देहरादून: राजधानी देहरादून के लक्ष्मण चौक स्थित खुडबुड़ा बस्ती में रविवार को एक बड़ा हादसा होते–होते टल गया। यहां सिलेंडर फटने से भीषण आग लग गई, जिससे पूरे इलाके में अफरा–तफरी मच गई। जानकारी के मुताबिक, बस्ती में एक के बाद एक 8 से 10 छोटे सिलेंडर फट गए, जिससे आग तेजी से फैल गई। घटना के वक्त मकान के अंदर करीब 60 से 70 लोग मौजूद थे, जिन्हें तुरंत रेस्क्यू कर बाहर निकाला गया। गनीमत रही कि इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन आग इतनी भयावह थी कि घर का सारा सामान जलकर राख हो गया। आसपास के कुछ घरों को भी नुकसान पहुंचा है। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाया। कुछ बच्चों के झुलसने की भी खबर है, जिन्हें तुरंत उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया। फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है। पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंचकर जांच में जुट गई है। साथ ही, प्रभावित परिवारों को राहत सामग्री भी मुहैया कराई जा रही है। Pls read_Uttarakhand: मसूरी के पास दर्दनाक कार हादसा, तीन लोगों की…
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Uttarakhand: मसूरी के पास दर्दनाक कार हादसा, तीन लोगों की मौत
मसूरी: उत्तराखंड के मसूरी में शनिवार को एक दर्दनाक हादसा हो गया। हाथीपांव रोड पर एक कार अनियंत्रित होकर गहरी खाई में जा गिरी, जिससे उसमें सवार तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। जिला नियंत्रण कक्ष से मिली सूचना के बाद SDRF की टीम तुरंत घटनास्थल पर पहुंची और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। कार लगभग 500 मीटर गहरी खाई में गिरी थी, जिससे रेस्क्यू टीम को काफी मशक्कत करनी पड़ी। रस्सियों की मदद से टीम खाई में उतरी और दो शवों को बाहर निकाला। तीसरे व्यक्ति का शव स्थानीय लोगों ने पहले ही निकाल लिया था। पुलिस फिलहाल मृतकों की शिनाख्त करने की कोशिश कर रही है। शुरुआती जांच में हादसे की वजह तेज रफ्तार और खराब मौसम को बताया जा रहा है। यह घटना पहाड़ी इलाकों में वाहन चलाते समय सावधानी बरतने की जरूरत पर एक बार फिर जोर देती है। स्थानीय प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे पहाड़ी रास्तों पर गाड़ी चलाते समय गति सीमा का पालन करें और खराब मौसम में सतर्क रहें। Pls read:Uttarakhand: ऋषिकेश में कलयुगी पिता ने नाबालिक बेटी के साथ…
Uttarakhand: ऋषिकेश में कलयुगी पिता ने नाबालिक बेटी के साथ किया दुष्कर्म
ऋषिकेश से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है जहाँ एक पिता पर अपनी ही नाबालिग बेटी के साथ दुष्कर्म करने का आरोप लगा है। पुलिस ने इस मामले में कार्यवाही शुरू कर दी है और आरोपी की तलाश जारी है। मामले का सारांश: एक महिला ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है कि उनके पड़ोसी ने अपनी नाबालिग बेटी के साथ दुष्कर्म किया है। महिला का कहना है कि आरोपी पिछले कुछ दिनों से बच्ची का शोषण कर रहा था। पीड़िता ने अपनी मां को भी इस बारे में बताया था, लेकिन उसकी बातों को अनसुना कर दिया गया। इसके बाद बच्ची ने पड़ोस की एक महिला को आपबीती सुनाई जिसने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस की कार्यवाही: पुलिस ने आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। पीड़िता को मेडिकल जांच के लिए भेजा गया है। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम गठित कर तलाश की जा रही है। यह घटना पिता–पुत्री के पवित्र रिश्ते को कलंकित करने वाली है। जितेंद्र चौधरी ने बताया कि…
Himachal: हाईकोर्ट ने 15 माननीयों के खिलाफ आपराधिक मामले वापस लेने को दी अनुमति, सीएम सुक्खू को राहत
शिमला – हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू, उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री सहित 15 माननीयों के खिलाफ दर्ज आपराधिक मामलों को वापस लेने की अनुमति दे दी है। कोर्ट ने सरकार के इस आवेदन को आंशिक रूप से स्वीकार करते हुए कहा कि यह नेकनीयती से दायर किया गया है। प्रमुख बिंदु: राजनीतिक द्वेष का आरोप: सरकार ने कोर्ट से 65 मामलों को वापस लेने की अनुमति मांगी थी, जिनके बारे में दावा किया गया था कि वे राजनीतिक द्वेष के कारण दर्ज किए गए थे। कुछ मामलों को वापस लेने से इनकार: कोर्ट ने सुखविंदर सिंह सुक्खू के 3 में से 2, राकेश सिंघा के 26 में से 22, जितेंद्र चौधरी के 4 में से 3, लोकिंदर कुमार के 3 में से 2 और अन्य नेताओं के कुछ मामलों को वापस लेने की अनुमति दी है। हालांकि, विक्रमादित्य सिंह, अनिरुद्ध सिंह और भुवनेश्वर गौड़ सहित कुछ अन्य नेताओं के खिलाफ दर्ज मामलों को वापस लेने की अनुमति देने से इनकार कर दिया गया है। विशेष अदालतों का गठन: सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार विधायकों और सांसदों के खिलाफ दर्ज मामलों के त्वरित निपटारे के लिए विशेष अदालतों का गठन किया गया है। निष्कर्ष: हाईकोर्ट के इस फैसले से राज्य की राजनीति में हलचल मच गई है। विपक्षी दल इस फैसले की आलोचना कर रहे हैं और इसे सरकार द्वारा अपने नेताओं को बचाने का प्रयास बता रहे हैं। वहीं, सत्ता पक्ष का कहना है कि ये मामले राजनीतिक द्वेष के कारण दर्ज किए गए थे और इन्हें वापस लेना जरूरी था। Pls read:Himachal: तीन निर्दलीय विधायकों के इस्तीफे…
Uttarakhand: हल्द्वानी में ड्रग्स और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप के घर ईडी का छापा, एक गिरफ्तार
हल्द्वानी – अमेरिका में प्रतिबंधित दवाओं की बिक्री और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपी बनमीत नरूला के हल्द्वानी स्थित घर पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शुक्रवार को छापा मारा। ईडी की टीम ने 24 घंटे तक घर की तलाशी ली और कई महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए। साथ ही, बनमीत के एक परिवारिक सदस्य को गिरफ्तार कर अपने साथ ले गई। बनमीत नरूला का मामला: अप्रैल 2019 में लंदन में गिरफ्तार हुआ था। मार्च 2023 में अमेरिका प्रत्यर्पित किया गया। जनवरी 2023 में अपना जुर्म कबूल किया। अमेरिकी कोर्ट ने डार्क वेब में ड्रग्स बेचने के आरोप में 5 साल की सजा सुनाई। 150 मिलियन डॉलर जब्त करने का भी आरोप। ईडी की कार्रवाई: शुक्रवार सुबह 5 बजे ईडी और देहरादून पुलिस की टीम ने बनमीत के घर पर छापा मारा। 24 घंटे तक घर की तलाशी ली गई और कई महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए गए। बनमीत के परिवारिक सदस्य तरविंदर सिंह को गिरफ्तार किया गया। बैंक लेनदेन के मामले की जांच के लिए दस्तावेजों की जांच की जा रही है। सारांश: ईडी की कार्रवाई से हल्द्वानी में हड़कंप मच गया है। ड्रग्स और मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में ईडी की जांच जारी है और आगे भी कुछ और गिरफ्तारियां हो सकती हैं। Pls…
Uttarakhand: नैनीताल में वायुसेना ने संभाला मोर्चा, हेलीकाप्टर से बुझाई जंगल की आग
नैनीताल – उत्तराखंड के जंगलों में लगी आग को बुझाने के लिए वायुसेना ने मोर्चा संभाल लिया है। नैनीताल के लड़ियाकांटा क्षेत्र में लगी आग एयरफोर्स स्टेशन की तरफ बढ़ रही थी, जिस पर काबू पाने के लिए वन विभाग और सेना के प्रयास नाकाफी साबित हुए। इस स्थिति में वायुसेना ने हेलीकॉप्टर की मदद से आग बुझाने का अभियान शुरू किया। हेलीकॉप्टर से पानी की बौछार: शुक्रवार शाम को दो हेलीकॉप्टर नैनीताल पहुँचे थे। शनिवार सुबह 7:30 बजे से हेलीकॉप्टरों ने भीमताल झील से पानी भरकर जंगल में बौछार शुरू की। लगभग दो घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। पानी की आवश्यकता के लिए नौकायन बंद: प्रशासन ने पानी की आवश्यकता को पूरा करने के लिए नैनीताल, भीमताल, सातताल और नौकुचियाताल झील में नौकायन पर रोक लगा दी। कुमाऊँ के अन्य जंगलों में भी मदद की संभावना: प्रशासन के अनुसार कुमाऊँ क्षेत्र के अन्य जंगलों में भी स्थिति बिगड़ने पर वायुसेना की मदद ली जा सकती है। इससे पहले 2016 में भी उत्तराखंड में जंगलों की आग पर काबू पाने के लिए वायुसेना की मदद ली गई थी। सारांश: वायुसेना के हेलीकॉप्टरों की मदद से नैनीताल के लड़ियाकांटा क्षेत्र में लगी आग पर काबू पा लिया गया है। यह घटना उत्तराखंड में जंगलों में लगने वाली आग की गंभीरता को दर्शाती है और आपदा प्रबंधन में वायुसेना की भूमिका को रेखांकित करती है। pls read:Uttarakhand: उत्तराखंड…
Uttarakhand: उत्तराखंड में मई-जून में हीट वेव का अलर्ट, बचाव के उपायों पर जोर
देहरादून – उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (USDMA) ने हीट वेव को लेकर आयोजित एक राज्य स्तरीय कार्यशाला में चेतावनी दी है कि मई–जून महीने में उत्तराखंड में हीट वेव का प्रकोप देखने को मिल सकता है। मौसम विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक रोहित थपलियाल ने कार्यशाला में हीट वेव के विभिन्न चरणों और बचाव के तरीकों पर जानकारी दी। हीट वेव की स्थिति: मैदानी क्षेत्रों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस और पहाड़ी क्षेत्रों में 30 डिग्री सेल्सियस तक पहुँचने पर हीट वेव की स्थिति बनती है। लगातार दो दिनों तक सामान्य से 4.5 से 6.5 डिग्री सेल्सियस अधिक तापमान रहने पर हानिकारक हीट वेव या लू चलने की संभावना होती है। गर्म हवा की लंबे समय तक मौजूदगी, ऊपरी वायुमंडल में नमी की कमी और साफ आसमान भी हीट वेव की स्थिति पैदा कर सकते हैं। बचाव के उपाय: स्वास्थ्य विभाग की डॉ. सुजाता ने अत्यधिक गर्मी से बचने के लिए निम्नलिखित उपाय सुझाए हैं: खूब पानी पिएं, प्यास न लगने पर भी पानी पीते रहें। हल्के रंग के ढीले–ढाले सूती कपड़े पहनें। धूप में निकलने से बचें, खासकर दोपहर के समय। धूप में निकलना ज़रूरी हो तो सिर को ढककर रखें, धूप का चश्मा और छाता का उपयोग करें। अधिक समय तक बाहर रहने से बचें, ठंडी जगह पर आराम करें। तरल पदार्थों का सेवन करें, जैसे नींबू पानी, छाछ, लस्सी आदि। ताज़े फल और सब्जियों का सेवन करें। शराब, चाय, कॉफी और कार्बोनेटेड पेय पदार्थों से बचें, ये शरीर को डिहाइड्रेट करते हैं। अगर चक्कर आना, सिरदर्द, जी मिचलाना, शरीर में ऐंठन जैसे लक्षण दिखें तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।…
Chardham Yatra: तैयारियों पर मुख्यमंत्री धामी की बैठक, अधिकारियों को दिये सख्त निर्देश
देहरादून: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चारधाम यात्रा की तैयारियों की समीक्षा बैठक की और अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि यात्रा शुरू होने से पहले सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी कर ली जाएं। मुख्य निर्देश: सचिवों द्वारा स्थलीय निरीक्षण: सभी विभागों के सचिवों को यात्रा मार्गों का स्थलीय निरीक्षण कर व्यवस्थाओं को समय पर पूरा कराने के निर्देश दिए गए हैं। साप्ताहिक समीक्षा बैठक: मुख्य सचिव हर हफ्ते चारधाम यात्रा व्यवस्थाओं की समीक्षा बैठक करेंगी। डीजीपी द्वारा निरीक्षण: डीजीपी को भी यात्रा से पहले स्थलीय निरीक्षण कर पुलिस और कानून व्यवस्था का जायजा लेने के निर्देश दिए गए हैं। बुजुर्गों के लिए स्वास्थ्य सुविधाएं: यात्रा मार्ग पर बुजुर्ग श्रद्धालुओं के लिए जगह–जगह प्राइवेट हेल्थकेयर टेस्टिंग किट की व्यवस्था की जाएगी। प्लास्टिक और कूड़ा प्रबंधन: यात्रा मार्गों पर प्लास्टिक और कूड़ा प्रबंधन के लिए बेहतर व्यवस्थाएं की जाएंगी। घोड़े–खच्चर चालकों का वेरिफिकेशन: घोड़े और खच्चर चालकों का वेरिफिकेशन कराया जाएगा और उनका पुलिस और आपराधिक रिकॉर्ड चेक किया जाएगा। घोड़े–खच्चरों का स्वास्थ्य परीक्षण भी कराया जाएगा। श्रद्धालुओं से शालीनतापूर्ण व्यवहार: मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि यात्रा पर आने वाले सभी श्रद्धालुओं से शालीनतापूर्ण व्यवहार किया जाए। अन्य व्यवस्थाएं: यात्रा मार्गों पर विद्युत, पेयजल, सड़क, शौचालय आदि की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। सुरक्षाकर्मियों को अलर्ट मोड पर रहने और वाहन चालकों के लिए उचित व्यवस्था करने के निर्देश भी दिए गए हैं। सूचना तंत्र: श्रद्धालुओं को आवश्यक सूचनाएं समय पर मिल सकें, इसके लिए सूचना तंत्र को मजबूत किया जाएगा। सोशल मीडिया का बेहतर उपयोग किया जाएगा। निर्देशिका: होटल, गेस्ट हाउस और होम स्टे में चारधाम यात्रा से संबंधित निर्देशिका विभिन्न भाषाओं में उपलब्ध कराई जाएगी। वनाग्नि पर भी नजर: मुख्यमंत्री ने कहा कि चारधाम यात्रा के साथ ही वनाग्नि को रोकना भी महत्वपूर्ण है। उन्होंने वन विभाग और अन्य विभागों को अलर्ट मोड पर रहने और वनाग्नि की रोकथाम के लिए सूचना तंत्र को मजबूत करने के निर्देश दिए हैं। चारधाम यात्रा की तिथियाँ:…
Uttarakhand: उत्तराखंड में बिजली हुई महंगी, आम आदमी को 7 फीसद तक का झटका
उत्तराखंड: प्रदेश में बिजली उपभोक्ताओं को बड़ा झटका लगा है। उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग ने बिजली दरों में करीब 7 प्रतिशत की बढ़ोतरी की घोषणा की है। नई दरें आज से ही लागू हो गई हैं। कितनी बढ़ी दरें? घरेलू उपभोक्ता: 100 यूनिट तक: 25 पैसे प्रति यूनिट की बढ़ोतरी 101 से 200 यूनिट: 30 पैसे प्रति यूनिट की बढ़ोतरी 201 से 400 यूनिट: 40 पैसे प्रति यूनिट की बढ़ोतरी सोलर वॉटर हीटर: 75 रुपये प्रति 50 लीटर की छूट जारी रहेगी। किनको राहत? बीपीएल परिवार: प्रदेश के लगभग 4.5 लाख बीपीएल परिवारों के लिए बिजली दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। स्नो बाउंड क्षेत्र: बर्फ़बारी से प्रभावित क्षेत्रों में भी बिजली की दरें नहीं बढ़ाई गई हैं। फिक्स्ड चार्ज: किसी भी श्रेणी के लिए फिक्स्ड चार्ज में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है। Pls read:Uttarakhand: हेडमास्टर…
Himachal: तीन निर्दलीय विधायकों के इस्तीफे पर सुनवाई 30 अप्रैल तक टली
शिमला: हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट में तीन निर्दलीय विधायकों के इस्तीफों को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई 30 अप्रैल तक के लिए टल गई है। विधायकों ने अपने इस्तीफे स्वीकार न करने और स्पीकर द्वारा कारण बताओ नोटिस जारी करने के खिलाफ हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। मामले की पृष्ठभूमि: देहरा से निर्दलीय विधायक होशियार सिंह चंब्याल, नालागढ़ से केएल ठाकुर और हमीरपुर से आशीष शर्मा ने 22 मार्च को विधानसभा अध्यक्ष और सचिव को अपने इस्तीफे सौंपे थे। राज्यपाल को भी इस्तीफों की प्रतियां दी गई थीं। विधायकों का आरोप है कि स्पीकर ने उनके इस्तीफे स्वीकार नहीं किए और इस्तीफे के कारण बताने के लिए नोटिस जारी किया। विधायकों का पक्ष: विधायकों के वकील ने कहा कि उनके मुवक्किलों ने अपनी मर्जी से इस्तीफे दिए हैं और उन्हें कारण बताने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि स्पीकर ने भी उनके इस्तीफे की बात स्वीकार की है, फिर भी उन्हें मंजूरी नहीं दी जा रही है। विधायकों का कहना है कि स्पीकर के जवाब से उनकी दुर्भावना जाहिर होती है, जिसमें उन पर राज्यसभा चुनाव के दौरान भाजपा प्रत्याशी के पक्ष में वोट डालने का दबाव होने का आरोप लगाया गया है। स्पीकर का पक्ष: स्पीकर के वकील ने कहा कि अदालत स्पीकर को उनके संवैधानिक दायित्वों का निर्वहन करने से नहीं रोक सकती। स्पीकर को इस्तीफे के कारणों की जांच करने का अधिकार है। उन्होंने कहा कि राज्यसभा चुनाव के बाद ये निर्दलीय विधायक सीआरपीएफ की सुरक्षा में प्रदेश से बाहर रहे और इसी सुरक्षा में आकर अपने इस्तीफे सौंपे, जो दबाव में होने का संकेत देता है। अगली सुनवाई 30 अप्रैल को: दोनों पक्षों की बहस पूरी न होने के कारण हाईकोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 30 अप्रैल को तय की है। उस दिन स्पीकर की ओर से बहस पूरी की जाएगी और उसके बाद कोर्ट अपना फैसला सुना सकता है। Pls read:Himachal: विक्रमादित्य…