कालाबाजारी और मुनाफाखोरी करने वालों पर होगी कठोर कार्रवाई
देहरादून। उत्तराखंड में बढ़ती महंगाई और आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में हो रहे उतार-चढ़ाव को देखते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कड़ा रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री ने शासन के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर निर्देश दिए हैं कि प्रदेश में दैनिक उपयोग की वस्तुओं और खाद्य सामग्री के मूल्यों पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि आम जनता को उचित दरों पर सामग्री उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है और इसमें किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
पुष्कर सिंह धामी ने विशेष रूप से उन तत्वों को चेतावनी दी है जो कालाबाजारी, जमाखोरी और मुनाफाखोरी के माध्यम से बाजार में कृत्रिम कमी पैदा कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे लोग जो अपने निजी लाभ के लिए आवश्यक वस्तुओं के दाम बढ़ा रहे हैं, उनके विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि बाजार की स्थिति पर नजर रखने के लिए एक सक्रिय निगरानी तंत्र विकसित किया जाए, ताकि किसी भी अनियमितता को समय रहते पकड़ा जा सके।
नियमित निगरानी और बाजार निरीक्षण के निर्देश
मुख्यमंत्री ने खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे बाजार में आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता और उनके दैनिक मूल्यों की रिपोर्ट तैयार करें। उन्होंने कहा कि मांग और आपूर्ति के बीच संतुलन बनाए रखना आवश्यक है ताकि उपभोक्ताओं को अधिक दाम न चुकाने पड़ें। इसके साथ ही उन्होंने जिला प्रशासन के अधिकारियों को भी सक्रिय होने के लिए कहा है।
मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुसार, सभी जनपदों के जिलाधिकारियों को अपने क्षेत्रों में नियमित रूप से बाजारों का निरीक्षण करना होगा। इस दौरान न केवल कीमतों की जांच की जाएगी, बल्कि व्यापारियों के स्टॉक की स्थिति का भी सत्यापन किया जाएगा। यदि कहीं भी निर्धारित मानकों का उल्लंघन पाया जाता है या यह पाया जाता है कि स्टॉक को जानबूझकर छिपाकर रखा गया है, तो संबंधित व्यक्ति या फर्म के खिलाफ तत्काल मुकदमा दर्ज कर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
आम जनता के हितों की रक्षा सर्वोपरि
मुख्यमंत्री ने कहा कि आवश्यक वस्तुओं के मूल्यों में होने वाली अनावश्यक वृद्धि का सबसे अधिक प्रभाव मध्यम और निम्न आय वर्ग के परिवारों पर पड़ता है। इससे आम नागरिकों का घरेलू बजट बिगड़ जाता है, जो चिंता का विषय है। उन्होंने अधिकारियों को आपसी समन्वय से कार्य करने की सलाह दी ताकि शासन और जिला प्रशासन के बीच सूचनाओं का आदान-प्रदान त्वरित गति से हो सके।
| प्रशासन के लिए मुख्यमंत्री के मुख्य दिशा-निर्देश |
| जमाखोरी पर लगाम: संदिग्ध गोदामों और व्यापारिक प्रतिष्ठानों पर नियमित छापेमारी की जाए। |
| मूल्य सूची का प्रदर्शन: दुकानों पर आवश्यक वस्तुओं की आधिकारिक रेट लिस्ट चस्पा करना अनिवार्य हो। |
| कृत्रिम कमी की जांच: बाजार में माल की आपूर्ति जानबूझकर रोकने वालों की पहचान कर सख्त सजा दी जाए। |
| त्वरित शिकायत निवारण: अनियमितता की शिकायत मिलने पर प्रशासन बिना विलंब किए मौके पर कार्रवाई करे। |
पुष्कर सिंह धामी ने बैठक के अंत में दोहराया कि राज्य सरकार आम जनता के हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि मूल्य नियंत्रण की व्यवस्था प्रभावी और पारदर्शी होनी चाहिए ताकि पारदर्शिता बनी रहे। शासन के उच्चाधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे मुख्यमंत्री कार्यालय को इस संबंध में की गई कार्रवाइयों की नियमित अपडेट प्रदान करें। सरकार का यह कदम त्योहारों और आगामी समय में बाजार में स्थिरता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उठाया गया है, जिससे उपभोक्ताओं को आर्थिक शोषण से बचाया जा सके।