण अफ्रीका के साथ हुआ था। इसके अलावा, आईसीसी पाकिस्तान को मिलने वाले सालाना 285 करोड़ रुपये के रेवेन्यू पर रोक लगा सकती है। इतना ही नहीं, विदेशी खिलाड़ियों को पाकिस्तान सुपर लीग (पीएलएल) में खेलने के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) देने से भी मना किया जा सकता है, जिससे पाकिस्तान की घरेलू लीग बर्बाद होने की कगार पर पहुंच जाएगी।

इस पूरे घटनाक्रम पर बीसीसीआई के उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला ने कहा है कि भारतीय बोर्ड आईसीसी के साथ औपचारिक चर्चा होने तक कोई टिप्पणी नहीं करेगा। हालांकि, उन्होंने आईसीसी के कड़े बयान का समर्थन किया है। भारतीय टीम आईसीसी प्रोटोकॉल का पालन करते हुए श्रीलंका जाएगी, अभ्यास करेगी और निर्धारित समय पर स्टेडियम पहुंचेगी। मैच रेफरी की अंतिम घोषणा के बाद ही आगे की स्थिति स्पष्ट होगी। दूसरी ओर, पूर्व क्रिकेटर हरभजन सिंह ने इसे पाकिस्तान का एक ‘ड्रामा’ करार दिया है। पाकिस्तान टीम के कप्तान सलमान अली आगा ने कहा है कि यह फैसला पूरी तरह सरकार के नियंत्रण में है और खिलाड़ी केवल निर्देशों का पालन करेंगे। क्रिकेट के इस महामुकाबले पर मंडराते काले बादल अब आईसीसी की अगली बैठक के फैसलों पर टिके हैं।

 

Pls read:Cricket: टी20 वर्ल्ड कप के लिए ऑस्ट्रेलियाई टीम का ऐलान पैट कमिंस और स्टीव स्मिथ हुए बाहर

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *