Uttarakhand: उत्तराखंड में 2027 की तैयारी भाजपा ने हिंदुत्व और धामी मॉडल पर साफ की रणनीति

हल्द्वानी। उत्तराखंड में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर भाजपा ने अपनी चुनावी दिशा के संकेत देना शुरू कर दिए हैं। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के हल्द्वानी दौरे और उनके संबोधन को राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बुधवार को प्रदेश भाजपा की विस्तारित कार्यसमिति की बैठक में उन्होंने कांग्रेस और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर निशाना साधने के साथ पार्टी की वैचारिक प्राथमिकताओं को भी सामने रखा।

नितिन नवीन का उत्तराखंड में यह दूसरा प्रवास बताया जा रहा है, जिसे 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों से जोड़कर देखा जा रहा है। उनके भाषण में हिंदुत्व, राष्ट्रवाद और प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता मिली। वंदे मातरम को लेकर विवाद का उल्लेख करते हुए उन्होंने राहुल गांधी को संबोधित करने के लिए ‘राहुल मियां’ शब्द का इस्तेमाल किया। राजनीतिक जानकार इसे भाजपा की आगामी चुनावी रणनीति में सांस्कृतिक और हिंदुत्व से जुड़े मुद्दों के महत्व के संकेत के तौर पर देख रहे हैं।

हिंदुत्व के मुद्दे पर भाजपा का जोर

नितिन नवीन ने कांग्रेस के कथित ‘शुद्धीकरण’ संबंधी मुद्दे पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने उत्तराखंड की धार्मिक और सांस्कृतिक भावनाओं का उल्लेख करते हुए कांग्रेस पर निशाना साधा। उनके संबोधन में धर्म और देवभूमि की पहचान से जुड़े संदर्भ लगातार दिखाई दिए। इससे संकेत मिलता है कि भाजपा आगामी चुनाव में अपने पारंपरिक वैचारिक मुद्दों को प्रमुखता से जनता के बीच ले जाने की तैयारी में है।

कार्यक्रम से पहले मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नितिन नवीन को नीम करौरी बाबा की तस्वीर भेंट की। राष्ट्रीय अध्यक्ष ने अपने संबोधन में बाबा नीम करौरी का उल्लेख किया और उनके जीवन पर आधारित फिल्म देखने की इच्छा भी जताई। उन्होंने माता नंदा-सुनंदा को नमन करते हुए उत्तराखंड की धार्मिक आस्था और परंपराओं का जिक्र किया। गंगा आरती और देवभूमि को ऊर्जा की भूमि बताने जैसे संदर्भ भी उनके भाषण का हिस्सा रहे।

धामी मॉडल को राष्ट्रीय नेतृत्व का समर्थन

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में लिए गए कई फैसलों की सराहना की। समान नागरिक संहिता यानी यूसीसी, महिलाओं को क्षैतिज आरक्षण और शहीदों के आश्रितों से जुड़े निर्णयों को उन्होंने सरकार की उपलब्धियों के तौर पर रेखांकित किया।

राजनीतिक दृष्टि से इन फैसलों की सराहना को 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए धामी सरकार के कामकाज को पार्टी के केंद्रीय चुनावी संदेश का हिस्सा बनाने की तैयारी के रूप में देखा जा रहा है। भाजपा प्रदेश में सरकार के फैसलों और विकास कार्यों को जनता तक पहुंचाने की रणनीति पर काम कर रही है।

उत्तराखंड के गठन का श्रेय लेने की कोशिश

नितिन नवीन ने अपने भाषण में उत्तराखंड के साथ छत्तीसगढ़ और झारखंड के गठन का भी उल्लेख किया। उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि इन राज्यों के गठन को लेकर भाजपा की भूमिका को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। इसके जरिए उन्होंने भाजपा को उत्तराखंड की पहचान और विकास से जोड़ने की कोशिश की।

विकास और विरासत दोनों पर फोकस

भाजपा का जोर अब सरकार के विकास कार्यों के साथ सांस्कृतिक मुद्दों को भी चुनावी विमर्श का हिस्सा बनाने पर है। पार्टी यूसीसी, धर्मांतरण कानून, नकल विरोधी सख्त प्रावधान और महिला सशक्तिकरण जैसे फैसलों को अपनी उपलब्धियों के रूप में जनता के बीच ले जाने की तैयारी में है।

सीमांत क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे के विकास, चारधाम और आदि कैलाश क्षेत्र में सुविधाओं के विस्तार तथा धार्मिक पर्यटन से जुड़े कार्यों को भी सरकार के रिपोर्ट कार्ड में शामिल किया जा रहा है। भाजपा संगठन का लक्ष्य इन उपलब्धियों को प्रदेश के हर हिस्से और घर तक पहुंचाना है।

2027 के चुनाव को देखते हुए नितिन नवीन के दौरे से पार्टी ने यह संकेत देने की कोशिश की है कि उत्तराखंड में चुनावी अभियान विकास, सांस्कृतिक पहचान और भाजपा की वैचारिक राजनीति के इर्द-गिर्द आगे बढ़ेगा।

 

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