Uttarakhand: रिटायर्ड प्रोफेसर को 24 घंटे रखा आनलाइन अरेस्ट, चार लाख रु भी ठगे

हल्द्वानी: साइबर अपराधियों ने एक बार फिर अपने जाल में एक बुजुर्ग को फंसा लिया है। इस बार उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय के सेवानिवृत्त प्रोफेसर हरिहर प्रसाद शुक्ला शिकार हुए हैं। मुंबई क्राइम ब्रांच के अधिकारी बनकर ठगों ने उन्हें ड्रग्स मामले में फंसाने की धमकी देकर उनके बैंक खाते से चार लाख रुपये ठग लिए। 24 घंटे वीडियो कॉल पर रखा बंधक: ठगों ने प्रोफेसर शुक्ला को फोन कर बताया कि उनके आधार कार्ड से ताइवान भेजे जा रहे एक पार्सल में ड्रग्स बरामद हुए हैं। इसके बाद उन्होंने उन्हें वीडियो कॉल पर 24 घंटे तक बंधक बनाए रखा और फर्जी जाँच के नाम पर उनके खाते से चार लाख रुपये ट्रांसफर करवा लिए। पुलिस ने शुरू की जाँच: प्रोफेसर शुक्ला ने घटना की जानकारी मुखानी थाने में दी है। पुलिस ने अज्ञात ठगों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जाँच शुरू कर दी है। ठगी का तरीका: ठगों ने खुद को मुंबई क्राइम ब्रांच का अधिकारी बताकर प्रोफेसर शुक्ला को फोन किया। उन्होंने कहा कि उनके आधार कार्ड से ताइवान भेजे जा रहे एक पार्सल में ड्रग्स बरामद हुए हैं। इसके बाद उन्होंने उन्हें वीडियो कॉल पर 24 घंटे तक बंधक बनाए रखा। फर्जी जाँच के नाम पर उन्होंने प्रोफेसर शुक्ला के खाते से चार लाख रुपये ट्रांसफर करवा लिए। पुलिस ने लोगों से की अपील: पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे अनजान नंबरों से आने वाले कॉल का जवाब न दें और किसी भी व्यक्ति को अपनी निजी जानकारी न बताएं। साथ ही, पुलिस ने कहा है कि किसी भी सरकारी एजेंसी द्वारा वीडियो कॉल पर जाँच नहीं की जाती है। यह घटना एक बार फिर साइबर अपराध के बढ़ते खतरे की ओर इशारा करती है। लोगों को इस तरह के अपराधों से बचने के लिए सतर्क रहने की आवश्यकता है।   Pls read:Uttarakhand:…

Uttarakhand: केरल में मामले मिलने के बाद इस वायरस को लेकर उत्तराखंड में अलर्ट

देहरादून: केरल में बतखों में एवियन इन्फ्लूएंजा वायरस की पुष्टि के बाद उत्तराखंड में भी बर्ड फ्लू का खतरा मंडरा रहा है। पशुपालन विभाग ने सभी जिलों में हाई अलर्ट जारी करते हुए पक्षियों की निगरानी बढ़ा दी है। पशुपालन निदेशक डॉ. नीरज सिंघल के निर्देशानुसार, सभी जिलों के पशु चिकित्सकों को बर्ड फ्लू के लक्षणों पर नजर रखने और पक्षियों की असामान्य मृत्यु होने पर तुरंत सूचित करने को कहा गया है। संदिग्ध मामलों में पक्षियों के नमूने जांच के लिए भोपाल स्थित हाई सिक्योरिटी एनिमल डिजीज लैब भेजे जाएंगे। प्रवासी पक्षियों पर विशेष नजर: प्रवासी पक्षियों के माध्यम से वायरस के प्रसार की आशंका को देखते हुए, प्रदेश भर में स्थित जलाशयों और उनके आसपास के क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखी जा रही है। वायरस की पुष्टि होने पर कड़ी कार्रवाई: यदि किसी क्षेत्र में बर्ड फ्लू की पुष्टि होती है, तो प्रभावित क्षेत्र के एक किलोमीटर के दायरे में आने वाले सभी मुर्गे–मुर्गियों को मार दिया जाएगा ताकि वायरस को फैलने से रोका जा सके। बर्ड फ्लू से बचाव के उपाय: संक्रमित पक्षियों को संभालते समय दस्ताने और मास्क पहनें। पोल्ट्री फार्म के आसपास साफ–सफाई रखें और बड़े पेड़ों की छंटाई करें। पक्षियों में असामान्य लक्षण दिखने पर तुरंत पशु चिकित्सक से संपर्क करें। उत्तराखंड सरकार बर्ड फ्लू के खतरे से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है और स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए है।   pls read:Uttarakhand: जल्द जंगलों…

Canada: निज्जर हत्याकांड में गिरफ्तार तीन भारतीय अदालत में पेश, खालिस्तानी समर्थकों का प्रदर्शन

सरे (ब्रिटिश कोलंबिया): खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के मामले में गिरफ्तार तीन भारतीय नागरिक मंगलवार को सरे प्रांतीय न्यायालय में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पेश हुए। अदालत के बाहर और परिसर में सैकड़ों खालिस्तान समर्थक जमा हुए, जिनमें से कुछ ने खालिस्तान के झंडे लहराए और नारेबाजी की। तीनों आरोपी, करणप्रीत सिंह, कमलप्रीत सिंह और करण बराड़, एडमोंटन के निवासी हैं और उन पर फर्स्ट–डिग्री हत्या और हत्या की साजिश रचने का आरोप है। निज्जर, एक कनाडाई नागरिक और खालिस्तानी आतंकी, की 18 जून को सरे में एक गुरुद्वारे के बाहर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले ने कनाडा और भारत के बीच तनाव बढ़ा दिया है, खासकर जब कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने निज्जर की हत्या में भारतीय एजेंसियों की संलिप्तता का आरोप लगाया था। भारत ने इन आरोपों को “बेतुका“ बताते हुए खारिज कर दिया है। अदालत में पेशी के दौरान, तीनों आरोपियों ने अपने वकीलों के माध्यम से कोई बयान नहीं दिया। अगली सुनवाई की तारीख अभी तय नहीं हुई है। इस बीच, कनाडा में सिख समुदाय और खालिस्तान समर्थकों के बीच इस मामले को लेकर तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। कई लोग निज्जर की हत्या की निंदा कर रहे हैं और न्याय की मांग कर रहे हैं, जबकि कुछ लोग खालिस्तान आंदोलन के समर्थन में प्रदर्शन कर रहे हैं। यह मामला अभी भी विकास के चरण में है और इसके कई कानूनी और राजनयिक पहलू हैं। आने वाले दिनों में इस मामले की जांच और अदालती कार्यवाही पर सभी की निगाहें रहेंगी।   pls read:US: जज हश मनी ट्रायल में जज डोनाल्ड…

Uttarakhand: जल्द जंगलों की आग पर पाया जाएगा काबू- सीएम धामी

सीएम धामी ने आज जंगलों में लग रही आग को लेकर समीक्षा बैठ में अफसरों को…

Uttarakhand: सेना में तैनात युवक पर महिला से दुष्कर्म कर वीडियो बनाने का आरोप, करता था ब्लैकमेलिंग

देहरादून। सेना में तैनात एक युवक पर शादीशुदा महिला के घर में घुसकर उसके साथ दुष्कर्म करने…

Uttarakhand: प्रेमिका के खर्चे पूरे करने के लिए मुन्नाभाई बना एमबीबीएस का छात्र

देहरादून। पुलिस ने राष्ट्रीय पात्रता व प्रवेश परीक्षा (नीट) में एक मुन्नाभाई को गिरफ्तार किया है।…

Himachal: भाजपा बागियों पर नहीं अपनों पर कांग्रेस को भरोसा, अब धर्मशाला से टिकट का इंतजार

शिमला। हिमाचल प्रदेश में 6 सीटों पर हो रहे विधानसभा उपचुनाव के लिए कांग्रेस पार्टी ने…

Uttarakhand: स्कूटी सवार युवक मसूरी मार्ग पर हुआ दुर्घटनाग्रस्त, हालत गंभीर

स्कूटी सवार युवक मसूरी मार्ग पर हुआ दुर्घटनाग्रस्त, गंभीर हालत में रेफर देहरादून – मसूरी मार्ग पर जेपी बैंड के पास एक स्कूटी सवार युवक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे गिर गया। गंभीर रूप से घायल युवक को उप जिला चिकित्सालय ले जाया गया, जहां से उसे हायर सेंटर रेफर कर दिया गया है। घटना का विवरण: घायल युवक की पहचान सागर (34 वर्ष), रायपुर निवासी के रूप में हुई है। सागर अपनी स्कूटी से अनियंत्रित होकर सड़क किनारे गिर गया, जिससे उसके सिर पर गंभीर चोटें आईं। स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचित किया, जिसके बाद पुलिस ने उसे एम्बुलेंस से उप जिला चिकित्सालय पहुँचाया। प्राथमिक उपचार के बाद, गंभीर हालत को देखते हुए उसे हायर सेंटर रेफर कर दिया गया। बताया जा रहा है कि युवक नशे की हालत में स्कूटी चला रहा था। हाल ही में हुई एक और दुर्घटना: यह घटना झड़ीपानी रोड पर कुछ दिनों पहले हुए एक बड़े सड़क हादसे के बाद हुई है, जिसमें पांच युवकों की दर्दनाक मौत हो गई थी और एक युवती की हालत गंभीर बनी हुई है। सुरक्षा का संदेश: यह दुर्घटना एक बार फिर सड़क सुरक्षा के महत्व को रेखांकित करती है। वाहन चलाते समय नशा करना बेहद खतरनाक है और इससे बचना चाहिए। सभी वाहन चालकों को यातायात नियमों का पालन करना चाहिए और सावधानी से वाहन चलाना चाहिए।   Pls…

Uttarakhand: जंगलों की आग बेकाबू, 910 घटनाओं में 1144 हेक्टेयर वन क्षेत्र खाक

देहरादून। उत्तराखंड में जंगल की बेकाबू आग के सामने वन विभाग की एक नहीं चल रही। जगह-जगह…

Congress: राहुल गांधी के बयान पर कुलपतियों का पलटवार, छिड़ी बहस

नई दिल्ली, भारत – लोकसभा चुनाव नज़दीक आते ही देश में राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। इसी बीच, कांग्रेस नेता राहुल गांधी के एक कथित बयान ने विवाद खड़ा कर दिया है। राहुल गांधी ने देश के विश्वविद्यालयों में कुलपतियों की नियुक्ति प्रक्रिया पर सवाल उठाए थे, जिसके जवाब में देश भर के कई कुलपतियों और शिक्षाविदों ने एक खुला पत्र लिखकर उनके बयान का विरोध किया है। खुले पत्र की मुख्य बातें: नियुक्ति प्रक्रिया का बचाव: पत्र में जोर देकर कहा गया है कि कुलपति चयन प्रक्रिया कठोर, पारदर्शी और योग्यता, शैक्षणिक विशिष्टता और ईमानदारी पर आधारित होती है। चयन पूरी तरह से शैक्षणिक और प्रशासनिक कौशल और विश्वविद्यालयों के नेतृत्व के दृष्टिकोण पर आधारित होता है। आरोपों का खंडन: कुलपतियों ने चयन प्रक्रिया में पक्षपात या अनियमितता के किसी भी दावे को स्पष्ट रूप से खारिज कर दिया है, और अपने विविध शैक्षणिक पृष्ठभूमि और पेशेवर अनुभवों को इसकी निष्पक्षता और समावेशिता के प्रमाण के रूप में उद्धृत किया है। ईमानदारी के प्रति प्रतिबद्धता: पत्र में शासन, नैतिक आचरण और संस्थागत अखंडता के उच्चतम मानकों को बनाए रखने की उनकी अटूट प्रतिबद्धता दोहराई गई है। रचनात्मक संवाद का आह्वान: शिक्षाविदों ने सभी हितधारकों से रचनात्मक चर्चा और सक्रिय भागीदारी का आग्रह किया है, और व्यक्तियों से तथ्यों को कल्पना से अलग करने और एक गतिशील और समावेशी शैक्षिक वातावरण बनाने के लिए अच्छी तरह से सूचित, रचनात्मक संवाद में शामिल होने का आग्रह किया है। प्रगति पर प्रकाश: पत्र में भारतीय विश्वविद्यालयों द्वारा की गई महत्वपूर्ण प्रगति की ओर इशारा किया गया है, जो वैश्विक रैंकिंग, मान्यता, अनुसंधान उत्पादन और उद्योग–शिक्षा सहयोग में परिलक्षित होती है, और शैक्षणिक गुणवत्ता और सामाजिक प्रासंगिकता के प्रति उनकी प्रतिबद्धता की पुष्टि करती है। कार्रवाई की मांग: कुलपतियों का मानना ​​है कि राहुल गांधी ने राजनीतिक लाभ के लिए झूठ का सहारा लिया है और कुलपति के पद को बदनाम किया है। उन्होंने उनके खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई की मांग की है। कांग्रेस की प्रतिक्रिया: यूपी कांग्रेस अध्यक्ष का जवाबी तर्क: यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने जवाब देते हुए कहा कि कुलपतियों की नियुक्ति उनकी योग्यता और अनुभव के आधार पर नहीं, बल्कि उनके “संघ आयु“ (आरएसएस से जुड़ाव) के आधार पर की जाती है। उन्होंने आरोप लगाया कि अगर आरएसएस या भाजपा से जुड़े व्यक्ति विश्वविद्यालयों में नियुक्त किए जाते हैं तो पारदर्शिता नहीं होगी। निहितार्थ: यह विवाद शिक्षण संस्थानों के राजनीतिकरण और भारत में स्वायत्तता और शैक्षणिक स्वतंत्रता पर चल रही बहस को उजागर करता है। खुला पत्र और कांग्रेस की प्रतिक्रिया शिक्षा में विचारधारा की भूमिका और प्रभाव के बारे में भारतीय समाज के भीतर गहरे विभाजन को दर्शाती है। यह मुद्दा आगामी चुनावों में विवाद का विषय बना रहने की संभावना है, क्योंकि दोनों पक्ष इसका इस्तेमाल अपने समर्थकों को लामबंद करने के लिए करेंगे।   Pls…